राम मंदिर चढ़ावा विवाद: उत्तर प्रदेश एसआईटी दो दिनों के भीतर दाखिल करेगी चार्जशीट, जांच में सामने आईं चोरी की 105 घटनाएं
खबर सार :-
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में उत्तर प्रदेश एसआईटी अगले दो दिनों में चार्जशीट दाखिल करेगी। सुप्रीम कोर्ट में पेश स्टेटस रिपोर्ट में चोरी की 105 घटनाओं का खुलासा हुआ है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के मामले की सुनवाई हुई। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को सूचित किया कि इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच का अधिकांश काम पूरा कर लिया है और वह अगले दो दिनों में चार्जशीट दाखिल कर देगी
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी इस दौरान केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने एक सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश की।
जांच की समयसीमा और रिपोर्ट
एसजी तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि चार्जशीट दाखिल करने की निर्धारित समयसीमा 25 सितंबर को समाप्त हो रही है, और उससे पहले ही अगले दो दिनों के भीतर सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जांच का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और बची हुई कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अदालत ने इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित सत्र न्यायाधीश को कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने की अनुमति दी।
सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्य विश्लेषण
सुप्रीम कोर्ट में रखी गई स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया है, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है। इसके साथ ही दान और चढ़ावे से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की भी गहन जांच की गई है।
चोरी की 105 घटनाओं का खुलासा
जांच रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी की कुल 105 घटनाओं का पता चला है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली कीमती वस्तुओं की रसीदें आधुनिक सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार की जाती हैं और ऐसी सभी कीमती वस्तुओं को सुरक्षित रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के लॉकर में रखा जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था एसआईटी के गठन का निर्देश
यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया है जब इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी का पुनर्गठन करने का निर्देश दिया था, ताकि एक निष्पक्ष, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल करते हुए एसआईटी का पुनर्गठन किया था। इस पुनर्गठित एसआईटी की कमान पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस. संभाल रहे हैं, जबकि अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर इसके अन्य सदस्य के रूप में शामिल हैं।
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