Rohit Shetty house firing case: मजबूरियां गिना रहा शूटर दीपक शर्मा, बोला- फैमिली के लिए चुना ये रास्ता

खबर सार :-
फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के मामले में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच इस घटना पर लगातार एक्शन ले रहे है और गिरफ्तार शूटर से पूछताछ कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी भी कर रही है।

Rohit Shetty house firing case: मजबूरियां गिना रहा शूटर दीपक शर्मा, बोला- फैमिली के लिए चुना ये रास्ता
खबर विस्तार : -

मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की पूछताछ के बाद मुख्य शूटर खुद को एक मजबूर भाई बताने की कोशिश में लगा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि दीपक के दो भाई और तीन बहनें हैं। उसकी सबसे छोटी बहन की शादी पिछले साल हुई थी, जिसके लिए परिवार को अपना घर गिरवी रखना पड़ा था। इसके अलावा, उसकी एक बहन को उसके पति ने बीमारी की वजह से छोड़ दिया था और अब इस घटना की पूरी जिम्मेदारी दीपक पर है। इन पैसों की दिक्कतों की वजह से उसने गलत रास्ता अपना लिया।

3 लाख में डन हुई थी डील

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पैसे की तंगी से जूझ रहा दीपक इस जुर्म को करने के लिए दिमागी तौर पर पूरी तरह तैयार नहीं था। शूटिंग से ठीक पहले वह बहुत घबराया हुआ था। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपना डर ​​दबाने के लिए शराब पी और फिर हिम्मत जुटाकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की।

जांच में यह भी पता चला कि दीपक और उसके तीन साथियों को इस शूटिंग के लिए कुल 3 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। इसमें से 50 हजार रुपये की पहली किस्त शूटरों की तैयारी, आने-जाने और दूसरे खर्चों के लिए एडवांस में दी गई थी। बाकी रकम जुर्म के बाद देने का वादा किया गया था।

घर के बाहर गोली चलाने का ऑर्डर 

मुख्य शूटर दीपक शर्मा को वहां से कार उठाकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोली चलाने का ऑर्डर दिया गया था। इस तरह, पूरी साज़िश को अलग-अलग लोगों के ज़रिए अंजाम देने की कोशिश की गई। इस मामले में बहादुरगढ़ STF यूनिट ने मुंबई पुलिस के साथ मिलकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आगरा ज़िले के बहाबिजोली का रहने वाला ऋतिक यादव, नोएडा के सेक्टर 45 के सदरपुर का दीपक और आगरा के ही सनी और सोनू शामिल हैं।

 आरजू बिश्नोई और शुभम लोणकर मोस्ट वांटेट घोषित 

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, जांच में इस बात के पक्के सबूत मिले हैं कि आरजू बिश्नोई और शुभम लोणकर दोनों ही शूटरों और केस में शामिल दूसरे आरोपियों के लगातार संपर्क में थे। इसी आधार पर अब दोनों को वॉन्टेड घोषित कर दिया गया है और उनकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। टीम लगातार इन अरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है। 

अब तक क्या-क्या हुआ

बता दें कि फायरिंग की घटना के तुरंत बाद ही रोहित शेट्टी ने पुलिस को इसकी सूचना दी और अपनी सभी प्लान कैंसिल कर दिए, इतना ही नहीं उन्होंने अपने दोस्तों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को घर पर न आने की हिदायत भी दी। रोहित शेट्टी पूछताछ में पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया। बारी-बारी से पूछताछ हुई और कई सुराग भी पुलिस के हाथ लगे। जिसके बाद पुलिस मास्टमाइंड पर पहुंची और इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी को हरियाणा ले गई, जहां कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पंचनामा किया गया और हथियार को जब्त कर लिया गया। फिर इसे बैलिस्टिक टेस्टिंग के लिए कलीना फोरेंसिक लैब भेजा गया। एक अधिकारी के अनुसार, बरामद हथियार हाई क्वालिटी का है, लेकिन फाइनल कन्फर्मेशन बैलिस्टिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक, यह मामला मुंबई में DCB CID में दर्ज FIR नंबर 19/2026 से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 109, MP एक्ट की धारा 37(1) और 37(2) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपी शुभम की तलाश कर रही है। साथ ही पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। मामले में जल्द ही और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
 

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