Janmashtami 2025 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों और दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जीवन-लीला हमें आत्म-विकास और आत्म-ज्ञान की ओर प्रेरित करती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, हर्ष और उल्लास से परिपूर्ण, जन्माष्टमी के पावन अवसर पर, मैं सभी देशवासियों और अन्य देशों में रहने वाले सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। भगवान श्रीकृष्ण की जीवन-लीला हमें आत्म-विकास और आत्म-ज्ञान की ओर प्रेरित करती है।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मानुसार कर्तव्य पथ पर चलकर संपूर्ण मानवता को परम सत्य की प्राप्ति का मार्ग दिखाया है। जन्माष्टमी का पर्व हमें भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण द्वारा बताए गए शाश्वत आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आइए हम सभी भगवान कृष्ण के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और लोक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ते हुए अपने समाज और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाएं।
इससे पहले, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संदेश दिया था। अपने संबोधन में उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष हमें आतंकवाद का दंश झेलना पड़ा। कश्मीर घूमने गए निर्दोष नागरिकों की हत्या कायरतापूर्ण और पूर्णतः अमानवीय थी। भारत ने दृढ़ संकल्प के साथ इसका निर्णायक जवाब दिया।
उन्होंने आगे कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने दिखाया कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न आता है, तो हमारे सशस्त्र बल किसी भी स्थिति का सामना करने में पूरी तरह सक्षम हैं। रणनीतिक स्पष्टता और तकनीकी दक्षता के साथ, हमारी सेना ने सीमा पार आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया। मेरा मानना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंकवाद के विरुद्ध मानवता की लड़ाई में एक मिसाल के रूप में इतिहास में दर्ज होगा।
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