मणिपुर: उग्रवादियों का हमला, स्कूल प्रिंसिपल समेत चार की मौत

खबर सार :-

इंफाल, मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सशस्त्र उग्रवादियों ने एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल समेत चार लोगों की हत्या कर दी। हमले में एक व्यक्ति घायल है।
मणिपुर में उग्रवादियों ने की गोलियों की बौछार, चार लोगों की जान गई

खबर विस्तार : -

इंफाल: :मणिपुर के कांगपोकपी जिले में गुरुवार को सशस्त्र उग्रवादियों के हमले में एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल समेत चार लोगों के मारे जाने से सनसनी फैल गई है। हमले में एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया है।

उग्रवादियों ने करीब से की गोलीबारी

जानकारी के अनुसार मकुई अशंग और थानम्बा नागा गांवों के बीच एक सुनसान इलाके में यह हमला किया गया है। उग्रवादियों ने एक वाहन को निशाना बनाया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। घटना के संबध में इंफाल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि चारों पीड़ित लियांगमाई नागा समुदाय के थे। उग्रवादियों ने इन पर करीब से गोलीबारी की। इसमें मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई। घटना की जानकारी पाते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी पाते ही पहुंची पुलिस चारों शवों को सेनापति जिला अस्पताल ले गई। यहीं घायल व्यक्ति का इलाज किया गया।

वारदात के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं

इस वारदात के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन दिनदहाड़े हुई हत्याओं के बाद, नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन ने सेनापति जिला मुख्यालय शहर में दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया। यह इलाका आईटी रोड के किनारे बसे नागा समुदायों के लिए जीवन रेखा का काम करता है। विभिन्न नागा संगठनों ने कहा है कि दो से तीन सशस्त्र कुकी उग्रवादियों ने यह वारदात की है। उन्होंने मकुई अशंग और थानम्बा नागा के बीच निर्दोश नागा नागरिकों को निशाना बनाया। 

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठी

पीड़ितों की पहचान भी कर ली गई है। इनमें विसोबू चारेनमई, ताडसोंगबू रिंगकांगमई, मारियाकदिबू विजुनामई और अनिल विजुनामई आदि हैं। हमले में गैकामंग रिंगकांगमई घायल हैं। इस हमले में नागा छात्र नेता जापौ एमके बाल-बाल बचे। ताडसोंगबू रिंगकांगमाई निजी शिक्षण संस्थान राइट पाथ स्कूल के संस्थापक और प्रधानाचार्य थे, जबकि विसोबू चारेनामई चावांगकिनिंग ग्राम प्राधिकरण के अध्यक्ष और एक स्थानीय संगठन के पूर्व उपाध्यक्ष थे। 

हत्या मामले पर अभी ज्यादा कुछ कहा नहीं जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि मणिपुर में नागा लोगों की सर्वोच्च संस्था, यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) है। उसने एक बयान में इन हत्याओं की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल किए हैं, कहा कि चूक के कारण ऐसा हुआ है। उधर, यूएनसी ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। कहा है कि सुरक्षा बलों की तैनाती में मनमानी की गई है। यूएनसी ने मांग की है कि तत्काल दोषियों को गिरफ्तार करें। 

सड़क पर यात्रियों की सुरक्षा की गुहार

पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाएं। संगठन की ओर से कहा गया है कि ऐसी घटनाओं के न्याय प्रक्रिया में देरी न हो। यूएनसी ने कहा कि यह घटना बता रही है कि शांति के लिए यह आरोपी खतरा बने हैं। इसके साथ ही कई तरीके से यह अशंति फैलाने की कोशिश करते हैं। नागा संगठनों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यहां की आईटी रोड पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से हमले में शामिल लोगों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। 

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