गॉल टेस्ट से पहले कप्तान शुभमन गिल का बड़ा बयान, कहा- 'डब्ल्यूटीसी फाइनल खेलना हमारा मुख्य लक्ष्य'

खबर सार :-

श्रीलंका के खिलाफ गॉल क्रिकेट मैदान पर टीम इंडिया 600वां टेस्ट मैच खेलने उतरेगी। कप्तान शुभमन गिल ने गॉल टेस्ट मैच को लेकर डब्ल्यूटीसी फाइनल खेलने का लक्ष्य तय किया है। डब्ल्यूटीसी फाइनल जून 2027 में ओवल के मैदान पर खेला जाएगा।
गॉल में श्रीलंका के खिलाफ 600वां टेस्ट मैच खेलने उतरेगी इंडिया

खबर विस्तार : -

IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की शुरूआत शनिवार से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगी। श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इंडियन टीम अपना 600वां टेस्ट मैच खेलने उतरेगी। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड कायम रखना चाहेगी। कैप्टन गिल ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा कि गॉल टेस्ट मैच में उतरने का लक्ष्य अगले साल होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चौंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में जगह बनाना है। टीम इंडिया डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल में पांचवें नंबर पर है। जून 2027 में इंग्लैंड के ओवल मैदान पर होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में  खेलने के लिए टीम इंडिया को आगे खेले जाने वाले सभी मैच जीतने होंगे। 

हम सही दिशा में सही कदम उठा रहे हैं

 शुभमन गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैं अपनी भूमिका से बहुत सहज हूं, और मुझे लगता है कि पिछले एक साल में हमने जिस तरह से प्रगति की है, वह मेरे नजरिए से बहुत सुखद रही है, और मुझे लगता है कि हम सही दिशा में सही कदम उठा रहे हैं। गिल ने आगे कहा, "जाहिर है कि मुख्य लक्ष्य वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है, जो अगले साल होना है। हमारे पास लगभग 9 टेस्ट मैच हैं और मुझे लगता है कि क्वालिफाई करने का अच्छा मौका पाने के लिए हमें उनमें से छह या सात मैच जीतने होंगे। इसी वजह से उस लिहाज से मुझे लगता है कि यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण सीरीज है और हमने सीरीज से पहले सही तरह की तैयारियां की है।

खिलाड़ियों के लिए हालात के अनुसार ढलना कभी नहीं होता आसान 

पिछले दौरों के विपरीत भारतीय टीम इस बार श्रीलंका जल्दी पहुंची है। इसके साथ ही टीम ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय वॉर्मअप मैच में भी हिस्सा लिया था। गिल ने कहा, "खिलाड़ियों के लिए हालात के अनुसार ढलना कभी आसान नहीं होता, और मुझे लगता है कि इस टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों को वहां के हालात के हिसाब से खुद को ढालने के लिए थोड़ा समय चाहिए होता है। ऐसा नहीं है कि ज्यादातर खिलाड़ियों ने बहुत सारे मैच खेले हैं या उनके पास बहुत अधिक अनुभव है, इसलिए तैयारी के लिए मिला अतिरिक्त समय निश्चित रूप से मददगार साबित होता है।

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कप्तान गिल ने टीम के तेज गेंदबाजी अटैक पर जताया भरोसा

जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के बावजूद कप्तान गिल ने टीम के तेज गेंदबाजी अटैक पर भरोसा जताया है। उन्होंने खासतौर पर प्रसिद्ध कृष्णा की तारीफ की है। भारतीय कप्तान ने कहा, "गुरनूर बरार बेहतरीन गेंदबाज हैं क्योंकि वह पुरानी गेंद से भी अच्छी रफ्तार और उछाल हासिल कर सकते हैं, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा हाल के दिनों में अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं, जैसा कि हमने वॉर्मअप मैच में देखा है। इसी वजह से यह फैसला करना मुश्किल है। प्रसिद्ध अपने करियर की सबसे बेहतरीन फॉर्म में नजर आए हैं। गिल ने आगे कहा, "बुमराह टीम में नहीं हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह दूसरे गेंदबाजों के लिए आगे बढ़कर सीरीज में अपनी छाप छोड़ने का एक बहुत अच्छा मौका है। विकेट लेने के लिए आपको अलग-अलग चीजें आजमानी पड़ती हैं। आपको मौके बनाने होते हैं, खासकर पहले और दूसरे दिन। हो सकता है कि विकेट से ज्यादा मदद न मिले। ऐसे में आप दबाव कैसे बना सकते हैं? आप खेल को अपने हाथों से बहुत अधिक दूर जाने से कैसे रोक सकते हैं? इसके लिए अलग-अलग तरह की क्रिएटिव फील्डिंग सेट करना जरूरी है।

पडिक्कल के पास टेस्ट फॉर्मेट में सफल होने के लिए सभी जरूरी कौशल 

कप्तान शुभमन गिल ने वॉर्मअप मैच में शतकीय पारी खेलने वाले देवदत्त पडिक्कल की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "देवदत्त पहले भी इंडिया ए के साथ यहां आ चुके हैं और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। देवदत्त में इस फॉर्मेट में सफल होने के लिए जरूरी सभी कौशल और क्षमता है। ऐसे खुले मैदानों पर हवा कभी-कभी अहम भूमिका निभाती है। गिल ने आगे कहा, "एक बल्लेबाज के तौर पर टीम मीटिंग में भी हम इस बारे में बात करते हैं कि अगर हमें स्पिनर के खिलाफ आक्रामक खेलना है, तो हमें यह देखना होगा कि हवा हमारे पक्ष में है या हमारे खिलाफ। हम उस स्थिति का अपने फायदे के लिए कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं, बजाय इसके कि हम उसके खिलाफ जाने की कोशिश करें। शायद श्रीलंका और भारत में खेलने के बीच यही एक फर्क है। भारत में ज्यादातर मैदान स्टैंड से घिरे हुए (बंद) होते हैं। खुले मैदानों में हवा बहुत बड़ी भूमिका निभाती है।

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