हिमाचल में डाक सेवा की नई शुरुआत, अब दूर-दराज के 110 दुर्गम मार्गों पर ड्रोन से पहुंचेगी डाक

खबर सार :-

हिमाचल प्रदेश पोस्टल सर्कल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने राष्ट्रीय डाक सप्ताह पर जानकारी दी कि 110 दुर्गम इलाकों पर ड्रोन के जरिए डाक और पार्सल पहुंचाने की तैयारी है।
हिमाचल में 110 कठिन मार्गों पर ड्रोन से पहुंचेगी डाक, 36 पर सेवा शुरू

खबर विस्तार : -

शिमला: हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज के गांवों में डाक पहुंचाने में लगने वाला समय अब ​​घंटों से घटकर मिनटों में आ गया है। डाक विभाग ने राज्य के 110 मुश्किल रास्तों पर ड्रोन के जरिए डाक और पार्सल पहुंचाने की योजना बनाई है; इनमें से 36 रास्तों पर सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। पहले बस या पैदल डाक पहुंचाने में दो से तीन घंटे लगते थे, जबकि ड्रोन इतनी ही दूरी पांच से दस मिनट में तय कर लेते हैं। विभाग के अनुसार, सुबह हेड पोस्ट ऑफिस से भेजी गई डाक, ब्रांच पोस्ट ऑफिस पहुंचने के एक से दो घंटे के भीतर गांवों में बांटी जा सकती है।

हिमाचल प्रदेश पोस्टल सर्कल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने शुक्रवार को शिमला में 'विश्व डाक दिवस' के मौके पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 9 से 15 अक्टूबर तक 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' मनाया जा रहा है और इस साल इसकी थीम "एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं" (One Postal Network, Infinite Possibilities) है। 

13 अगस्त को शुरू की गई ड्रोन डिलीवरी सेवा

ड्रोन डिलीवरी ऑपरेशन 13 अगस्त को मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहरधार ब्रांच पोस्ट ऑफिस के रास्ते से शुरू किया गया था। हिमाचल प्रदेश और असम देश के वे दो पोस्टल सर्कल हैं जहां यह सेवा शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर, 2026 तक हिमाचल प्रदेश के नेटवर्क में 18 हेड पोस्ट ऑफिस, 452 सब-पोस्ट ऑफिस और 2,327 ब्रांच पोस्ट ऑफिस शामिल हैं, जिनमें से 2,684 ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं। इस नेटवर्क को कुल 8,958 कर्मचारी चलाते हैं, जिनमें 2,485 विभागीय कर्मचारी और 6,473 ग्रामीण डाक सेवक शामिल हैं। औसतन, हर पोस्ट ऑफिस 2,454 लोगों की आबादी को सेवा देता है और 19.90 वर्ग किलोमीटर के इलाके को कवर करता है। 

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छह महीनों में डाक से ₹12.18 करोड़ का रेवेन्यू

संजय सिंह ने बताया कि 2026-27 फाइनेंशियल ईयर की अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान, 20.69 लाख डाक आइटम से ₹12.18 करोड़ का रेवेन्यू हुआ। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इस दौरान, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक में 794,403 नए अकाउंट खोले गए। पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के तहत, 41,943 नई पॉलिसी जारी की गईं, जिनकी कुल बीमा राशि ₹1,730.65 करोड़ थी। राज्य में 8.80 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक अकाउंट हैं। डाक विभाग ने इस अवधि के दौरान 200,197 आधार एनरोलमेंट और अपडेट किए, जबकि पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों ने 25,632 एप्लीकेशन प्रोसेस किए। अब तक 177 'डाक चौपाल' कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए, 35,743 मोबाइल बैंकिंग और 45,817 इंटरनेट बैंकिंग यूजर जोड़े गए हैं।

पांच सरकारी विभागों की सेवाएं डाक नेटवर्क से जुड़ीं

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के पांच विभागों की सेवाओं को डाक नेटवर्क के साथ जोड़ा गया है। इनमें कृषि सैंपल का ट्रांसपोर्टेशन, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 'बीसी सखी' (बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी) के तौर पर शामिल करना, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और परीक्षा सामग्री का ट्रांसपोर्टेशन शामिल है। विभाग ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी बढ़ाने और आधुनिक सुविधाओं से लैस 'नेक्स्ट-जेन' पोस्ट ऑफिस विकसित करने पर भी काम कर रहा है। 

नेशनल पोस्टल वीक पर होंगे विविध कार्यक्रम

नेशनल पोस्टल वीक के हिस्से के तौर पर, 12 अक्टूबर को डाक टिकट और पत्र लेखन से जुड़ी गतिविधियां; 13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन कैंप; 14 अक्टूबर को डाक और पार्सल से जुड़े कार्यक्रम; और 15 अक्टूबर को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर क्विज, ड्रोन डिलीवरी पर चर्चा और 'पोस्टाथॉन' आयोजित किए जाएंगे।

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