उन्नति योजना से प्रोत्साहित होकर farmers ने धान के बदले दो एकड़ में लगाई मूंगफली

खबर सार :-

पारंपरिक फसल में किसान को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए सरकार सलाह दे रही है कि बदल कर एक दशक पहले ज्यादा बोने वाली फसल को अपनावें। इनके बीज पर अनुदान भी मिल रहा है। इन फसलों में कम खर्च तथा लाभ ज्यादा है।
farmers को सरकार कर रही मदद, धान के बदले पसंद कर रहे दूसरी crops

खबर विस्तार : -

रायगढ़, छत्तीसगढ़ शासन की  farmers उन्नति योजना के तहत farmers को प्राफिट के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह जरूरी नहीं है कि वह किस crops को अपना रहे हैं। उनको लाभ के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभी तक farmers की फसलों में धान बोया जाता था, लेकिन यहां के ज्यादातर  farmers ने धान तो बोया एक या दो  farmers ने अन्य crops में धान के स्थान पर एक प्रयोग कर दिया है। हालांकि, वह घाटे में नहीं रहा।

इसमें रायगढ़ जिले के ग्राम कछार निवासी  farmers इंधर पटेल ने धान के बदले दो एकड़ भूमि में मूंगफली की खेती की है। इनको सरकार की एक योजना का भी लाभ मिलने वाला है। किसान को अच्छा मुनाफा मिला है। इनको योजना के तहत पात्रता के अनुसार आदान सहायता का लाभ मिलेगा। बता दें कि सरकार की योजना खेती के लिए ही है। बताते हैं कि  farmers इंदर पटेल के पास लगभग 10 से 12 एकड़ कृषि भूमि है। 

यह भी पढ़ें :यूपी के सर्वोदय विद्यालयों के 3,000 से ज्यादा छात्रों को दी जाएगी रोजगारपरक स्किल ट्रेनिंग, सरकार ने पूरी की तैयारी

अन्य फसल से धान में आता है ज्यादा खर्च

सरकार की योजना में इनको बीज पर अनुदान मिल रहा है। यह कृषि विभाग से मिलेगा। कृषि विभाग ने किसान को बीज दिया तो उसने अपने खेत को मूंगफली के लिए समर्पित कर दिया। किसान ने खुद यह बात बताई है कि सरकर की ओर से उनको बीज दिया गया। किसान का अनुभव लोगों के सामने आया। इसमें बताया गया कि। धान में खर्च काफी रहता है, जबकि पानी और खाद के साथ दवाओं का खर्चा बढ जाता है। दरअसल, माना जा रहा है कि धान में 30 हजार तक खर्च प्रति एकड़ आता है।

मूंगफली में कम खर्च आता है, जबकि  farmers इससे अनजान हैं। वह केवल दाम से चौकन्ना रह जाते हैं। उनकी उम्मीदों पर पानी भी फिर जाता रहता है। मूंगफली की खेती से बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल अपनाने के लिए शासन की योजना को उपयोगी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

ज्यादा लाभ के लिए किया जा रहा है प्रोत्साहित

 farmers उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य खरीफ crops बोने के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहित किया जाता है। किसानों का अनुभव किसानों को दिया जा रहा है। यह केवल एक फसल नहीे है, ऐसी कई crops के बारे में कहा गया है कि  farmers प्रति एकड़ आदान सहायता 15 हजार लेकर धान के बदले मक्का, कोदों, कुटकी, रागी और कपास से भी फायदा उठा सकते हैं।

धान के बदले मूंगफली की खेती अपनाकर किसान पटेल ने फसल विविधीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है। शासन की इस पहल का उद्देश्य  farmers को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करना, खेती में विविधता लाना तथा उनकी आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है।

यह भी पढ़ें : आस्था, रहस्य और साधना का संगम है झारखंड का रजरप्पा धाम, नवरात्रि में उमड़ते हैं श्रद्धालु

अन्य प्रमुख खबरें