Virat Kohli के नाम जुड़ा एक और खास Record, International Level पर यह मुकाम हासिल करने वाले बने World के पहले बल्लेबाज

खबर सार :-

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में 139 रनों की शानदार शतकीय पारी खेलने वाले विराट कोहली ने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। वनडे क्रिकेट में एक देश की धरती पर 7 हजार रन पूरे करने, लिस्ट-ए मैच में सबसे अधिक शतक लगाने के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी करने समेत अन्य रिकॉर्ड बनाए।
एक देश की धरती पर सर्वाधिक वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बने Virat Kohli

खबर विस्तार : -

IND vs WI: उम्र और अनुभव के साथ विराट कोहली का प्रदर्शन शानदार होता जा रहा है। इंटरनेशनल लेवल पर सिर्फ एकदिवसीय मैच खेलने के बावजूद विराट की फॉर्म और फिटनेस लाजवाब है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में विराट कोहली ने शानदार शतकीय पारी खेली। कोहली ने 88 गेंदों पर 139 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी तूफानी शतकीय पारी के दौरान कोहली ने खास मुकाम भी हासिल कर लिया है। विराट कोहली ने भारत में खेलते हुए वनडे क्रिकेट में 7 हजार रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही वह किसी एक देश की धरती पर सर्वाधिक वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली ने अपनी इस पारी में 10 चौके और 9 छक्के लगाए। विराट ने अपने वनडे करियर की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया।

लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में की सचिन तेंदुलकर की बराबरी

इसके साथ ही वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर के बराबर भी पहुंच गए हैं। कोहली ने 338 पारियों में 60 शतक लगाए हैं, जबकि तेंदुलकर ने 538 पारियां खेलकर 60 शतक लगाए थे। विराट रविवार को सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बने। सचिन ने इस उपलब्धि को 350 पारियां खेलकर हासिल किया था, जबकि कोहली ने यह मुकाम अपनी वनडे करियर की 315वीं पारी में हासिल किया। विराट बेहतरीन लय में दिखाई दिए और उन्होंने सिर्फ 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके एकदिवसीय करियर का तीसरा सबसे तेज शतक भी है। कोहली ने अपना अर्धशतक और शतक छक्के के साथ पूरा किया। 

मैच में कप्तान गिल और जस्टिन ग्रीव्स ने खेली शतकीय पारी

वहीं, उन्होंने भारतीय टीम को पहले वनडे में जीत भी सिक्स लगाकर दिलाई। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 7 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 295 रन लगाए। टीम की तरफ से जस्टिन ग्रीव्स ने 101 रनों की दमदार पारी खेली, आमिर जांगू ने नाबाद 58 रन बनाए। हालांकि, भारतीय टीम ने 296 रनों के लक्ष्य को आसानी से 41.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। कोहली के अलावा, कप्तान शुभमन गिल ने भी शतकीय पारी खेली। गिल ने 108 गेंदों का सामना करते हुए 110 रन बनाए। उन्होंने अपनी इस पारी में 13 चौके और एक छक्का लगाया। कोहली और गिल ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 151 रनों की साझेदारी निभाई और मैच को पूरी तरह से एकतरफा कर दिया।

15,000 वनडे रन पूरे करने के बाद बोले विराट, 'उपलब्धियां अपने आप आती हैं 

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने के ऐतिहासिक मुकाम के बाद कहा कि उन्होंने कभी व्यक्तिगत उपलब्धियों को अपना लक्ष्य नहीं बनाया। उनके लिए हमेशा टीम की जरूरत के मुताबिक खेलना सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। कोहली ने यह भी कहा कि अपने करियर के इस पड़ाव पर वह खुद का "नया वर्जन" तैयार करने की चुनौती का आनंद ले रहे हैं। 37 वर्षीय विराट कोहली ने ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का 55वां शतक था। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इसी दौरान कोहली वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए और सबसे तेज इस आंकड़े तक पहुंचने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

कोहली ने मानसिक मजबूती को बताया अपनी निरंतरता का राज

मैच के बाद प्रसारक से बातचीत में कोहली ने कहा, "मेरा ध्यान कभी इन माइलस्टोन पर नहीं रहा। मेरा फोकस हमेशा यही रहता है कि टीम की जरूरत के हिसाब से अपना काम करूं। उपलब्धियां अपने आप आती रहती हैं। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली और ईश्वर का आभारी मानता हूं कि इतने लंबे समय तक भारत के लिए खेलने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश हमेशा सिर झुकाकर मेहनत करने और मिले हर मौके के लिए भगवान का धन्यवाद करने की रही है। कोहली ने कहा कि दुनिया में करोड़ों लोग भारत के लिए खेलने का सपना देखते हैं और वह खुद को उन खुशकिस्मत लोगों में मानते हैं जिन्हें यह अवसर मिला। कोहली ने अपनी हालिया निरंतरता का राज बताते हुए कहा कि अब खेल का बड़ा हिस्सा मानसिक मजबूती से जुड़ा है। उन्होंने कहा, "मैंने कभी बहुत ज्यादा अभ्यास करने में विश्वास नहीं किया, यहां तक कि जब मैं तीनों फॉर्मेट खेलता था तब भी नहीं। मेरे लिए सबसे जरूरी है मानसिक रूप से तरोताजा रहना, वर्तमान में जीना और मैदान पर खुद को खुलकर व्यक्त करना।

