Solar से चलेगा tractors, कम होगी diesel की खपत
खबर सार :-
सौर ऊर्जा कमाल करने वाली चीज है। इसने डीजल बचाने में भरपूर मदद की है। कानपुर में लगने वाले किसान मेले में अत्याधुनिक उपकरणों के साथ सोलर से चलने वाले टैªक्टर और थ्रेषर भी देखने को मिलेंगे।
खबर विस्तार : -
कानपुर, महानगर कानपुर में किसान मेला आयोजित होने जा रहा है। इस मेले में एक दो नहीं कई अत्याधुनिक कृषि उपकरण और मशीनें देखने को मिलेंगी। अभी तक जिन चीजों के लिए हम कल्पना करते थे, वह कल्पनाएं भी सरकार हो गई हैं। इनको हम कानपुर में देख सकते हैं। आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 15 से 17 अक्टूबर तक यह किसान मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले का उद्घाटन सूर्य प्रताप शाही कृषि मंत्री करेंगे।
मेला दिलों का अब खेती सुधारेगा
मेले की खासियत कुछ अलग नहीं, बल्कि सामान्य कृषि यंत्रों से हटकर उपकरणों की भरमार होगी। यहां पर सोलर से चलने वाले ट्रैक्टर और थ्रेसर का प्रदर्शन किया जाएगा। कृषि मेले की थीम सशक्त किस आत्मनिर्भर भारत होगा। मेले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकी ड्रोन से उर्वरकों के छिड़काव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के तरीके बताए जाएंगे। मेला कई मायने में खास है।
कागज पर नहीं, जमीन पर दिखाएं काम
पहले तो आप यहां पर अत्याधुनिक उपकरण देख सकते हैं, दूसरा आप इनको खरीद सकते हैं और तीसरी खासियत है कि आप अपनी खेती को बेहतर बनाने के लिए जितने भी उपाय हो सकते हैं, यहां पर वैज्ञानिकों से पूछ सकते हैं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही अपने विभाग पर पूरा नियंत्रण रखते हैं। उन्होंने कार्यालयों से बाहर ड्यूटी करने के लिए कहा है। उनके विभाग के लोग अब ज्यादा समय फील्ड में देंगे।
कृषि मंत्री ने आदेश दिया है कि जमीनी स्तर पर काम होना चाहिए, हमें कागज पर नहीं देखना है। इसीलिए ज्यादातर अधिकारी अब फील्ड में रहकर किसानों की मदद करेंगे। इन अधिकारियों और वैज्ञानिकों से आप ज्यादा से ज्यादा जानकारी कर अपनी खेती में परिवर्तन और सुधार के सुझाव भी ले सकते हैं। किसान मेले में डेढ़ सौ से अधिक स्टाल लगाए जाएंगे।
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फसलों में ड्रोन का कर सकते हैं इस्तेमाल
कुलपति का कहना है कि इनमें कृषि कल्याण तकनीकी योजनाओं के साथ बागवानी दृश्य निर्माण वानिकी और कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। किसानों के लिए सबसे बढ़िया बात यह है कि अरहर और गन्ने की फसलों में ड्रोन का इस्तेमाल कैसे करेंगे? इनमें उर्वरकों की जरूरत पड़ती है तो हम डोªन की मदद से यह काम भी कर सकते हैं।
सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी यहां सुझाव दिए जाएंगे और सिंचाई से संबंधित उपकरण भी मेले में देखने को मिलेंगे। जिज्ञासा अनुसार आर्थिक स्थिति के आधार पर इन्हें आप खरीद सकते हैं। मेले में सौर ऊर्जा से चलने वाला ट्रैक्टर और थ्रेसर भी होगा। यह आधुनिक तकनीकी से बना हुआ है। थ्रेसर मशीन धान के पावल के बेहतर प्रबंध कर सकता है। मिला बहुत ही तकनीकी वस्तुओं पर आधारित होगा। कृषि आधारित व्यवसायों की जानकारी भी यहां दी जाएगी।
दूसरे दिन महिला किसानों से होगा संवाद
दूसरा दिन भी महत्वपूर्ण होगा। यहां पर महिला किसानों को जानकारियां मिलेंगी। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक इसका उद्घाटन करेंगे। मंच पर चार महिला किसान भी मौजूद रहेंगी। यह लोग अपनी मेहनत से कृषि क्षेत्र में उद्यम स्थापित किए हैं, उनकी जानकारी देंगी। इन्होंने किस तरह से सफलताएं अर्जित की हैं, वह सब जानकारियां आपको मिलेगी। इसके अलावा किसानों को रवि की फसलों की बुवाई के तरीके बताए जाएंगे।
किसान मेले में बीज और उनके वितरण की जानकारी भी मिलेगी। गेहूं, सरसों, मटर, सब्जी सहित कई और फसलों के बारे में बताया जाएगा। 10000 से अधिक पैकेट तैयार किए गए हैं। वर्तमान में पारंपरिक और पुराने उपकरणों से खेती काफी कठिन हो गई है। वह अब महंगी भी पड़ती है। इसलिए सरकार की कोशिश है कि अत्यधिक टिकाऊ और सस्ते उपकरण विकसित किए जाने चाहिए, ताकि खर्चा कम लगे और समय भी बचे।
इसलिए आधुनिक मेलों में ऐसे तकनीकी वाली वस्तुएं लाकर प्रदर्शन किया जाता है। इसी दौरान वैज्ञानिक किसान और अधिकारी एक जगह इकट्ठे होते हैं। विश्वविद्यालय में प्रयोग करने वाले प्रोफेसर भी मेले में रहकर अपने शोध की जानकारियां देते हैं। जहां कहीं पर किसानों के सुझाव होते हैं वह अपने प्रयोग में शामिल करके तकनीकी में सुधार करते हैं। शोधों का नतीजा भी निकल रहा है। कई ऐसे नतीजे भी आए हैं जो कम लागत में ज्यादा फसल देते रहे हैं।
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