उत्तर प्रदशे में खाद की कालाबाजारी की तो भेजे जाएंगे जेल

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान खरीफ सीजन में धान को मुख्य फसल मान रही है। सरकार में कृषि मंत्री ने इसकी रोपाई और अन्य फसलों की बुवाई के बाद ही उर्वरकों की उपलब्धता पर जोर दिया है।
उत्तर प्रदशे में खाद की कालाबाजारी की तो भेजे जाएंगे जेल

खबर विस्तार : -

लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान खरीफ सीजन में धान को मुख्य फसल मान रही है। सरकार में कृषि मंत्री ने इसकी रोपाई और अन्य फसलों की बुवाई के बाद ही उर्वरकों की उपलब्धता पर जोर दिया है। किसानों को उनकी फसल संस्तुति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता कराने का आष्वासन दिया है। विधान भवन स्थित समिति कक्ष संख्या-44 ख में, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में पिछले दिनों एक उर्वरक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इसमें सहकारिता मंत्री, कृषि राज्य मंत्री, समस्त उर्वरक विनिर्माता एवं प्रदायकर्ता संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने किसानों की परेषानियों को उठाया।

उर्वरकों की अवधि जुलाई 2026

अधिकारियों ने भी संबंधित विषय पर अपने सुझाव दिए। केंद्र सरकार माहवार आवंटन करती है। इसके सापेक्ष आपूर्ति की गहन समीक्षा पर मंत्री बोले कि उर्वरक कम नहीे है। अधिकारियों ने समीक्षा के दौरान बताया कि कृषि मंत्री ने उर्वरक विनिर्माता और प्रदायकर्ता संस्थाओं के उपस्थित प्रतिनिधियों को चेता दिया है कि भारत सरकार द्वारा आवंटित मात्रा के सापेक्ष शत-प्रतिशत आपूर्ति  करें। इसकी अवधि जुलाई 2026 है। इसके अवशेष दिनों में ही उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को फसल रोपाई के समय सुगमतापूर्वक उर्वरकों की पूर्ण उपलब्धता मिल सके। 

प्रदेश में उर्वरकों की नहीं है कोई कमी 

जानकारी दी गई है कि 20 जुलाई 2026 तक प्रदेश में कुल 15.98 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.02 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.93 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.63 लाख मीट्रिक टन एसएसपी एवं 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक उपलब्ध थी। सहकारिता ही नहीं निजी क्षेत्र मे भी दोनों के सेल पॉइंट्स पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 27232 मीट्रिक टन यूरिया, 6261 मीट्रिक टन डीएपी एवं 1851 मीट्रिक टन एनपीके की खपत किसान कर रहे हैं। 136 लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही 35 निरस्त किए गए, 694 कारण बताओ नोटिस जारी दिए। 19 दुकानें सील की गईं तथा 30 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 

प्रदेश भर में कुल 7364 छापे मारे गए

अपनी कृषि भूमि या बैनामा के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराएं। ऐसा किसानों से अनुरोध किया गया है। वे फसल संस्तुति के अनुसार सुविधाजनक तरीके से उर्वरक प्राप्त कर सकेंग।। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि वर्तमान में विभिन्न उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। इसलिए अनावश्यक रूप से अग्रिम भंडारण न करें। अपील हुई कि उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता बनी रहे। राज्य सरकार द्वारा उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और ओवर रेटिंग हर साल की जाती है, लेकिन इस पर संयम की बात सरकार कर रही है। सख्त कार्रवाई करते हुए 01 अप्रैल 2026 से 21 जुलाई 2026 तक प्रदेश भर में कुल 7364 छापे मारे गए थे। प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ल, योगेश कुमार, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक उर्वरक हरेंद्र मिश्रा तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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