Pak Spy : उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तान समर्थित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त दो आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर देश की सुरक्षा के खिलाफ रचे जा रहे गहरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। इन गिरफ्तारियों में एक आरोपी दिल्ली का निवासी है, जो पाक उच्चायोग के अधिकारी के साथ मिलकर जासूसी और हवाला नेटवर्क चला रहा था, जबकि दूसरा आरोपी वाराणसी में बैठकर पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के लिए जासूसी और वैचारिक उकसावे का काम कर रहा था।
एटीएस को मिली पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर दिल्ली के सीलमपुर निवासी मोहम्मद हारुन पुत्र अतीकुर्रहमान (उम्र 45 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। वह स्क्रैप कारोबारी की आड़ में पाक उच्चायोग, नई दिल्ली में कार्यरत पाकिस्तानी अधिकारी मुजम्मल हुसैन के साथ मिलकर काम कर रहा था। हारुन न केवल पाकिस्तान वीजा के नाम पर लोगों से पैसे वसूलता था, बल्कि सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी मुजम्मल हुसैन को देता था, जिसका इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में किया जाता था।
पूछताछ में सामने आया कि हारुन पाकिस्तान में अपनी रिश्तेदारी के कारण अक्सर पाक उच्चायोग जाता था, जहाँ उसकी पहचान मुजम्मल हुसैन से हुई। इसके बाद दोनों ने मिलकर वीजा दिलाने के नाम पर कई बैंक खातों का इस्तेमाल कर रकम इकट्ठा की। हारुन इन खातों में पैसा डलवाकर उसे नकद में मुजम्मल के बताए स्थानों पर पहुंचाता था। यह पैसा देशविरोधी नेटवर्क की फंडिंग में इस्तेमाल होता था। सरकार ने मुजम्मल हुसैन को “Persona Non Grata” घोषित कर देश से निष्कासित कर दिया है।
दूसरी कार्रवाई में एटीएस ने वाराणसी के दोशीपुरा निवासी तुफैल पुत्र मकसूद आलम को गिरफ्तार किया, जो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए पाकिस्तान समर्थित कट्टरपंथी संगठनों से जुड़कर भारत के खिलाफ वैचारिक युद्ध छेड़े हुए था। तुफैल पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-लब्बैक के नेता मौलाना शाद रिजवी के भाषण शेयर करता था और गजवा-ए-हिंद, बाबरी मस्जिद का बदला, भारत में शरीयत लागू करने जैसे संदेश फैलाता था।
उसने राजघाट, ज्ञानवापी, लाल किला, जामा मस्जिद, नमोघाट सहित कई संवेदनशील स्थलों के चित्र और जानकारियाँ पाकिस्तानी नंबरों पर साझा की थीं। जांच में सामने आया कि वह फेसबुक के जरिए फैसलाबाद निवासी एक पाकिस्तानी महिला नफीसा के संपर्क में था, जिसका पति पाकिस्तानी सेना में है। वह अब तक करीब 600 से अधिक पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों से संपर्क में था।
दोनों मामलों में एटीएस ने अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 148/152 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। हारुन के पास से दो मोबाइल फोन और ₹16,900 नकद बरामद हुए हैं, जबकि तुफैल से मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किया गया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जा चुका है, आगे की जांच और नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।
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