प्रयागराज के हंडिया में पवन कुमार यादव हत्याकांड का पर्दाफाश: पुलिस मुठभेड़ के बाद चार आरोपी गिरफ्तार, पांच लाख में तय हुई थी सुपारी

खबर सार :-

प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र में पवन कुमार यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो शूटरों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। चुनावी रंजिश और सुपारी किलिंग से जुड़ा पूरा मामला।
प्रयागराज में पवन कुमार यादव हत्याकांड का खुलासा, चार गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

प्रयागराज: प्रयागराज कमिश्नरेट के गंगानगर जोन अंतर्गत हंडिया थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई पवन कुमार यादव की हत्या के मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। कस्बा हंडिया में पिलर नंबर 52 के पास अज्ञात बदमाशों ने ग्राम मुगरांव निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच और खुलासे के लिए विशेष टीमों का गठन किया था।

चुनावी रंजिश और सुपारी किलिंग की साजिश

पुलिस की शुरुआती छानबीन और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी विनोद कुमार यादव और मृतक पवन कुमार यादव एक ही राजनीतिक दल से जुड़े थे, लेकिन पंचायत चुनाव की रंजिश के चलते दोनों के बीच तनातनी चल रही थी। विनोद कुमार यादव ने अपनी पत्नी, जो ग्राम प्रधान हैं, को गांव में संविदा पर एजुकेटर के पद पर लगवाया था, जिसे पवन कुमार यादव ने आपत्ति जताकर हटवा दिया था। इसी रंजिश के चलते विनोद ने करीब डेढ़ महीने पहले एक अन्य आरोपी जितेन्द्र उर्फ लल्ला यादव से मिलकर पांच लाख रुपये में पवन की हत्या की योजना बनाई थी।

पुलिस मुठभेड़ और आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस आयुक्त और अन्य उच्च अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत हंडिया पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मंगलवार दोपहर करीब सवा एक बजे सरायकस्तूरी बाग के पास से दो अभियुक्तों- विनोद कुमार यादव और बृजेश यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर जब पुलिस अन्य दो अभियुक्तों- जितेन्द्र उर्फ लल्ला यादव और निहाल अहमद को पकड़ने औरा पुलिया के पास पहुंची, तो वे मोटरसाइकिल से भागने लगे। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस बल पर फायरिंग कर दी। पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया।

बरामदगी और तकनीकी साक्ष्य

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो अवैध तमंचे (.315 बोर), कारतूस, खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त काले रंग की स्पलेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि शूटरों को तय रकम का भुगतान करने के लिए आरोपी निहाल अहमद के यूपीआई का इस्तेमाल किया गया था, जिसके स्क्रीनशॉट और रेकी के कई वीडियो व्हाट्सऐप के जरिए भेजे गए थे। पुलिस ने मामले में धाराएं बढ़ाते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और सभी आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास भी खंगाल लिया गया है।

इस सनसनीखेज वारदात के पीछे पुरानी आपसी रंजिश और आपराधिक षड्यंत्र की एक लंबी पृष्ठभूमि जुड़ी है। मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार यादव की मृतक पवन कुमार यादव के साथ पंचायत चुनाव और प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर तीखी तनातनी थी। वहीं, दूसरे मुख्य आरोपी जितेन्द्र उर्फ लल्ला यादव के मन में भी पुरानी रंजिश चल रही थी, क्योंकि वह पवन पर साल 2022 में हुए शशांक हत्याकांड में मुखबिरी करने और खुद को जेल भिजवाने का शक करता था। इसी आपसी वैमनस्य और बदले की भावना के तहत आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से भदोही और प्रयागराज के अन्य बदमाशों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने का ताना-बाना बुना था।

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