छठ पर दिल्ली में बनेंगे 1400 से अधिक घाट, सीएम ने दिए निर्देश

खबर सार :-

दिल्ली सरकार ने निर्णय किया है कि छठ पूजा पर विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभागों के अधिकारी छठ की तैयारी समय पर कर लें।
Chhath पर विदेशों से आएंगे मेहमान, सजाई जाएगी Delhi

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, दिल्ली में छठ पर्व की तैयारियांं शुरू कर दी गई हैं। इस बार सरकार भी छठ पर्व मनाने वालों के लिए पानी, बिजली, सफाई और घाटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दे रही है। मंगलवार को छठ पर्व की तैयारियों के संबंध में एक बैठक की थी। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहीं। उन्होंनेे अधिकारियों को भी बैठक में बुलाया था। इनमें कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, छठ पूजा समिति के पदाधिकारी विधायक अभय वर्मा, चंदन कुमार चौधरी, संदीप सहरावत, राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, नई दिल्ली पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, अग्निशमन सेवा की मौजूदगी रही। 

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1400 से अधिक घाट बनाए जाएंगे

इस बैठक में तय किया गया कि छठ पर दिल्ली में 1400 से अधिक घाट बनाए जाएंगे। 6 नवंबर तक सभी प्रकार की तैयारी पूरी करनी हैं। दिल्ली में छठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहते हैं। इनमें विदेशों से आए लोग भी छठ पर्व देखते हैं। कुछ लोग भारत की परंपरा मानते हैं, वह छठ की पूजा करते हैं। सरकार की जिम्मेदारी बताते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि व्रतियों और उनके परिवारों को पूजा के लिए प्रमुख व्यवस्थाएं पूरी होनी चाहिए। एक बड़ी बात सीएम ने कही कि इस बार विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार 16 नवंबर को अवकाश घोषित करने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष छठ पूजा की शुरुआत 13 नवंबर से होगी जो 16 नवंबर तक रहेगी। 

दिल्ली की सीएम ने कहा इसबार का मौसम पिछले साल से अलग है। अपेक्षाकृत थोड़ा देर से छठ पर्व का मौका इस बार आ रहा है। पिछले साल तो बारिश का माहौल चल रहा था। छठ के दिन बारिश भी हुई थी। सीएम ने यही समझाते हुए कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारी छठ पूजा के लिए लगभग 1400 से अधिक घाट बनाए जाने की संभावना हैं। पिछले वर्ष 1326 घाट बनाए गए थे। केवल पानी भरने, टेंट लगाने और अंतिम सफाई जैसे कार्य बाद के लिए छोड़ें। समस्त तैयारी कर लें। 

दो दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगी

बैठक में शौचालयों और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम पर बात की गईं। इसमें कहा गया कि घाटों पर संख्या में कपड़े बदलने के लिए केबिन बनाए। कीचड़ वाली जगह पर ध्यान देकर व्यवस्था बनाकर चलें। किसी के फिसलने जैसी हालात न बनें। उन्होंने संबंधित विभागों को घाटों के साथ-साथ उनके आसपास के पूरे क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा संध्या अर्घ्य से पहले, शाम की पूजा के बाद रात में और सुबह उषा अर्घ्य के बाद तत्काल सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए। 15 और 16 नवंबर को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगी। ज्यादा जगहों पर डस्टबिन लगाएं। 

मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी

कई जगहों पर नए घाट हैं। इनके लिए सड़कें दुरुस्त की जाएंगी। जहां पर सड़क नहीे है, वहां पर मलबा बिछाया जाएगा। उपलब्ध स्प्रिंकलर और अन्य मशीनरी का पूरा उपयोग किया जाए। सड़क के बीच बने सेंट्रल वर्ज और मरम्मत स्थलों पर पड़े पुराने पत्थरों तथा मलबे को भी हटाया जाए। छठ पूजा के अगले दिन उषा अर्घ्य के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और सूचना के इंतजाम करने को कहा गया है।

घाटों तक आने वाले मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बड़े और भीड़भाड़ वाले घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित करने तथा दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे घाटों के पास फायर टेंडर तैनात रखने, जबकि ट्रैफिक पुलिस को स्थानीय आयोजकों के साथ समन्वय कर पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और जरूरत के अनुसार सड़क बंद करने की जानकारी पहले से साझा करने को कहा।

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