कानून को ठेंगा, किसानों से कपट, सरकार करेगी हिसाब
खबर सार :-
उत्तर प्रदेश में इस बार किसानों को खाद की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। कृषि मंत्री इन दिनों एक-एक जिले की जानकारी ले रहे है।ं वह खुद ही किसानों से संपर्क कर रहे हैं। इस बार उर्वरकों की जमाखोरी कालाबाजारी और ज्यादा दर पर माल देने के कारण करीब दो दर्जन से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की गई है।
खबर विस्तार : -
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में इस बार किसानों को खाद की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। कृषि मंत्री इन दिनों एक-एक जिले की जानकारी ले रहे है।ं वह खुद ही किसानों से संपर्क कर रहे हैं। इस बार उर्वरकों की जमाखोरी कालाबाजारी और ज्यादा दर पर माल देने के कारण करीब दो दर्जन से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की गई है। यह लोग किसानों को ठग रहे थे। कानून को धोखा दे रहे थे। अब इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। जितना इन्होंने किसानों से धोखा किया है, उसकी भरपाई भी की जाएगी। बता दे की एक अप्रैल 2026 से 28 जुलाई 2026 तक कई मामलों में ऑडिट कर कार्रवाई की गई है। 7462 छापे डाले गए और 1045 नमूने भी लिए गए हैं।
किसानों को ठग रहे थे
किसानों को दिए जाने वाले खाद में यह केवल घटोतरी या ज्यादा दाम वसूलने का काम नहीं करते थे, इसके अलावा भी यह लोग मिलावट में माहिर होने के कारण किसानों को ठग रहे थे। जो नमूने लिए गए उनमें 102 का विश्लेषण किया गया है और उनमें 25 नमूने मानक के खिलाफ पाए गए। यानी कि सरकार जितना प्रयास कर रही है, उतना ही बिचैलिए और भ्रष्टाचार में लिप्त लोग किसानों को उबरने से रोक रहे हैं। इस दौरान करीब 556 लाइसेंस निलंबित की गई। साथ ही 53 मामलों में हमेशा के लिए निरस्त कर दिए गए। कई मामले ऐसे हैं, जिनमें सरकार ने सवाल जवाब किया है । अधिकारियों की दी गई जानकारी के अनुसार 705 कारण बताओं नोटिस जारी कर 15 दुकानों की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गइ। यही नहीं करवाई का सिलसिला अभी और चल रहा है। हाल ही में करीब 23 दुकानें सील कर दी गई हैं। 34 मामले ऐसे हैं जिनमें प्राथमिक की दर्ज कर दी गई है। इनमें करीब 239.7 मी रिटर्न स्टॉक सेल एवं जप्त कर लिया गया है।
15 दुकानों की बिक्री प्रतिबंधित और 23 दुकानें सील
लखनऊ मंडल में यूरिया 138186, डीएपी 39076 और एनपीके 57889 मीट्रिक टन, अयोध्या मंडल में यूरिया 71695, डीएपी 26543 और एनपीके 40555 मीट्रिक टन है। उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग मामले में एक अप्रैल 2026 से अट्ठाईस जुलाई 2026 तक 7462 छापे मारे और 1045 नमूने लिए गए। इनमें से 102 नमूनों में 25 नमूने अमानक थे। मंडल में 556 लाइसेंस निलंबित किए गए, 53 निरस्त किए, 705 कारण बताओ , 15 दुकानों की बिक्री प्रतिबंधित और 23 दुकानें सील की गईं। कुल 34 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 229.7 मीट्रिक टन स्टॉक सील एवं जब्त किया गया है।
आगरा, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, झांसी मंडल
आगरा मंडल में यूरिया 95852, डीएपी 35052 और एनपीके 22012 मीट्रिक टन, अलीगढ़ मंडल में यूरिया 86474, डीएपी 31297 और एनपीके 16390 मीट्रिक टन है। बरेली मंडल में यूरिया 116987, डीएपी 38202 और एनपीके 35963 मीट्रिक टन है। मुरादाबाद मंडल में यूरिया 83972, डीएपी 21018 और एनपीके 41760 मीट्रिक टन है। कानपुर मंडल में यूरिया 143076, डीएपी 46433 और एनपीके 63287 मीट्रिक टन है। प्रयागराज मंडल में यूरिया 111070, डीएपी 27888 और एनपीके 49117 मीट्रिक टन है। झांसी मंडल में यूरिया 47722, डीएपी 29815 और एनपीके 10162 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
प्रत्येक जिले में खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश का किसान योगी सरकार की पहली प्राथमिकता है, इसलिए हम उन्हें बीज से लेकर बाजार तक हर सुविधा समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। किसानों को उचित मात्रा में समय पर खाद उपलब्ध हो सके इसलिए सरकार ने प्रत्येक जिले में पर्याप्त और संतुलित मात्रा में खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है। प्रदेश में एक अप्रैल से सत्ताइस जुलाई तक उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण के तुलनात्मक विवरण के अनुसार, 2026 में यूरिया की उपलब्धता 31.55 लाख मीट्रिक टन रही, वहीं वितरण 2025 के 20.47 की तुलना में 2026 में 22.18 लाख मीट्रिक टन रहा। डीएपी की उपलब्धता 7.11 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि वितरण 2025 में 3.96 और 2026 में 4.37 लाख मीट्रिक टन रहा। इसी प्रकार एनपीके की उपलब्धता 6.33 लाख मीट्रिक टन रही, तथा वितरण 2025 के 1.43 के मुकाबले 2026 में 1.90 लाख मीट्रिक टन रहा।
सहारनपुर, मेरठ, चित्रकूट, वाराणसी, मिर्जापुर मंडल
सहारनपुर मंडल में यूरिया 43275, डीएपी 12322 और एनपीके 3439 मीट्रिक टन उपलब्ध है। मेरठ मंडल में यूरिया 67551, डीएपी 35145 और एनपीके 15812 मीट्रिक, चित्रकूट मंडल में यूरिया 50189, डीएपी 14514 और एनपीके 7889 मीट्रिक टन उपलब्ध है। वाराणसी मंडल में यूरिया 109312, डीएपी 27299 और एनपीके 28663 मीट्रिक टन है। मिर्जापुर मंडल में यूरिया 36014, डीएपी 11972 और एनपीके 10242 मीट्रिक टन है।
अनावश्यक उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न करें
सरकार ने किसानों से कहा है कि वे अपनी कृषि भूमि या बैनामा के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराएं ताकि उन्हें खरीफ सीजन में फसल संस्तुति के अनुसार सुगमतापूर्वक पर्याप्त उर्वरक मिल सके। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, अतः अनावश्यक रूप से उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न किया जाए।
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