शराब से मरने वालों की संख्या बीस पार, अब कानून का भय दिखा रही सरकार!

खबर सार :-

सागर जिले में बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैघ शराब से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने गुरुवार को आरोपितों की संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई कर के अपनी मंशा जता दिया है।
सागर:  शराब से हुई मौत मामले में पांच मकानों पर चला बुलडोजर, फरार आरोपी पर इनाम घोषित

खबर विस्तार : -

सागरः मध्य प्रदेश के सागर में शराब से हुई मौतों के आंकड़ों में भले ही हेराफेरी कर दी गई हो, मगर यह तो तय है कि इस मामले में एमपी में भाजपा की सरकार बदनाम जरूर हुई। इसका कारण है कि जो आंकड़े सरकारी पन्नों में लिखे गए हैं, वह किसी के गले नहीं उतर रहे हैं। फिर भी यह मामला बेहद गंभीर है। इसीलिए सरकार सख्ती के साथ आरोपियों की तलाश कर रही है।

प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई 

जिले में बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में मौतों के मामले में प्रशासन ने गुरुवार को आरोपितों की संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई कर के अपनी मंशा जता दिया है। प्रशासन की बनाई गई एक संयुक्त टीम बंडा के वार्ड नंबर 11 और 12 में पहुंची और तीन आरोपितों से जुड़े पांच मकानों पर बुलडोजर चलवा दिया। इस टीम के साथ कार्रवाई के दौरान तीन जेसीबी मशीनें थीं। प्रशासन का कहना है कि कथित अवैध निर्माणों को नष्ट किया गया है।

इस मामले में जो कार्रवाई हुई है, वह फ्रंट लाइन में हुई है। मुख्य आरोपी बताए जा रहे चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू, आशीष साहू और मनीष लोधी से जुड़े निर्माणों पर कर्रवाई की गई। कुल पांच मकानों को इसमें शामिल किया गया है। प्रशासन की टीम सबसे पहले चंद्रभान सिंह राजपूत के मकान पर पहुंची, तो वहां भगदड़ मच गई। इसके बाद आशीष साहू और मनीष लोधी से जुड़े मकानों पर भी कार्रवाई की गई।

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 प्रशासन की ओर से बताया गया कि राजस्व रिकॉर्ड और जांच के आधार पर अवैध निर्माण व अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। इस कार्रवाई में आशीष साहू का एक मकान पूरी तरह से गिरा दिया गया है। इसी कड़ी में मनीष लोधी से जुड़े तीन मकानों पर भी बुलडोजर चला। इनके अवैध हिस्से हटाए गए हैं। इस बीच कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों से अवैध निर्माणों के लोग बहस करते रहेे।

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

इस मामले में एसडीएम संजय जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसी पहल पर अवैध शराब कारोबार से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक पुलिस की जांच में यह शराब अंतरराज्यीय नेटवर्क का अवैध भंडार रहा। बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान कुल 16 गिरफ्तारियां की कई हैं। जो फरार आरोपी हैं, उनके खिलाफ इनाम घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच में शराब की आपूर्ति, बिक्री, मौतों के कारण और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में अनधिकृत निर्माण या शासकीय भूमि पर अतिक्रमण मिलने और अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े होने पर किसी को माफ नहीं किया जाएगा।

आंकड़ों में बड़ा फर्क नजर आ रहा

उधर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, अनाधिकृत निर्माण और कृषि भूमि पर कब्जे की शिकायतें मिल रही थी। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जहां कहीं भी जांच की जा चुकी और उसकी पुष्टि हो चुकी है, वहां पर अवैध निर्मार्ण हटाए जा रहे हैं। उन्होंने सिमरिया गांव का भी उल्लेख किया है। इसमें भी कृषि भूमि पर अनाधिकृत कब्जे की जानकारी मिली है। इस गांव पर शाहगढ़ तहसीलदार को जिम्मेदारी दी गई है।शराब मामले में आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। रिकॉर्ड में मिलान किया जा रहा है।

इधर, बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के आंकड़ों में बड़ा फर्क नजर आ रहा हैं। ताजा रिपोर्टों में 28 मौतों का दावा किया गया है। इस बात को प्रशासन नहीं मान रहा है। उनकी ओर से 15 मौतों की पुष्टि की गई है।  आंकड़ों में कुछ तो गड़बड़ है, क्योंकि कई मरीजों की अस्पतालों में इलाज के दौरान मौत हुई थी। यद्यपि कहा जा रहा है कि मौतों की वास्तविक संख्या और कारणों की जांच अभी चल रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 12 मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेथनॉल विषाक्तता सामने आने की बात आई है। 

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