हमीरपुर: गांवों में बन रहे जल रोक बांध और खेत-तालाब, आत्मनिर्भर बन रहे ग्रामीण

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को निर्देश दे रखे हैं की बेहतर खेती के लिए मेहनत करनी पड़ेगी। क्योंकि, भारतीय जनता पार्टी बार-बार कहती है कि किसानों की आय दोगुनी करनी है।
दो गुनी आय के लिए मददगार होगा खेतों में भरा पानी, रांठ में खेतों में बना रहे तालाब

खबर विस्तार : -

राठ, गोहांड क्षेत्र में दर्जनों ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए जा रहे है। इनमें हमीरपुर किले के लोग बढ़ चढकर अपनी योजनाओं को साकार कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन रोजगारों के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। इसका उद्देश्य रोजगार सृजन में महत्व काफी है। वैसे भी रोजगार दिवस के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्य काफी महत्व रखते हैं। विकास कार्य कराए जा रहे हैं। 

स्थानीय विधायक मनीषा अनुरागी ने बताया कि राठ विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मलेहटा, मुस्करा खुर्द, कुर्रा, बसेला, कुल्हेंडा, खड़ाखर, धमना, टिकरिया, सैदपुर, कैंथा, बहगांव और परा सहित दर्जनों गांवों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। गोहांड ब्लॉक में भी जल संरक्षण के कार्यगोहांड विकासखंड की ग्राम पंचायत धनौरी, अकौना और जखेड़ी, बरुआ, इटैलिया बाजा, नहदौरा, चुरहा, अतरा, सेना आदि में जल रोक बांध निर्माण के कार्य कराए गए हैं। वहीं, चिल्ली में खेत-तालाब और अन्य विकास कार्यों को विशेष रोजगार सृजन दिवस के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।

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नहीं हो पा रही किसानों की आमदनी दो गुनी

कई साल बीत जाने के बाद भी किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है। इसलिए अब नई-नई तरकीब अपनाई जा रही है। अक्टूबर में निर्णय लिया गया है कि उत्तर प्रदेश की हमीरपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की अवसर उपलब्ध कराने के लिए कोशिश की जा रहे हैं। वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार रोजगार सृजन दिवस के तहत जिले की ग्राम पंचायत में विकास कार्य करने का निर्णय किया है। इन विकास कार्यों की अंतर्गत भारत की राम जी योजना के अंतर्गत गांव में जल रूप बंद और खेत तालाब सहित अन्य विकास कार्य किया जा रहे हैं।

इनके जरिए खेतों का पानी बाहर जाकर बर्बाद नहीं होगा उसे भंडार किया जाएगा और उसे खेत की सिंचाई भी होगी इससे जल का संरक्षण की साथ ही पानी का लेवल ऊपर होगा। रांठ विधायक मनीषा अनुरागी ने सोमवार को जानकारी दी कि इन क्षेत्रों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध होगा। लोगों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत योजना को भी पंख लगेंगे। आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। 

मेहनत करने वालों को मिलेगा सहयोग और सम्मान  

यहां के गांव में खेती के सुधार के लिए फिर तालाब योजना बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेष रोजगार सृजन दिवस के अवसर पर ग्रामीण श्रमिकों को श्रमदान कर विभिन्न कार्यों में उसे योगदान दिया है। इन कार्यों के माध्यम से गांव में लोगों को रहकर काम भी मिला करेगा। ग्रामीण विकास से क्षेत्र में विकास कार्य भी पूरे किए जा सकेंगे। श्रमिकों की परिश्रम से गांव की तस्वीर बदल रही है। मनीषा अनुरागी ने बताया कि विशेष रोजगार सृजन दिवस ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी मेहनत को सम्मान देने के लिए सहयोग मांगा गया है।

उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में भी योजनाओं के तहत प्रयास किया जा रहे हैं। इन योजनाओं में मेहनतकश और उम्मीद वाले लोग भाग ले रहे हैं। उनके सपने साकार करने के लिए हम लोग पूरा सहयोग करते हैं। परिश्रम से गांव की तस्वीर बदल रही है। विकास कार्यों की डिमांड भी हमने की है। इन योजनाओं में गांव के लोगों को काम भी मिलेगा। जल संरक्षण के कार्य पूरे किए जा रहे हैं। 

श्रमिकों को रोजगार देकर कृषि क्षेत्र में सुधार है लाना 

जल रोक बांध निर्माण कार्य खेतों में ताला बनाकर कई उद्देश्यों की पूर्ति की जा रही है। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्य किए जाने हैं। श्रमिकों को रोजगार देना तथा कृषि क्षेत्र को सुधारना है। वर्षा के जल को सहारा मिलेगा, गांव में ही जल बांध बनाए जा रहे हैं। खेत तालाब निर्माण कर वर्षा जल को संरक्षित किया जा रहा है। बारिश का पानी अक्सर बहकर नदियों में चला जाता था, लेकिन अब इसे खेतों में रोकने की दिशा में प्रयास किया जा रहे हैं।

इससे कई उद्देश्य एक साथ पूरे होंगे। जल संरक्षण की मजबूत व्यवस्था होने के साथ ही खेतों में ही पानी मिल जाया करेगा। किसान अच्छी फसलों के उत्पादन में पानी की चिंता नहीं करेगा। उसे कहीं भटकना नहीं होगा। थोड़ी सी जमीन में ज्यादा सा पानी इकट्ठा हो पाएगा। निर्माण कार्य के माध्यम से रोजगार सृजन में मौका मिलेगा।

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