भारतीय मूल के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का नाम अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की टॉप 10 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में, 10 करोड़ का इनाम

खबर सार :-

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की तलाश अमेरिका भी कर रहा है। उसने दस करोड़ रुपये पता बताने वाले को इनाम देने की घोषण की है।
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की तलाश कर रहा अमेरिका, पता बताने वाले को दस करोड़ का इनाम

खबर विस्तार : -

वाशिंगन: भारतीय मूल के कुख्यात अपराधी गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर अमेरिका ने शिकंजा कसना शुरू किया है। अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन को गोल्डी की तलाश है। उसने एजेंसी की ओर से टॉप टेन मोस्ट वांटेड भगोड़ों की सूची में शामिल कर रखा है। यह अमेरिका की 10 सर्वाधिक वांछित भगोड़े अपराधियों में गिना गया है। पंजाब के मुक्तसर साहिब का रहने वाला गोल्डी पंजाब के ही गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या के बाद से चर्चा में रहा है।

भारत की पंजाब पुलिस को भी गोल्डी की तलाश है। इस हत्याकांड का वह जिम्मेदारी भी ले चुका है। जानकारी के अनुसार, गोल्डी 2023 में कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह गुज्जर की हत्या करने का आरोप है। गोल्डी के पिता एक पुलिस कर्मी रहे हैं। इनके जानने वाले कहते हैं कि पुलिस कर्मी का बेटा गोल्डी अपने चचेरे भाई की हत्या किए जाने के बाद से अपराध की दुनिया में उतरा है। गोल्डी पर कई मुकदमे चलाए जा रहे हैं। इनमें गंभीर आरोप हैं। उसने गुरलाल की हत्या के आरोपित पहलवान की हत्या भी कार्रवाई। इसके बाद वह लॉरेंस बिश्नोई तथा जग्गू भगवानपुरिया के सहयोगी के रूप में उभरा।

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भारत में गृह मंत्रालय ने गोल्डी को आतंकी घोषित कर रखा

भारत में गृह मंत्रालय ने इसको आतंकी घोषित कर रखा है। गोल्डी के बारे में बताया जाता है कि वह कनाडा में रहकर बब्बर खालसा आतंकी संगठनों की मदद से अपराध की दुनिया में अपने पैर जमा रखे हैं। अमेरिका की एजेंसी ने इस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों के जरिए सूचना दी है कि जो भी व्यक्ति गोल्डी के बारे में सुराग देगा या उसके रहने का ठिकाना बताएगा, उसे  इनाम दिया जाएगा। गोल्डी को गिरफ्तार करने का फरमान एफबीआई दे चुका है। बताया जा रहा है कि गोल्डी उत्तरी अमेरिका के संगठित अपराधी समूह के सरगना लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर काम कर रहा है।

लॉरेंस बिश्नोई भी आपराधिक प्रवृत्तियों में शामिल रहता है। एजेंसी का कहना है कि यह गिरोह दक्षिणी काली पूर्णिया के साथ पूरे अमेरिका और कनाडा में काम कर रहा है। इनके पास टारगेटेड किलिंग राजनीतिक व धार्मिक हस्तियों पर हमले गोलाबारी करने और अपहरण के साथ रंगदारी जैसे कारनामे होते हैं। आपराधिक छवि वाले लोगों के साथ यह घटनाओं को अनजान देते हैं। इनके ग्रुप के लोग मादक पदार्थ और हथियारों की तस्करी करते हैं। कैलिफ़ोर्निया की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट संगी अदालत में पहली जुलाई को सतविंदर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया है।

यह पहला मौका नहीं है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी का नाम इस तरह से आया है। आने वाले दिनों में इन दोनों पर शिकंजा कसना तय है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी ‘टेन मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ सूची में शामिल किया है। गोल्डी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले या जानकारी देने वाले को बड़ी रकम दी जाएगी। यह घोषित इनाम है। इसमें 10 लाख डॉलर तक जाएंगे। जो सूची जारी की गई है, उसमें गोल्डी बराड़ 543 वां भगोड़ा है। एफबीआई की ओर से बताया गया है गोल्डी बराड़ उत्तरी अमेरिका में बिश्नोई समूह का कथित नेता है।

लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में रहकर कर रहा आपराधिक वारदात

 अमेरिकी जांच एजेंसी का आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई भले ही जेल में है, लेकिन अपने अवैध संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा है। आपराधिक गतिविधियों को निर्देशित कर विदेशों में बराड़ जैसे सहयोगियों से काम करवाया है। बराड़ और समूह से जुड़े लोगों ने अमेरिका और कनाडा में हत्या, गोलीबारी, अपहरण, जबरन वसूली तथा मादक पदार्थों की तस्करी को अंजाम दिया है। गोल्डी बराड़ के खिलाफ लॉस एंजिल्स की संघीय अदालत में साजिश, जबरन वसूली, नियंत्रित मादक पदार्थों को बांटने तथा रखने की साजिश, बिश्नोई समूह से जुड़ी गतिविधियों में लक्षित हत्याएं, गोलीबारी, अपहरण, हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी, कोकीन चोरी किए जाने का भी आरोप है।

अमेरिकी अदालत में दाखिल आरोपों में जून 2023 में एक धार्मिक व्यक्ति की हत्या का मामला भी शामिल है। एफबीआई के मुताबिक इस हत्या के आरोप लॉरेंस बिश्नोई और सतिंदरजीत सिंह पर हैं। एफबीआई ने यह भी बताया कि कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में बिश्नोई समूह को आतंकवादी इकाई के रूप में नामित किया था। भारतीय मूल के लोगों के बीच डर पैदा कर जबरन वसूली के लिए ऑनलाइन धमकियों और हिंसा इनकी आदत बन चुकी है। एजेंसी अब इनकी तलाश तेजी से कर रही है। 

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