बलरामपुर में राज्य उत्सव के दिन भी धरने पर रहे पटवारी, निलंबन आदेशों की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

खबर सार :-

बलरामपुर में पटवारियो को काम पर लौटने के निर्देश जारी किए हैं। इस हड़ताल में छह जिलों के पटवारी धरने पर बैठे हैं। इनको स्थानीय एसडीएम की ओर से संभाग आयुक्त नरेंद्र दुग्गा के कहने पर नोटिस जारी कर दी गई।
बलरामपुर में निलंबन कार्रवाई के साथ चल रही बातचीत, Chhattisgarh पटवारी संघ दोहरे बर्ताव से नाराज

खबर विस्तार : -

बलरामपुर, राजस्व पटवारी संघ की ओर से कहा गया है कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से आंदोलन शुरू किया था। अब तीन नवंबर आने पर भी अभी तक किसी प्रकार का समाधान नहीं निकाला जा सका है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि शासन ने मांगों पर चर्चा करने के बजाय 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रांत अध्यक्ष को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद भी कई और लोग निलंबित किए गए हैं। 

यह भी पढ़ें : नकब लगाकर चुराए थे तीन ड्रम रूपये, प्रयागराज की पुलिस ने जमीन खोदकर निकलवाया

वेतन विसंगतियां और पदोन्नति का जिक्र किया 

जानकारी के अनुसार, सोमवार को छत्तीसगढ़ में राज्य स्थापना दिवस का राज्य उत्सव मनाया जा रहा था। इस दौरान पटवारी अपनी मांगों को लेकरी धरने पर बैठे रहे। उन्हें कई निलंबन के आदेश भेजे गए। इनको संघ के लोगों ने जला दिया। पटवारियों का कहना है कि मांगों का निराकरण करने के बजाय शासन उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। प्रांतीय प्रवक्ता विनय पांडेय ने मंगलवार को जानकारी दी है कि धान गिरदावरी और पीवी ऐप में आ रही समस्याओं के संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी गई थी। इसी बीच अपनी कई मांगें भी सरकार को बताई गई। इनमें पीवी ऐप की व्यावहारिक समस्याओं, वेतन विसंगतियां और पदोन्नति का जिक्र किया गया।

अपनी मांग उठाते हुए छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी कर दिया। जब उनकी हड़ताल चालू हो गई तो पटवारियो को काम पर लौटने के निर्देश जारी किए। इस हड़ताल में छह जिलों के पटवारी धरने पर बैठे हैं। इनको स्थानीय एसडीएम की ओर से संभाग आयुक्त नरेंद्र दुग्गा के कहने पर नोटिस जारी कर दी गई। इसमें कहा गया कि पटवारी निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थित नहीं हुए तो कार्रवाई की जाएगी। बलरामपुर जिले के 150 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। जब यह लोग काम पर नहीं लौटे तो उन पर जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र उर्मालिया सहित चार अन्य पटवारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई।

निलंबन की कार्रवाई लगातार बढ रही

कुसमी क्षेत्र के तीन पटवारियों के निलंबन की सूचना मिली है। निलंबन की कार्रवाई लगातार बढ रही है। मुख्यालय में निवास नहीं करने के कारण पहले वाड्रफनगर के पांच पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई की गई थी। रामानुजगंज, रामचंद्रपुर में भी कार्रवाई की गई है। इनके काम पर नहीं लौटने के कारण धान गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और राजस्व विभाग से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इधर, संघ के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र उर्मालिया का कहना है कि उनकी मांग उचित हैं। एक ओर काम पर लौटने के लिए कहा जा रहा है, तो दूसरी ओर कार्रवाई चल रही है। आखिर अधिकारी चाह क्या रहे हैं?

लोगों का कहना है कि ऐसे में किसानों को जवाब देना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने वेतन विसंगति और पदोन्नति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके पिता भी राजस्व विभाग में पटवारी के पद पर भर्ती हुए थे और उसी पद से सेवानिवृत्त हुए। एक तरफ प्रशासन काम पर लौटने के निर्देश और कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी तरफ संघ अपनी मांगों के निराकरण और निलंबित पटवारियों की बहाली को लेकर आंदोलन मंगलवार को भी जारी रखे हुए हैं।
बलरामपुर राजस्व पटवारी संघ की तहसील अध्यक्ष सुरभि दास ने का कहना है कि उनकी तकनीकी दिक्कत भी दूर नहीं की जा रही है। पीवी ऐप में तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं के कारण किसानों को भी परेशानी हो रही है। किसान जब समस्या लेकर फोन करते हैं तो पटवारियों के पास अपने लॉगिन आईडी में उसका समाधान करने का विकल्प उपलब्ध नहीं होता। बहरहाल, अभी पटवारी संघ के बीच मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है।

यह भी पढ़ें : एडीजी नवीन अरोड़ा ने आजमगढ़ में किया वार्षिक निरीक्षण, लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश

अन्य प्रमुख खबरें