तेलंगाना में सूखे के संकट पर बड़ी बैठक, मंत्री बताएंगे हालात नियंत्रण के उपाय

खबर सार :-

तेलंगाना में पानी की कीमत सरकार समझ रही है। इसीलिए समय रहते मंत्रियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों के साथ ही किसानों को भी एक बैठक में बुलाया गया है। पानी की कीमत और उसका भंडारण, फसलों की सिंचाई और बिजली की बचत के साथ ही अलनीनो के कारण पड़ रहे सूखे से राज्य को निकालने पर चर्चा की जाएगी।
बूंद-बूंद पानी की कीमत समझ रही सरकार, तेलंगाना के कई जिलों में पानी की हाहाकार

खबर विस्तार : -

हैदराबाद,  तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 12 अक्टूबर को राज्य में अल नीनो के असर और सूखे की स्थिति पर मंत्रियों के साथ एक खास बैठक करेंगे। इस बैठक में महत्वपूर्ण लोगों को शामिल होने के लिए कहा गया है। बैठक का विषय पूर्व आधारित विषय ही रहेगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में सूखा लोगों की चिंता का कारण बन रहा है। मुख्यमंत्री इसका समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। 
इस बैठक में उन इलाकों के हालात पर चर्चा होगी, जहां बारिश कम हुई है। बारिश न होने के कारण ही लोग परेशान हैैं। इसीलिए किसानों की समस्याओं और सरकार द्वारा उठाए जाने वाले तुरंत कदमों पर भी बात होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय भी इसकी तैयारी में जुटा हुआ है। यदि सब ठीक रहा तो नहरों में पानी लाने की कवायद की जा सकती हैं। वैज्ञानिकों ने इसे वाटर लेवल सही करने का तरीका माना है। साथ ही सिंचाई भी हो जाएगी। पशुओं को पानी भी मिला करेगा।

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सिंचाई से प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ रही

बता दें कि राज्य के कई जिलों में खेती, सिंचाई, पीने के पानी का संकट गहरा रहा है। पशुओं को भी पानी नहीं मिल पा रहा है। बैठक में चिंता जताई जा रही है कि खेतों में फसल की सिंचाई ट्यूबवेल से कराई जाए, लेकिन इसमें बिजली का बिल किसान की कमाई खा जाएगी। कुछ किसान सिंचाई कर भी रहे हैं, इससे बिजली की मांग बढ़ रही है। बिजली की मांग और तुरंत की जरूरतों पर बैठक में चर्चा की जाएगी। हाल ही में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में बारिश की स्थिति पर लंबी चर्चा हुई थी।

बताया जा रहा है कि अलनीनो के कारण राज्य में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इससे भी ज्यादा घबराहट यह सुनकर होती है कि लगभग 235 मंडलों में सूखे जैसे हालात बने हैं। राज्य सरकार पहले ही विधानसभा में एक प्रस्ताव पास कर चुकी है। राज्य सरकार ने केंद्र से सूखे वाले इलाके के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद की अपील की है। राज्य सरकार ने 20,000 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की मांग की है। 

17 जिलों के 319 मंडलों पर सूखे के गंभीर हालात 

बैठक में बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत के उपायों, मंत्रियों की उप-समिति द्वारा तैयार की गई योजनाओं, प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक और किसान संगठनों व अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सलाह और सुझावों पर चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण और इसमें सामन्जय भी प्रतीत हो रहा है। सरकार ने किसानों को भी बैठक में शाकिल किया है। वह बताएंगे कि उनके खेतों को कितना पानी चाहिए? बताया जा रहा है कि अल नीनो का असर करीब 17 जिलों के 319 मंडलों पर पड़ा है। इसमें सूखे के गंभीर हालात हैं।

तेलंगाना में 32 जिलों में कुल 620 मंडल हैं। उच्चस्तर पर सूखे पर बात चल रही है। इसलिए तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू ने अधिकारियों को निर्देश देकर राज्य में सूखे से परेशानियों, प्रभाव, कारण और निदान का आंकलन करके एक रिपोर्ट देंगे। हो सकता है कि पहले के कागजों का सूखा से संबंधित बातों का मिलान किया जाए। 

प्रभावित मंडलों की पहचान करने का निर्देश

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को योजना, राजस्व, भूजल, कृषि, पंचायत राज और ग्रामीण जल आपूर्ति जैसे विभिन्न विभागों से पूरी जानकारी इकट्ठा करने और तय नियमों के अनुसार सूखे से प्रभावित मंडलों की पहचान करने का निर्देश दिया। सूखा के हालात बड़े स्तर पर हैं, यद्यपि इस राज्य का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले कई मामले आ चुके हैं। खबरें एक नेचर की प्रकाशित हो रहीं हैं, इसलिए इन पर ध्यान भी ज्यादा हैं।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सरकारी नियमों और तय मानकों के आधार पर सूखे से प्रभावित मंडलों को घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले पर अक्टूबर के अंत तक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। माना जा रहा है कि यह समय से ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने सलाह दी कि सूखे पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते समय 12 मानक पैमानों को ध्यान में रखा जाए। दसमें दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान हुई बारिश भी शामिल है। इस बैठक की जानकारी पाकर किसान काफी उत्साहित हैं। क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लाभ और हानि किसानों को ही उठाना पड़ रहा है। यदि सब ठीक रहा तो सरकार किसानों का कोई न कोई हल तलाश लेगी। 

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