भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों का 'गरुड़ शक्ति' सैन्य अभ्यास, लक्ष्य भेदेने और सटीक निशाना लगाने पर जोर

खबर सार :-

भारत और इंडोनेशिया के जवान युद्ध जैसी परिस्थितियों में लक्ष्य भेदने के लिए सटीक निशाना लगाने का संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं। गरुण शक्ति सैन्य अभ्यास के तहत दोनों देशों के जवान इंडोनेशिया के बान्युवांगी में कंबाइंड फायरिंग में हिस्सा ले रहे हैं।
युद्धक लक्ष्य भेदने के लिए भारत-इंडोनेशिया के जवानों का फायरिंग अभ्यास

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारत और इंडोनेशिया के जवानों ने युद्धक सैन्य अभ्यास किया। दोनों देशों के जवानों ने युद्ध जैसी परिस्थितियों में लक्ष्य को भेदने के लिए सटीक निशाना लगाया। भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों ने 'गरुड़ शक्ति' सैन्य अभ्यास के अंतर्गत इंडोनेशिया के बान्युवांगी में कंबाइंड फायरिंग की। इस सैन्य अभ्यास में दोनों देशों के कमांडो अपनी निशानेबाजी, अपनी रफ्तार और दुश्मन के खिलाफ अपने सटीक प्रदर्शन की युद्धक तैयारियों को परख रहे हैं। 

युद्ध जैसी स्थिति में कितनी तेज गति पहचानते हैं लक्ष्य 

इस अभियान में दोनों देशों के जवानों ने युद्धक निशानेबाजी, तेजी से स्थिति बदलकर फायरिंग करने और स्नाइपर फायरिंग का प्रशिक्षण लिया। अभ्यास में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि युद्ध जैसे हालात में सैनिक कितनी तेज गति से लक्ष्य को पहचान लेते हैं और कितनी सटीकता से उस पर निशाना लगाते हैं। इस सैन्य अभ्यास का उदृेश्य सिर्फ निशानेबाजी में दक्षता हासिल करना नहीं है, बल्कि दोनों देशों के विशेष बलों को साथ मिलकर अभियान चलाने के लिए तैयार करना भी है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, कंबाइंड प्रशिक्षण से जवानों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली समझने, तालमेल बेहतर बनाने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने का मौका मिलता है। 

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संयुक्त अभियान से बेहतर तालमेल बनाने में मिलेगी मदद 

भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों के बीच युद्धक कौशल, अभियान संबंधी तैयारी और आपसी तालमेल मजबूत करने की दिशा में 'गरुड़ शक्ति' अहम भूमिका निभा रहा है। बताते चलें कि कंबाइंड युद्धाभ्यास में दोनों देशों के जवान अपने हथियारों, सैन्य उपकरणों और अभियान चलाने के तरीकों से जुड़ी जानकारी और अनुभव भी साझा कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने और कंबाइंड अभियानों के दौरान तालमेल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। दोनों देशों के विशेष बल जंगलों में कठिन हालात में संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं। भारत और इंडोनेशिया के बीच कंबाइंड सैन्य अभ्यास 'गरुड़ शक्ति' की शुरुआत 27 अक्टूबर को हुई और यह अभ्यास निरंतर 6 नवंबर तक चलता रहेगा। 

जंगल जैसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में चला रहे विशेष अभियान

भारत और इंडोनेशिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) के सैनिक ही कर रहे हैं। वहीं, इंडोनेशिया की ओर से इस अभियान में विशेष बलों के सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। सैन्य अभ्यास का मकसद दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी समझ, सहयोग और एक-दूसरे के साथ मिलकर अभियान चलाने की क्षमता को मजबूत बनाना है। 'गरुड़ शक्ति' युद्धाभ्यास में दोनों देशों के जवान जंगल जैसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में विशेष अभियान चला रहे हैं। दोनों देशों के जवान अभियान की रणनीतियों और तकनीकों का अभ्यास भी कर रहे हैं। इनमें बाधाओं को पार करना, युद्ध के समय सटीक निशाना लगाना, पर्वतारोहण और हवाई हमले से जुड़ा प्रशिक्षण भी शामिल है। साथ ही सैनिकों की शारीरिक सहन शक्ति, कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता और युद्ध के लिए तैयारी को मजबूत करने वाले विशेष अभ्यास भी किए जा रहे हैं।

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