गांधीनगर: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान शाह ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे (राहुल) किसी भी सार्वजनिक मंच पर आकर बहस कर लें कि आखिर किसानों का नुकसान किसने किया है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने विदेशी व्यापार समझौतों में किसानों के हितों की 'चट्टान' की तरह रक्षा की है।
अमित शाह ने गांधीनगर में देश की पहली सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक पहल के अवसर पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए व्यापारिक समझौतों (FTA) को लेकर देश की जनता और किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। अमित शाह ने गरजते हुए कहा, "मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूँ कि वे कोई भी मंच चुन लें, हमारे भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष ही उनके साथ बहस कर लेगा।
इससे स्पष्ट हो जाएगा कि किसानों के हितों की रक्षा मोदी सरकार ने की है या कांग्रेस ने उनके साथ खिलवाड़ किया है।" गृह मंत्री ने देश के अन्नदाताओं, मछुआरों और पशुपालकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कभी भी भारतीय हितों के साथ समझौता नहीं किया। शाह के अनुसार, इंग्लैंड और यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौतों में भारतीय डेयरी क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। इसके विपरीत, इन संधियों के माध्यम से भारत के कृषि और मत्स्य उत्पादों के लिए वैश्विक बाजारों के द्वार खोल दिए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए शाह ने याद दिलाया कि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने 'डंकल प्रस्ताव' पर हस्ताक्षर करके भारतीय कृषि बाजार को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए असुरक्षित छोड़ दिया था। उन्होंने कहा "2014 में जनता ने कांग्रेस को विदा किया। सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन समझौतों की विसंगतियों को बदला और किसानों के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बनाया। आज प्रधानमंत्री मोदी किसानों के लिए एक ढाल की तरह खड़े हैं।"
कांग्रेस की नीतियों की आलोचना करते हुए अमित शाह ने कहा कि पुरानी सरकारों ने 70 साल में महज एक बार 'कर्जमाफी का झुनझुना' थमाया था। इसके उलट, मोदी सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए हर साल 6,000 रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाए हैं, ताकि उन्हें कर्ज लेने की आवश्यकता ही न पड़े। एमएसपी (MSP) पर तुलनात्मक आंकड़े: अमित शाह ने संसद में किसानों की बात करने वाले राहुल गांधी से सवाल किया कि यूपीए के 10 वर्षों में कितना अनाज खरीदा गया था? उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में यूपीए की तुलना में 15 गुना अधिक अनाज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदकर रिकॉर्ड बनाया है। गांधीनगर का यह कार्यक्रम न केवल डिजिटल करेंसी के क्षेत्र में एक नई शुरुआत का गवाह बना, बल्कि इसने आगामी राजनीतिक संघर्ष की दिशा भी तय कर दी। अमित शाह के इस 'चैलेंज' ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा आने वाले समय में कृषि और व्यापारिक नीतियों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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