बदला बांधवगढ़ का मौसम, जंगल की सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व प्रबंधन अलर्ट

खबर सार :-

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मौसम ने करवट ली है। लेकिन प्रबंघन ने पर्यटन संबंधी गतिविधि जारी रखने का निर्णय लिया है।
MP : आज भी बांधवगढ़ tiger रिजर्व, पर्यटकों के लिए खुले हैं द्वार

खबर विस्तार : -

उमरिया, मध्य प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मौसम को लेकर किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। आम दिनों की तरह ही यहां पर्यटन संबंधी गतिविधि जारी रहेगी। ज्यादा मौसम खराब होने की स्थिति पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती प्रभाव से उमरिया जिले में हल्की या मध्यम बारिश हो रही है। मौसम को देखते हुए वन विभाग की निगरानी बढ़ गई है।

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बफर क्षेत्र के सभी पर्यटन जोन खुले हुए

मौैसम विभाग के अनुसार, यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इस कारण जंगली इलाके में हल्की ठंडक बढ़ गई है। इस मौसम का अभी तक पर्यटकों पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ा है। मौसम विभाग की जारी एडवाइजरी के अनुसार वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर प्रबंध किए जा रहे हैं। वन प्रबंधन के सामने पेड़, वन्यजीवों, जंगल के रास्तों और सफारी की व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया है।

अभी तक बांधवगढ़ के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों ताला, मगधी और खितौली में सफारी जारी है। कोर क्षेत्र के साथ बफर क्षेत्र के सभी पर्यटन जोन भी पर्यटकों के लिए खुले हुए हैं। शुरू में इस बात पर विचार किया जा रहा था कि दो दिन पर्यटन रोक दिया जाए, लेकिन प्रबंधन ने इस पर निर्णय लिया कि किसी भी पर्यटन गेट को बंद नहीं किया जाएगा। दरअसल, एक दिन भी बड़े पर्यटन स्थलों की गतिविधि रूक जाती है तो इसका अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वैसे भी इस इलाके के लिए बड़े मौसम बदलाव की चेतावनी नहीं है। 

किए जा सकते हैं कवर करने के उपाय 

 बारिश की संभावना को देखते हुए सफारी वाहनों में हूड यानी बारिश से बचाव के लिए कवर लगाने के लिए कहा गया है। इससे पर्यटक जंगल भ्रमण के दौरान बारिश से सुरक्षित रह सकेंगे। इसके साथ ही वाहन चालकों और पर्यटन से जुड़े कर्मचारियों को सावधान किया गया है। इनको तेज हवाओं से बचने एवं फिसलन वाले रास्तों पर चलने से रोका गया है। दरअसल, ऐसा मौसम पर्यटक पसंद भी करते हैं।

लिहाजा, विंध्य क्षेत्र का यह टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता और बाघों की उपस्थिति के कारण हर मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां पर वनों के साथ घास के मैदान, पहाड़ियां, प्राकृतिक जलस्रोत और वन्यजीवों के आवास मौजूद हैं। बाघों के अलावा तेंदुआ, भालू, जंगली हाथी, गौर, सांभर, चीतल और अनेक प्रजातियों के पक्षी यहां देखने को मिल जाते है। इसलिए पर्यटक ऐसे मौसम में इनका व्यवहार भी देखना चाहते हैं। 

धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है इस गढ का

बांधवगढ़ को ऐतिहासिक नजरिए से देखिए तो यह एक किला के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक नजरिए से शेषशैया में भगवान विष्णु की विशाल शयन प्रतिमा यहां की विशिष्ट पहचान है। यहां का ताला क्षेत्र विशेष रूप से बाघों के लिए है। यह विश्व विख्यात है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशी पर्यटक भी वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में हवा, पानी आदि का बेमौसम होना अर्थहीन हो जाता है।

टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने बताया कि चक्रवात के अवशेषों से प्रभावित नम हवाओं के मध्य भारत की ओर बढ़ने के कारण उमरिया और बांधवगढ़ क्षेत्र में मौसम में बदलाव आया है। भारतीय मौसम विभाग की ओर से भी पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रबंधन ने परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था की है। प्रबंधन की ओर से अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया है।

संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश

हर कोई जंगल में पेड़ों की स्थिति, प्राकृतिक जलस्रोतों, वन्यजीवों की गतिविधियों और पर्यटन मार्गों करीब से देखना चाहता है। खराब मौसम को लेकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि अभी तक स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। परिस्थितियों को देखते हुए मैदानी अमले को लगातार गश्त करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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