मोबाइल पर लाइव रहेगी सरकार, शिवराज ने किसानों को समर्पित किया नया पोर्टल
खबर सार :-
नई दिल्ली, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को संशोधित एग्री वेलफेयर पोर्टल का शुभारंभ किया। यह किसानों के लिए हितकारी बताया जा रहा है। किसान पहले से ही इसकी मांग कर रहे थे।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली, शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पोर्टल का उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और खेती से जुड़ी सटीक जानकारी सीधे उनके मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराना है। आधुनिकता के लिए यह जरूरी है। रोज नई योजनाएं आ रही हैं। यह किसानों के लिए नई जानकारियां लेकर आती हैं। इससे किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी और आवेदन के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे। एक ही वेबसाइट पोर्टल पर सभी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी।
सीमांत किसान भी इसे आसानी से समझ सकेंगे
किसानों को तमाम चक्कर काटने से निजात मिल जाएगी। कृषि मंत्री ने पोर्टल शुभारंभ कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण है। उन्होंने बताया कि पीएम आत्मनिर्भर भारत और आत्म निर्भर किसान की कल्पना को साकार करना चाह रहे हैं। उन्होंनं कहा कि सरकार हर समय आम नागरिकों और किसानों के लिए मोबाइल पर उपलब्ध रहे। इससे दिक्कत क्या है?
उन्होंने सवाल किया कि तकनीक की सार्थकता तभी है जब उसका लाभ सीधे खेत-खलिहान तक पहुंचे और किसानों का जीवन आसान बने, यह काम हमें कर लेना चाहिए? उन्होंने कहा कि यह पोर्टल केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप को भी एक मंच पर जोड़ेगा। पूरा किसान ग्रुप की तरह काम करेगा।
पोर्टल की सफलता सही और समयबद्ध जानकारी से तय होगी
वैज्ञानिक, समय बीज, बोनी, खाद और गोष्ठी की जानकारी भी इसी में निहित होगी। उन्होंने कहा जन जन की इच्छा पूरी कर रही सरकार, बस आप तैयार रहें। योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पोर्टल की सफलता सही और समयबद्ध जानकारी से तय होगी। पुरानी या अधूरी सूचनाएं व्यवस्था पर भरोसा कम करती हैं। अधिकारियों को कहा कि वह पुरानी जानकारियां हटा दें। समय के अनुकूल और समय के साथ चलें।
पोर्टल पर हर जानकारी का लगातार अपडेट करते रहना आपका काम है। अधिकारी यह काम भी न करें तो फिर काम ही क्या है? उन्होंने बताया कि इसके साथ भाषा और प्रक्रिया को इतना सरल रखा जाएगा जो हर किसी को आसानी सेे समझ आ जाएगी। कम पढ़े-लिखे छोटे और सीमांत किसान भी इसे आसानी से समझ सकेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों को इस पोर्टल और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल में माहिर बनाने का काम करना है। इसके लिए देश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए एक विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाने पर उनका जोर रहा।
शिवराज ने कहा कि हर कड़ी मजबूत होनी चाहिए
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि हर कड़ी मजबूत होनी चाहिए। इस महत्वपूर्ण पहल को समय पर तैयार करने में समय जरूर लगा, लेकिन इसके लिए पूरी तकनीकी तैयार करने में टीम का योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि यह नया पोर्टल है। इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय के डीबीआईएम 3.0 और जीआईजीडब्ल्यू 3.0 मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें नई-नई चीजें हैं। हो सकता है कि शूरू में कुछ कठिनाई हो।
बाद में यही बेहद सुरक्षित, मोबाइल-अनुकूल और दिव्यांगजनों के उपयोग करने लायक होगी। सभी के लिए भी पूरी तरह सुलभ है। यह मंच पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और पीएम फसल बीमा योजना जैसी बड़ी पहलों के लिए एक साझा प्रवेश-द्वार का काम करेगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतीश चंद्रा ने भी आश्वासन दिया कि जहां कहीं भी दिक्कत महसूस होगी, वह उपलब्ध रहेंगे। अतिरिक्त सचिव प्रमोद मेहरदा सहित डिजिटल कृषि प्रभाग के साथ ही मंत्रालय व एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पोर्टल पर हैं कृषि की खास जानकारियां
इस पोर्टल में किसानों को सब कुछ एक ही जगह पर मिल रहा है। इसमें सूचनाएं, मौसम की जानकारी, शोध का हल, रोजगार का क्षेत्र, बीज, योजनाएं, फसल आदि की जानकारी मिल जाएंगी। यदि मंत्रालय की सभी योजनाएं, सब्सिडी, नियम और डिजिटल सेवाएं अब एक ही पोर्टल पर मौजूद हैं। एक जगह कई काम होने से समय की बचत होगी। अनावश्यक समय बचेगा।
भागदौड़ की पूरी बचत होगी। जांच पड़ताल, खरपतवार, मौसम पर्यावरण और उद्यान की जानकारी बराबर इसमें साझा की जाएगी।
दिव्यांगजनों के लिए भी सुगम होगा। आधुनिक सरकारी मानकों के तहत इसे ऐसा बनाया गया है कि दृष्टिबाधित और दिव्यांग भाई-बहन भी स्क्रीन-रीडर और सरल नेविगेशन से इसका लाभ उठा सकेंगे।
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