उत्तर प्रदेश में शक्तिपीठ पर्यटन सर्किट का हो रहा विकास, 83 करोड़ रुपये की 22 बड़ी परियोजनाएं शुरू

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को सरकार नई गति दे रही है। योगी सरकार ने लखनऊ की बड़ी काली मंदिर के विकास के लिए 227.83 लाख से ज्यादा की धनराशि स्वीकृत की है।
UP में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, 19 जिलों में मंदिरों का कायाकल्प

खबर विस्तार : -

लखनऊ: 2017 से उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिशों से राज्य के सभी 75 जिलों में देवी के मंदिरों को लाभ हुआ है। बड़े शक्तिपीठों (देवी के पवित्र तीर्थ स्थल) के साथ-साथ, स्थानीय स्तर पर पूजनीय मंदिरों को भी पर्यटन विकास योजनाओं में शामिल किया जा रहा है। इन कोशिशों का मकसद क्षेत्रीय आस्था और परंपराओं को पहचान दिलाना, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं बेहतर करना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के मौके पैदा करना है। 

पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को लखनऊ के चौक इलाके में बड़ी काली मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद ये बातें कहीं। उन्होंने 'मिशन शक्ति' पहल के तहत राज्यभर में देवी के 26 मंदिरों में होने वाले विशेष नवरात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी शुरुआत की। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, "नवरात्रि शक्ति की पूजा के साथ-साथ समाज में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश देती है। तीर्थ स्थलों पर बेहतर सुविधाएं देना और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर पैदा करना इस प्रयास का अहम हिस्सा है।" उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने बड़ी काली मंदिर के पर्यटन विकास के लिए ₹227.83 लाख से ज्यादा की धनराशि मंजूर की है।

₹83 करोड़ की लागत वाली 22 बड़ी परियोजनाएं

देवी के मंदिरों के विकास के लिए 2017 में शुरू की गई व्यापक कोशिशों के तहत, 19 जिलों के 20 स्थलों पर लगभग ₹83 करोड़ की लागत वाली 22 बड़ी परियोजनाएं लागू की जा रही हैं। ये परियोजनाएं विकास की उस बड़ी प्रक्रिया का हिस्सा हैं जिससे राज्य के सभी 75 जिलों में ऐसे मंदिरों को फायदा हो रहा है। उत्तर प्रदेश के शक्तिपीठ पर्यटन सर्किट में मां शाकंभरी देवी (सहारनपुर), मां ललिता देवी (नैमिषारण्य), देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), मां विंध्यवासिनी (विंध्याचल) और मां विशालाक्षी देवी (वाराणसी) जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। इन मशहूर स्थलों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने के अलावा, क्षेत्रीय स्तर पर अहम माने जाने वाले मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है। 

यह भी पढ़ेंः-  बलिया में ₹8.74 करोड़ से महर्षि भृगु के आश्रम का होगा विकास, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

प्रमुख शक्तिपीठों पर सुविधाओं का विस्तार

राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विकास कार्यों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है, जिनमें ठहरने की जगह, रास्ते, लाइटिंग सिस्टम और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए जगह शामिल हैं। सहारनपुर में मां शाकम्भरी देवी शक्तिपीठ पर लगभग ₹39 करोड़ की लागत से तीन प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें 'राही' टूरिस्ट रेस्ट हाउस और ओपन-एयर थिएटर का निर्माण, रास्तों को मजबूत करना और श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त सुविधाओं का विकास शामिल है। रेस्ट हाउस दूर-दराज से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए ठहरने की सुविधा देगा, जबकि ओपन-एयर थिएटर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में मदद करेगा।

इसके अलावा, नैमिषारण्य में ललिता देवी मंदिर में ₹15.23 करोड़ की लागत वाला एक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। लखनऊ में मां चंद्रिका देवी मंदिर परिसर को सुंदर बनाने पर ₹6.3 करोड़ खर्च करने की योजना है। भदोही में श्री सीता समाहित स्थल के पर्यटन विकास के लिए ₹3.52 करोड़ का प्रोजेक्ट शामिल है। साथ ही, बलरामपुर में देवीपाटन मंदिर (लागत ₹3.29 करोड़) और प्रयागराज में अलोपी देवी शक्तिपीठ (लागत ₹1.67 करोड़) में फसाड लाइटिंग (बाहरी सजावटी लाइटिंग) के प्रोजेक्ट्स लागू किए जा रहे हैं।

विकास योजनाओं में अन्य देवी मंदिर भी शामिल

इन विकास योजनाओं में राज्य के अन्य धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया गया है, जैसे रायबरेली में चामुंडा शक्तिपीठ, बांदा में मां सिंहवाहिनी देवी शक्तिपीठ, बलरामपुर में जुआ देवी शक्तिपीठ और प्रतापगढ़ में मां ज्वाला देवी धाम सिद्धपीठ। इसके अलावा, मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी को समर्पित मंदिर परिसर, जौनपुर में मां शीतला चौकिया धाम और घाटमपुर (कानपुर नगर) में मां कुष्मांडा मंदिर को भी विकास योजनाओं में शामिल किया गया है। प्रमुख धार्मिक स्थलों को टूरिज्म पैकेज में भी जोड़ा जा रहा है। 

UPSTDC ने शुरू की साप्ताहिक पर्यटक यात्राएं

पर्यटन मंत्री ने कहा, "धार्मिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ, व्यवस्थित पर्यटक यात्राओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। 'विजिट माई स्टेट, उत्तर प्रदेश' अभियान के तहत, उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) ने इस साल लखनऊ से नैमिषारण्य और प्रयागराज से विंध्याचल के लिए साप्ताहिक पर्यटक यात्राएं शुरू की हैं। इन पैकेजों में भोजन, जलपान और स्थानीय गाइड की सेवाएं शामिल हैं। इससे तीर्थयात्रियों को अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने और संबंधित धार्मिक स्थलों के इतिहास व सांस्कृतिक महत्व को समझने में मदद मिलेगी।"

यह भी पढ़ेंः-  हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में बढ़ी पर्यटकों की रौनक, स्थानीय पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

अन्य प्रमुख खबरें