नई दिल्ली: भारत की राजधानी नई दिल्ली सोमवार से दुनिया के भविष्य की दिशा तय करने वाला केंद्र बन गई है। पांच दिवसीय महत्वपूर्ण एआई समिट इंडिया 2026 की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो' का उद्घाटन करके की। ग्लोबल साउथ (Global South) में पहली बार आयोजित हो रहा यह भव्य आयोजन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत के बढ़ते वर्चस्व और वैश्विक नेतृत्व को दर्शाता है।
16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन में टेक्नोलॉजी और राजनीति की दुनिया के कई बड़े चेहरे शामिल हो रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का इस आयोजन में शामिल होना भारत के प्रति वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। वहीं, उद्योग जगत के दिग्गजों में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक (बिल गेट्स की उपस्थिति की संभावना), गूगल के सीईओ सुंदर पिचई और ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन जैसी हस्तियां शामिल हैं।
इस वैश्विक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केवल तकनीकी प्रगति पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि इसके सामाजिक और नैतिक पहलुओं पर भी विचार करना है। आयोजन के दौरान एआई सुरक्षा और गवर्नेंस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ढांचा तैयार करने पर चर्चा होगी। इसके अलावा, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए नीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर केस स्टडी और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
इस समिट की सबसे रोचक विशेषताओं में से एक 'ग्लोबल यूथ चैलेंज' है, जिसे युवा एआई प्रोग्राम के नाम से जाना जाता है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों और युवा पेशेवरों में एआई के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके नवाचारों को प्रोत्साहित करना है। इस चैलेंज के लिए दुनियाभर के 38 देशों से 2500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा 20 फाइनलिस्टों का चयन किया गया है, जिनमें 15 टीमें भारत की हैं।
भारत मंडपम इस समय टेक्नोलॉजी का मक्का बना हुआ है। एआई समिट इंडिया 2026 में केवल चर्चाएं ही नहीं, बल्कि प्रदर्शनियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो' में 13 देशों के पवेलियन स्थापित किए गए हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और रूस शामिल हैं। ये पवेलियन अपने-अपने देशों की एआई क्षमताओं और इनोवेशन को प्रदर्शित करेंगे। यह एक्सपो स्टार्टअप्स के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है, जहां 600 से अधिक स्टार्टअप्स हेल्थकेयर, एग्रीटेक, साइबर सिक्योरिटी और अर्बन डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में अपने अभूतपूर्व समाधान पेश कर रहे हैं। इसके अलावा, सुषमा स्वराज भवन में 'AI by Her: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज' नामक एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा होगी और महिला सशक्तिकरण पर बल दिया जाएगा।
इस आयोजन की वैश्विक पहुंच को देखते हुए दुनियाभर के 300 से अधिक विदेशी पत्रकारों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। इसे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी आयोजन माना जा रहा है, जहां मीडिया की इतनी बड़ी संख्या में भागीदारी हो रही है। पीएम मोदी के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुआ यह महासम्मेलन आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण घोषणाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। अगले पांच दिनों तक दिल्ली की धरती से दुनिया भर की टेक्नोलॉजी नीतियों की धुरी घूमती रहेगी।
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