Tripura: भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF जवानों पर तस्करों ने लाठी-डंडों से बोला हमला, राइफल भी छीनी, आठ गिरफ्तार

खबर सार :-

Tripura BSF Attack: त्रिपुरा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बोक्सानगर के अशाबारी इलाके में तस्करों के एक समूह ने 49वीं बटालियन के तीन BSF जवानों पर बेरहमी से हमला कर दिया।
त्रिपुरा में BSF जवानों पर तस्करों ने लाठी-डंडों से किया हमला, 8 गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

Tripura BSF Attack: त्रिपुरा से भारत-बांग्लादेश सीमा पर देश की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से जुड़ी एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के सिपाहीजाला जिले के बोक्सानगर (आशाबाड़ी) इलाके में, तस्करों और उपद्रवियों के एक समूह ने अपनी तस्करी की कोशिश नाकाम होने पर, ड्यूटी पर तैनात जवानों को घेर लिया और उन पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। साथ ही एक सरकारी वाहन में जमकर तोड़फोड़ भी की। इस दौरान सिर पर डंडा लगने से एक जवान लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा और उपद्रवी उसकी राइफल तक छीनकर फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। इस घटना के बाद एक्शन में आई पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस घटना में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश जारी हैं।

घटना का वीडियो आया सामने

इस घटना से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि पुरुषों और महिलाओं की एक उग्र भीड़ लाठियों और डंडों से BSF जवानों पर हमला कर रही है। एक महिला ने लाठी से जवान के सिर के पिछले हिस्से पर इतनी जोर से वार किया कि वह बेहोश होकर सड़क किनारे गिर पड़ा। जवान के पास उसकी सर्विस राइफल थी। हमलावरों में से एक ने वह हथियार छीन लिया और भाग गया। भीड़ ने सुरक्षा बलों की एक सरकारी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की।

क्या है पूरा मामला  

बता दें कि यह घटना सोमवार दोपहर बोक्सानगर के अशाबारी इलाके में हुई, तब हुई जब BSF जवानों ने बांग्लादेश सीमा के पास तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। इससे बौखलाए तस्करों ने उन पर हमला कर दिया। दरअसल कथित तस्कर इस इलाके से अवैध सामान ले जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी पास ही तैनात 49वीं बटालियन के जवानों ने उनका पीछा किया। बताया गया है कि पीछा किए जाने के दौरान तस्कर अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले। हालांकि, BSF के जवानों ने घटनास्थल से लगभग 400 मीटर दूर एक संदिग्ध तस्कर दबोच लिया। 

अधिकारी ने बताया कि पकड़ा गया भारतीय तस्कर वहां से भाग निकला और ग्रामीणों से झूठ बोला कि बीएसएफ जवानों ने उसके साथ मारपीट की है। इसके बाद, वहां पुरुषों और महिलाओं की भारी भीड़ जमा हो गई। उन्होंने बीएसएफ के एक वाहन को घेर लिया और जवानों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें एक कंपनी कमांडर समेत बीएसएफ के तीन जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने एक BSF जवान से राइफल छीनने की भी कोशिश की। भीड़ ने बीएसएफ के वाहन में भी तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर, बीएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि, इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है। 

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शर्मनाक घटना पर सीएम माणिक साहा ने जताई नाराजगी

इस घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। बाकी संदिग्धों को पकड़ने के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं इस शर्मनाक घटना का वीडियो सामने आने और मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने 'X' पर लिखा, "बोक्सानगर के अशाबारी में BSF जवानों पर हुए हमले के सिलसिले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें शामिल सभी लोगों को न्याय के दायरे में लाया जाएगा और कानून के अनुसार उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारे सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"  हमारे सुरक्षाकर्मी सर्वोच्च सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं।

एक अन्य पोस्ट में सीएम ने कहा, "मैं अशाबारी में उपद्रवियों के एक समूह द्वारा हमारे बहादुर BSF जवानों पर किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इनकी जितनी निंदा की जाए, कम है। हमारे सुरक्षाकर्मियों पर कोई भी हमला गंभीर चिंता का विषय है और कानून के अनुसार इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।"

तीन तरफ से पड़ोसी देश से घिरा हुआ हैं त्रिपुरा

गौरतलब है कि त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है और यह तीन तरफ से पड़ोसी देश से घिरा हुआ है। इस वजह से, यह पूर्वोत्तर राज्य काफी संवेदनशील है और यहां सीमा पार से होने वाले प्रवास से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं। तस्करी, सीमा पार अपराधों, घुसपैठियों की आवाजाही और राष्ट्र-विरोधी तत्वों की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए, कुछ हिस्सों को छोड़कर पूरी सीमा पर बाड़ (फेंसिंग) लगाई गई है।

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