महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित, सीएम ने की बिजली बिल में राहत समेत कई उपायों की घोषणा

खबर सार :-

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के 358 तालुकों में से 265 में सूखा घोषित किया है। उन्होंने सूखे से निपटने के लिए बिजली बिल में छूट समेत कई उपायों की भी घोषणा की है।
महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित, आर्थिक मदद की घोषणा जल्द

खबर विस्तार : -

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों के लिए एक अहम फैसला लिया है। राज्य के 358 तालुकों (तहसीलों) में से 265 में सूखा घोषित किया गया है। जिन 265 तालुकों ने 'ट्रिगर-1' के मापदंड पूरे किए हैं, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है; इससे पता चलता है कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत तालुकों में अभी सूखे जैसे हालात हैं। जारी सरकारी आदेश के अनुसार, इन सूखा-प्रभावित तहसीलों के किसानों के लिए जल्द ही आर्थिक मदद की घोषणा की जाएगी।

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने शनिवार को बताया कि एक सर्वे के अनुसार, राज्य की कुल 358 तहसीलें सूखे से प्रभावित पाई गई हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने हाल ही में सूखे से प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए किसानों से मुलाकात की थी। इसके बाद, मुख्यमंत्री फडणवीस ने आज इन 358 तहसीलों में से 265 को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है। इन इलाकों में ‘ट्रिगर-1’ (जो सूखे की सबसे गंभीर श्रेणी को दर्शाता है) लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कई उपायों की घोषणा की

मुख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की है। इनमें जमीन के लगान (लैंड रेवेन्यू) में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन, कृषि ऋण की वसूली पर रोक और कृषि पंपों के बिजली बिलों में रियायत शामिल है (7.5 HP वाले पंपों के बिल पहले ही माफ कर दिए गए थे, अब ज्यादा क्षमता वाले पंपों के लिए भी रियायतें दी जाएंगी)। साथ ही, स्कूल और कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फीस माफ की जाएगी और मौजूदा नियमों में ढील देकर रोजगार गारंटी योजना के तहत और ज्यादा काम शुरू किए जाएंगे।

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पीने के पानी के टैंकर भेजे जाएंगे

इसके अलावा, जहां भी जरूरत होगी, वहां पीने के पानी के टैंकर भेजे जाएंगे। कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे, खेती पर निर्भर किसानों और खेतिहर मजदूरों को अनाज मिलेगा, पशुओं के लिए चारे का इंतजाम किया जाएगा और बड़े पैमाने पर पानी बचाने की कोशिशें की जाएंगी। पहले के निर्देशों के अनुसार, पीने के पानी और पशुओं के लिए पानी की योजना बनाना जारी रहेगा। 

जिला कलेक्टरों को पंचनामा करने का आदेश

सभी जिला कलेक्टरों को तुरंत पंचनामा (नुकसान का आकलन) की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है। फसलों की हालत का दस्तावेजीकरण करने के लिए GPS डेटा और तस्वीरें इकट्ठा करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इससे पहले, 24 सितंबर को वाशिम के दौरे के दौरान, देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने वाला सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी करेगी। 

राहत कार्यों को प्राथमिकता देगी सरकार

गांव में किसानों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकारी मशीनरी ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगी। साथ ही, खेती से जुड़े बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में फसल ऋण माफी का फायदा उन सभी योग्य किसानों को दिया जाएगा जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद के साथ-साथ, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, पशुओं के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय लागू कर रहा है।

सूखे से निपटने के लिए किये जाएंगे ये उपाय- 

1- सूखा प्रभावित इलाकों में किसानों को जमीन के राजस्व से पूरी छूट दी जाएगी।
2- स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ होगी।
3- सूखा प्रभावित किसानों से खेती से जुड़े ऋण की वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाएगी।
4- किसानों के फसल ऋण का पुनर्गठन यानी लोन रीस्ट्रक्चरिंग की जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल वित्तीय दबाव से राहत मिल सके।
5- कृषि पंपों के मौजूदा बिजली बिल में किसानों को राहत दी जाएगी।
6- सूखा प्रभावित गांवों में कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे।
7- सूखा प्रभावित परिवारों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार गारंटी योजना के नियमों में आवश्यक ढील दी जाएगी।
8- खेती पर निर्भर किसानों और खेतिहर मजदूरों को अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सूखे के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। 
9- जिन इलाकों में पीने के पानी की कमी होगी, वहां जरूरत के मुताबिक तत्काल पानी के टैंकर शुरू किए जाएंगे।
10- पशुओं के लिए भी चारे और पानी की व्यवस्था की जाएगी।
11- सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर जल संरक्षण और पानी बचाने वाले काम किए जाएंगे।

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