मिनी माथुर से लो सीख, विनर बनने के लिए जरूरी नहीं कि डर्टी बन जाएं, 50 साल से ज्यादा की महिला 25 को दे सकती है मात

खबर सार :-

मशहूर टीवी होस्ट और अभिनेत्री मिनी माथुर का जज्बा और उनका संदेश लाखों महिलाओं को उनके अधूरे या दबी जिज्ञासा को पूरा करने के लिए काफी है। उन्होंने कहा कि हाईलाइट होने के लिए डर्टी या जवान होना जरूरी नहीं है। काम तो इरादों और कड़ी मेहनत से पूरे होते हैं।
विनर मिनी माथुर बोलीं, जीतने के लिए डाउन एंड डर्टी होने की जरूरत नहीं

खबर विस्तार : -

मुंबई : मशहूर टीवी होस्ट और अभिनेत्री मिनी माथुर का जज्बा और उनका संदेश लाखों महिलाओं को उनके अधूरे या दबी जिज्ञासा को पूरा करने के लिए काफी है। उन्होंने कहा कि हाईलाइट होने के लिए डर्टी या जवान होना जरूरी नहीं है। काम तो इरादों और कड़ी मेहनत से पूरे होते हैं। मिनी माथुर हाल ही में वेब रियलिटी शो द अलायंस की विजेता बनी हैं। और वह इन दिनों विजेता होने की सुर्खियों बटोर रही हैं। अभिनेत्री ने मीडिया के साथ बातचीत में रियलिटी शों, स्मार्ट गेमप्ले और डर्टी गेमप्ले के बीच के अंतर पर अपनी राय दी।

 वह पर्सनल अटैक से रहती हैं दूर

अभिनेत्री ने कहा कि ऐसे शोज में कुछ हद तक मैनिपुलेशन की गुंजाइश रहती है। लेकिन कई बार खिलाड़ी अपनी रणनीति के तहत दूसरे का गेम अंडरप्ले करवाने करवाने में अपनी पूरी शक्ति झोंक देते हैं। इसमें किसी का फायदा हो तो भी, वह पर्सनल अटैक से दूर रहती हैं। उन्होंने कहा कि गेम में स्त्री या पुरूष दोनों हो सकते हैं। इसलिए माहौल खराब करने के लिए कोई चिल्ला सकता है, लेकिन ऐसा नहीे होना चाहिए।

अपनी आधी उम्र की प्रतियोगी को भी हरा सकती 

यह बात उन्होंने तब कही जब स्त्री पुरूष के समान काम पर बात हुई। उनका वही कहना था, जो लोग कहते आए हैं। यानी पुरूष प्रधान समाज वाली कहावत। जीत हार पर कहा कि रणनीति के साथ खेलना और किसी को नीचा दिखाकर आगे बढ़ना, दोनों बातें अलग हैं। इनमें बारीक फर्क होता है। बड़ा दिल और हिम्मत के साथ कहा कि मेरी जीत दूसरे रियलिटी शो को यह मैसेज देगी कि जीतने के लिए आपको डाउन एंड डर्टी होने की जरूरत नहीं है। एक संदेश दिया कि आप गेम के नियमों के अंदर सीधे, तेज, स्ट्रैटजिक और मैनिपुलेटिव भी हो सकते हैं। आप पचास से ज्यादा उम्र की महिला हैं तो भी अपनी आधी उम्र की प्रतियोगी को हरा सकती हैं। 

अनुभव और दिमागी खेल का कोई विकल्प नहीं

गेम में मिनी माथुर के साथ कुशाल टंडन भी थे। उनके व्यवहार के बारे मेें कहती हैं कि कुशाल वैसे ही हैं जैसे कैमरे में दिखते हैं। उन्हें अपना अग्रेसन कम करना चाहिए, लेकिन उनकी ऑडियंस उन्हें वैसे ही पसंद करती है जैसे वे हैं, ऐसा वह मान सकते हैं। लेकिन स्वभाव में वह बहुत ही सच्चे व्यक्ति हैं। वे जिन लोगों के साथ शुरू में खड़े थे, आखिरी तक उनका साथ दिया था। मिनी माथुर ने यह साबित कर दिया है कि अनुभव और दिमागी खेल का कोई विकल्प नहीं है।

शो मेकर्स के लिए भी एक सरप्राइजिंग मोमेंट बना

अपने अद्भुत रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन कर काफी सफलाएं उनके हाथ आईं। जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे अली गोनी और सोशल मीडिया स्टार रूही दोसानी को मात देकर मिनी ने कमाल कर दिया। इस खेल के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर मिनी माथुर ने अपनी ठंडे दिमाग का ही इस्तेमाल किया और यही वह संदेश भी दे रही हैं। मिनी ने विरोधी टीमों के बीच दरार का सही इस्तेमाल किया। किसी के लिए यह ऐसी जीत थी जो औरों की खुशी बन गई। जब ट्रॉफी के विजेता के रूप में मिनी माथुर के नाम की घोषणा हुई तो उनके फैंस और शो मेकर्स के लिए भी एक सरप्राइजिंग मोमेंट बन गया।

FAQ.

1. क्या वे आगे कोई रियलिटी शो करेंगी ?

अभिनेत्री ने फिलहाल मना कर दिया और बताया कि उनके कई सारे प्रोजेक्ट लाइन पर लगे हुए हैं, जिनमें वे व्यस्त रहेंगी। इस साल वह महिलाओं के लिए काम करना चाह रही हैं। उनका कहना है कि काम तो बहुत है, लेकिन अब मेरी च्वाइश चलेगी।

2 . कहां से की थी करियर की शुरूआत ?

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एमटीवी की लोकप्रिय वीजे के रूप में की थी। वह उनके अनूठे अंदाज और खूबसूरत एंकरिंग से लोकप्रिय हुईं। बाद में संगीत रियलिटी शो इंडियन आइडल के शुरुआती सीजन को होस्ट किया। वह बॉलीवुड के फिल्म निर्देशक कबीर खान की पत्नी हैं। 

3 . शो और फिल्म से दूर रहकर वह क्या कर सकती हैं? 

शायद यह उनका निर्णय है कि वह स्वास्थ्य पर फोकस करने वाला एक बिजनेस शुरू करेंगी। अभी यही उनकी प्रायोरिटी है। वह कहती हैं कि मुझे नहीं पता कि मैं किसी और रियलिटी शो के लिए कमिट कर पाऊंगी या नहीं, लेकिन इस सफर ने मुझे कुछ सिखाया है, तो वह यह है कभी ना मत कहो।

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