धोखाधड़ी के तीन केस में ईडी की 20 ठिकानों पर तलाशी, कर्नाटक में केपीएससी के दो अधिकारी गिरफ्तार

खबर सार :-

नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत और बैंक से लोन दिलाने में फर्जीवाड़ा करने वाले दो अधिकारी एक और मामला कालाधन का लेनदेन में भी फंस चुके हैं। एक-एक मामले की जांच की जा रही है। ईडी ने छापा डाला और सबूत जुटाए। बाद में दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जीवाड़ा में डूबे रहे दो अधिकारी, लोन-नौकरी और कालाधन के लेनदेन में फंसे, दोनों गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन अलग-अलग मामलों में छापेमारी की। इस दौरान अफरा तफरी का माहौल बना रहा। छापे के समय कई बार अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। बताया जा रहा है कि केरलम में सहकारी समितियों से कथित धोखाधड़ी के मामले में यह कार्रवाई की गई है। बुधवार को त्रिशूर, एर्नाकुलम और कोझिकोड में करीब 20 ठिकानों पर छापे डाले गए। बताया जा रहा है कि यह मामला 92 करोड़ की अपराध से अर्जित किया गए धन से जुड़ा हुआ है। छापे के दौरान बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो चुके थे। प्रशासन ने अनावश्यक लोगों को अंदर नहीं जाने दिया। 

90 करोड़ का पता लगाने निकली ईडी

92 करोड़ रुपये की संपत्ति का मामला राजनीतिक चलाचली के कारण ज्यादा उछला है। आरोप है कि अपराध से अर्जित संपत्ति मामले की जांच की जा रही है। यह कार्रवाइ ईडी ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार पर की गई। इसी दौरान आयोग की सदस्य बीवी गीता भी रेंज पर रहीं। कथित भर्ती अनियमितताओं का मुद्दा इन दिनों खूब उछाला गया है। इनको धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया है। इस छापामार कार्रवाई के संबंध में ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि अर्बन को-ऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े मामले की जांच की गई। बताया गया कि पदाधिकारियों ने फर्जी ऋण जारी कर सदस्यों को नुकसान पहुंचाया। इस आपराधिक कारनामा के जरिए करीब 55 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई गई है।

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अधिक ब्याज देने का वादा कर फर्जी ऋण जारी

फर्जीवाड़ा कर अकूत संपत्ति जुटाई गई है। बताया जा रहा है कि एर्नाकुलम और आसपास के करीब पांच ठिकानों पर छापे डाले गए। यहां भी हंगामा मचा रहा। थेन्नेला सर्विस को-ऑपरेटिव सोसाइटी से यह मामला जुड़ा हुआ बताया गया। इसी तरह से एक और मामले में अधिक ब्याज देने का वादा किया गया था। इसमें उपभोक्ता को फर्जी ऋण जारी कर दिया गया। यद्यपि यह अभी आरोपों के आधार पर कहा जा रहा है। इस काले कारनामे के जरिए करीब 10 करोड़ रुपये बनाए गए। 

फर्जीवाड़ा कर जुटाई काली कमाई

इसी कडी में कोझिकोड और वहीं पास के कई ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इसी क्षेत्र का एक और तीसरा मामला भी उछला था। इसमें कुट्टानेल्लूर को-ऑपरेटिव बैंक के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं। कहा जा रहा है कि मालिकों और जमाकर्ताओं की सहमति के बिना गिरवी रखी गई संपत्तियों को हस्तांतरित कर दिया। इस तरह के हथकंडे से करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई गई।

इसमें अपराध से अर्जित संपत्ति का उल्लेख किया गया है। इसी कड़ी को सुलझाने के लिए त्रिशूर के अलावा करीब छह ठिकानों पर छापे डाले गए। एक ओर छापा कार्रवाई चलती रही, वहीं दूसरी ओर कर्नाटक ही गिरफ्तारी भी चलती रही। कुछ ही देर में ईडी ने केपीएससी के शिवशंकरप्पा एस साहूकार और सदस्य बीवी गीता को गिरफ्तार कर किया है। 

भर्ती में भी अनियमितता के आरोप थे

ईडी की कार्रवाई के कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें आयोग के माध्यम से पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती कराई गई थी। इस परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोप काफी दिनों पहले से लगाए जा रहे थे। भर्ती परीक्षा में धन का लेनदेन किया गया था। आरोपों के आधार पर मामले की जांच की गई है। ईडी ने साहूकार के बेंगलुरु स्थित आवास पर छापा डाला। इस दौरन कागज और संपत्ति का मूल्यांकन भी किया गया। इस कार्रवाई में सभी नए सवालों की पूर्ति की गई। तलाशी के दौरान कई सवाल उठाए गए। इनका वाजिब और सटीक जवाब नहीं था। 

बिचौलियों की भूमिका की होगी जांच 

टीम ने बाद में दोनों को गिरफ्तार किया कर लिया। इस मामले में पूर्व परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और कथित बिचौलिए बसवराज कन्नाले से भी ईडी पहले पूछताछ कर चुकी है। आरोप है कि मिलीभगत के सहारे यह काम किया गया था। अभी और गिरफ्तारी की जा सकती है। साथ ही पूछताछ का सिलसिला भी चलता रहेगा। यह मामला काफी हाईप्रोफाइल हो चुका है। ईडी की जांच में उन सभी पहलुओं पर गौर किया गया है, जोे आरोप लगाए गए थे। इनमें भर्ती प्रक्रिया में कथित रिश्वत, परीक्षा में अनियमितता और अवैध धन के लेनदेन शामिल है। इनकी जांच की जा रही है। एजेंसी ने कहा कि साहूकार और गीता की गिरफ्तारी इसी धन शोधन जांच का हिस्सा है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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