भारत और दक्षिण कोरिया के नौसैनिक करेंगे द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास, आपरेशनल अनुभव साझा करेंगी दोनों नौसेनाएं

खबर सार :-

भारत और दक्षिण कोरिया की नौसेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगी। इस दौरान दोनों सेनाएं आपरेशनल अनुभव साझा करने के अलावा समुद्र में साथ मिलकर काम करने की क्षमता भी विकसित करेंगी।
भारत और दक्षिण कोरिया की नौसेनाओं के बीच होगा संयुक्त सैन्य अभ्यास

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारत और दक्षिण कोरिया की नौसेनाएं द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास करेंगी। इसके लिए भारतीय नौसेना का स्वदेशी स्टील्थ युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि साउथ कोरिया के बुसान नौसैनिक बंदरगाह पहुंच गया है। यहां पर ही दोनों नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास होगा। इस सैन्य अभ्यास में दोनों देशों की नौसेनाएं आपरेशनल अनुभव को साझा करने के साथ समुद्र में साथ मिलकर काम करने की क्षमता भी बढाएंगी। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि के बुसान आगमन पर दक्षिण कोरिया की नौसेना ने उसका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। दोनों देशों के इस सैन्य अभ्यास को समुद्री सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कार्यप्रणाली समझेंगी सेनाएं

नौसेना के अनुसार, सैन्य अभ्यास की शुरूआत में दोनों देशों की नौसेनाओं के जवान एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा करेंगे। इसके अलावा दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर बातचीत, संयुक्त प्रशिक्षण और खेल गतिविधियां का भी आयोजन किया जाएगा। दोनों सेनाएं इन गतिविधियों के माध्यम से जवानों के अनुभव साझा करने के साथ कार्यप्रणाली को समझेंगी। इस बीच युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि के कमांडिंग ऑफिसर दक्षिण कोरिया की नौसेना के सीनियर अफसरों से मुलाकात भी करेंगे। पहले चरण में बंदरगाह पर होने वाली गतिविधियों के बाद यह नौसैनिक अभ्यास समुद्र में अगले चरण में बढ़ेगा। इस युद्धाभ्यास के समुद्री चरण में भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और दक्षिण कोरिया का युद्धपोत आरओकेएस मुनमु द ग्रेट शामिल होंगे। 

दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को मजबूत बनाना मकसद 

भारत और दक्षिण कोरिया के युद्धपोतों के बीच कंबाइंड समुद्री ​गतिविधियां आयोजित होंगी। इसका मकसद दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाना, एक-दूसरे के साथ अभियान चलाने की क्षमता को विकसित करना और पेशेवर संबंधों को मजबूत करना है। उल्लेखनीय है कि आईएनएस सह्याद्रि भारतीय नौसेना का स्वदेश में डिजाइन और निर्मित निर्देशित मिसाइल स्टील्थ युद्धपोत है। भारतीय नौसेना की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का यह युद्धपोत खास उदाहरण है। भारत और दक्षिण कोरिया के मध्य आयोजित यह द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास दोनों राष्ट्रों की नौसेनाओं को एक-दूसरे की क्षमताओं और कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से समझने का अवसर देगा। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को और आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा। इस सैन्य अभ्यास से समुद्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में दोनों राष्ट्रों की साझा प्रतिबद्धता भी दिखायी पड़ती है। दरअसल, भारतीय नौसेना मित्र राष्ट्रों की नौसेनाओं के साथ नियमित पेशेवर संपर्क और परिचालन सहयोग के जरिए संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। 

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