फिटनेस को बताया अपनी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी 

उन्होंने बताया कि अब उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की गति बढ़ाने की चुनौती खुद को दी है। करियर के इस चरण में मैंने तय किया कि मुझे एक-दो गियर ऊपर जाकर बल्लेबाजी करनी है। यही चुनौती मुझे उत्साहित करती है। जब आप अपने करियर के इस पड़ाव पर खुद का नया वर्जन तैयार करते हैं तो उससे टीम को भी फायदा मिलता है, चाहे भारत के लिए खेलूं या आईपीएल में। पूर्व कप्तान ने फिटनेस को अपनी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि फिट शरीर ही खिलाड़ी को मानसिक आजादी देता है। उन्होंने कहा, "मैं पहले शरीर को फिट रखता हूं, फिर दिमाग खेल को उसी तरह देखने लगता है जैसा मैं खेलना चाहता हूं। इससे मैदान पर योजनाओं को लागू करने का सबसे अच्छा मौका मिलता है। कोहली ने कहा कि आज वह अपने क्रिकेट सफर के लिए सिर्फ आभार महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, "कभी-कभी हमें पीछे मुड़कर देखना चाहिए कि हम कहां से आए हैं। शोहरत और लोगों का प्यार हमें यह बात भुला देता है। लेकिन जब बचपन से अब तक का सफर याद करता हूं तो सिर्फ कृतज्ञता महसूस होती है।

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बचपन का सपना था भारत के लिए खेलना 

उन्होंने कहा कि भारत के लिए खेलना उनका बचपन का सपना था और वह हर पल का आनंद लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "यह भी हो सकता था कि मैं कभी भारत के लिए नहीं खेलता। लेकिन मुझे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और बड़े-बड़े स्टेडियम में खेलने का मौका मिला है। मेरे दिल में सिर्फ आभार है और मैं चाहता हूं कि अपनी मेहनत से लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकूं। युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कोहली ने कहा कि मैदान के बाहर की बातों में उलझने के बजाय खेल पर पूरा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, "हर मैच ऐसे खेलो जैसे यही आखिरी मैच हो। यही सोच आपको सकारात्मक बनाती है और टीम के लिए मैच जिताने का जज्बा देती है। मैदान पर उतरने के बाद वही आपकी पूरी दुनिया होनी चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से फिटनेस और मेहनत पर कोई समझौता नहीं करने की सलाह दी। अगर 150 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए एक ओवर में चार डबल दौड़ने पड़ें तो भी दौड़ो। कोई बहाना नहीं होना चाहिए।

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजों में से एक हैं शुभमन 

2027 वनडे विश्व कप को लेकर कोहली ने कहा कि अब सिर्फ एक फॉर्मेट खेलने से उनके लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट हैं। विश्व कप में करीब एक साल बाकी है। मुझे पता है कि मेरा लक्ष्य क्या है। जितने भी मैच मिलेंगे, उनमें अपने खेल के अलग-अलग पहलुओं पर काम करना है, फिट रहना है, आखिरी 15 ओवर में बाउंड्री से बाउंड्री तक दौड़ने की क्षमता बनाए रखनी है और मैदान पर पूरी तीव्रता दिखानी है। उन्होंने कहा कि अब वह दबाव या चिंता के बजाय हर मौके का आनंद लेना चाहते हैं। "मैंने खुद से वादा किया है कि सकारात्मक क्रिकेट खेलूंगा, लेकिन लापरवाही नहीं करूंगा। एक अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर मुझे उस बारीक अंतर को समझते हुए टीम को जीत तक पहुंचाना है। कोहली ने कप्तान शुभमन गिल की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने इस मैच में 110 रन बनाए। उन्होंने कहा, "शुभमन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजों में हैं। उन्हें पता है कि टीम को किस परिस्थिति में क्या चाहिए। ऐसे खिलाड़ी के साथ साझेदारी करना आसान हो जाता है। मैदान पर उन्हें ज्यादा सलाह देने की जरूरत नहीं पड़ती। जहां उन्हें मेरी जरूरत होगी, मैं हमेशा उनके साथ हूं।

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