भारत निर्वाचन आयोग ने नागालैंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का बदला कार्यक्रम; 30 नवंबर को जारी होंगी अंतिम सूचियां

खबर सार :-

भारत निर्वाचन आयोग ने देश के छह राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा में बदलाव की घोषणा की है। इस फैसले से नागरिकों को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, संशोधन कराने और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा।
छह राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ी, देखें शेड्यूल

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के छह प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) की समयसीमा का विस्तार कर दिया है। आयोग द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नागालैंड में मतदाता सूचियों के अपडेशन की प्रक्रिया अब संशोधित समय सारिणी के अनुसार संचालित की जाएगी। इस कदम का सीधा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में पंजीकृत होने से वंचित न रह जाए। अधिकांश राज्यों में दावों और आपत्तियों के निस्तारण की अवधि बढ़ाने के बाद अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए तिथियों में थोड़ा भिन्न बदलाव किया गया है।

हरियाणा और आंध्र प्रदेश में अर्हता तिथि और नया शेड्यूल

हरियाणा और आंध्र प्रदेश में 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि (पात्रता का आधार) मानते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण का काम चल रहा है। दोनों राज्यों के संदर्भ में आयोग ने आदेश दिया है कि नोटिस जारी करने की प्रक्रिया और प्राप्त दावों व आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा को अब 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 20 नवंबर 2026 तक कर दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इस कार्य को पूरा करने के बाद 30 नवंबर 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट सार्वजनिक कर दी जाएगी। चुनाव आयोग ने दोनों राज्य प्रशासनों को स्पष्ट ताकीद दी है कि नए शेड्यूल का विभिन्न प्रचार माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रसार किया जाए और सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लिखित रूप से सूचित किया जाए।

दिल्ली में 22 दिसंबर को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट

देश की राजधानी दिल्ली में पुनरीक्षण का कार्यक्रम थोड़ा अलग रखा गया है। आयोग के नए आदेश के अनुसार, दिल्ली के नागरिक अब 25 नवंबर तक अपने दावों और आपत्तियों को दर्ज करा सकेंगे। इसके पश्चात, अधिकारियों द्वारा 15 दिसंबर तक इन सभी आवेदनों और शिकायतों का समाधान किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 दिसंबर को किया जाएगा।

महाराष्ट्र में राजपत्र में अधिसूचना जारी करने के निर्देश

महाराष्ट्र के लिए निर्वाचन आयोग ने 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की है। राज्य में दावों एवं आपत्तियों को दाखिल करने की समयसीमा 31 अगस्त 2026 से बढ़ाकर 13 नवंबर 2026 तय की गई है। इसके साथ ही, नोटिस चरण और आपत्तियों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया अब 25 नवंबर 2026 तक चलेगी, जिसके बाद 30 नवंबर को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध किया है कि संशोधित समय सारणी की अधिसूचना को राज्य के असाधारण राजपत्र में तुरंत प्रकाशित किया जाए ताकि आम जनता को इसकी सटीक जानकारी मिल सके।

राजनीतिक दलों की सहभागिता पर आयोग का ज़ोर

निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि सभी छह राज्यों में संशोधित कार्यक्रम की आधिकारिक प्रति मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लिखित रूप में दी जाएगी। आयोग का मानना है कि इस कदम से मतदाता सूची के शुद्धिकरण और पुनरीक्षण कार्य में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी बनी रहेगी और प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी।  

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