कृषि मंत्री रामविचार नेताम के दो टूक, कहा किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं, लाइसेंस रद्द किया जाएगा
खबर सार :-
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नवा रायपुर में 31 जुलाई को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी।
खबर विस्तार : -
रायपुर; कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नवा रायपुर में 31 जुलाई को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि कोई भी अधिकृत विक्रेता या व्यापारी नकली कृषि सामग्रियां बेचता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। मिलावट करने वाले के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।
कालाबाजारी पर होगी बड़ी कार्रवाई
प्रदेशभर में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई शुरू है। इसकी जानकारी कृषि मंत्री ने पत्रकारों को दी। कार्रवाई के तहत कृषि विभाग की टीमों ने पूरे राज्य में 472 से अधिक स्थानों पर छापे डाले। छापे के दौरान 68 हजार बोरी अवैध फर्टिलाइजर जब्त किया गया है। इस मामले में अनियमितता बरतने वाले 11 विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इसी तरह 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। सरकार ने चेतावनी देते हुए कहा कि कमजोर बीजों और नकली खाद का वितरण करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा बल के प्रयास से बस्तर में है शांति
विधानसभा में विपक्ष द्वारा लगाए गए खाद-बीज की कमी के आरोपों को कृषि मंत्री ने बेबुनियाद बताया। उन्होंने सफाई में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव के निर्देशों पर प्रदेश के हर हिस्से में पर्याप्त प्रमाणित खाद और बीज वितरित हो रहा है। इस संबंध में उससे जुड़े अन्य सहयोगी क्षेत्रों के विकास का भी ब्यौरा दिया गया। उनका कहना था कि रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने के लिए चलाई जा रही योजनाओं को बेकार नहीं कहा जा सकता है। धान के बदले किसानों को तिलहन, दलहन और फल का उत्पादन करने पर जोर दिया जा रहा है। फूलों की खेती पर भी प्रयास चल रहा है। मंत्री ने बताया कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से बस्तर में अब शांति है। इससे वहां कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के नए अवसर मिल रहे हैं। कम पानी वाली ग्रीष्मकालीन फसलों को बढ़ावा देने के लिए ‘कृषि संकल्प अभियान’ सरकार का सराहनीय प्रोजेक्ट है। सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
प्रदेश में 40 लाख कृषक परिवार
मंत्री का कहना था कि प्रदेश में करीब 40 लाख कृषक परिवार हैं। जिनमें से 82 प्रतिशत संख्या लघु एवं सीमांत किसानों की है। बीते वर्षों की तुलना में इस बार 30 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 543.4 मिमी औसत वर्षा हुई है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विभागीय सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने आंकड़ों के साथ आधिकारिक जानकारी दी। बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में राशि भेजी गई है। खरीफ 2023 से 2025 के बीच 25.52 लाख किसानों को 35,892.90 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। जबकि पीएम-आशा योजना के तहत पहली बार दलहन-तिलहन की एमएसपी पर खरीदी कर 215.47 करोड़ रुपये और पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त में 24.63 लाख किसानों को 493 करोड़ रुपये का सीधा लाभ दिया गया है।
किसानों के डिजिटल पंजीयन हुए
36 लाख से अधिक किसानों के डिजिटल पंजीयन से पारदर्शी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचेगा। इस मानसून सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई का लक्ष्य रखा गया था। इसमें 83 प्रतिशत से अधिक बोनी पूरी हो चुकी है। राज्य में रासायनिक उर्वरकों का 98 प्रतिशत अग्रिम भंडारण सुनिश्चित था। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री नेताम के साथ कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, कृषि, मत्स्य पालन और पशुधन विकास विभाग के प्रमुख सचिव मौजूद रहे।
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