BJP Slams Rahul Gandhi's Budget Speech : राहुल गांधी के 'जहरीले झूठ' से सदन शर्मसार, सुधांशु त्रिवेदी का तीखा पलटवार, याद दिलाया जनरल मानेकशॉ और इंदिरा का अनुशासन

खबर सार :-
BJP Slams Rahul Gandhi's Budget Speech : भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बजट भाषण को 'जहरीला झूठ' बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पीएम मोदी के प्रति व्यक्तिगत नफरत में सदन की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं। त्रिवेदी ने इंदिरा गांधी और जनरल मानेकशॉ की गोपनीयता का उदाहरण देते हुए सेना से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा।

BJP Slams Rahul Gandhi's Budget Speech : राहुल गांधी के 'जहरीले झूठ' से सदन शर्मसार, सुधांशु त्रिवेदी का तीखा पलटवार, याद दिलाया जनरल मानेकशॉ और इंदिरा का अनुशासन
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान संसद का माहौल बुधवार को उस समय गर्मा गया, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे शब्दबाण चले। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फ्रंटफुट पर आकर मोर्चा संभाला है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के भाषण को 'आपत्तिजनक और जहरीला' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार अपनी चुनावी हार की हताशा को संसद की गरिमा गिराकर निकाल रही है।

BJP Slams Rahul Gandhi's Budget Speech : पीएम मोदी के प्रति नफरत से प्रेरित है कांग्रेस का विमर्श

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणियां और तीखा तिरस्कार भाजपा सांसदों के बीच भारी नाराजगी की वजह बना है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन में झूठ फैलाने का एक व्यवस्थित अभियान चलाया है। उन्होंने कहा, "नेता प्रतिपक्ष के आरोप किसी नीतिगत विरोध का हिस्सा नहीं, बल्कि पीएम मोदी के प्रति उनकी व्यक्तिगत नफरत और हताशा का परिणाम हैं। बार-बार चुनावी हार झेलने के बाद कांग्रेस अब सदन में केवल नाटक कर रही है।"

BJP Slams Rahul Gandhi's Budget Speech : विदेशी समझौतों पर आरोपों का ऐतिहासिक जवाब

राहुल गांधी ने सदन में दावा किया था कि सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेकते हुए व्यापारिक समझौतों में भारत के हितों से समझौता किया है। इस पर पलटवार करते हुए त्रिवेदी ने कांग्रेस के इतिहास के पन्ने खोले। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल में विदेश मंत्रियों ने 'अमेरिका के तीव्र दबाव' की बात कबूली थी, जिसके चलते 1995 में परमाणु परीक्षण तक टाल दिए गए थे।

त्रिवेदी ने भ्रष्टाचार के पुराने मामलों को भी कुरेदा

त्रिवेदी ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए भ्रष्टाचार के उन पुराने जख्मों को भी कुरेदा, जो समय-समय पर पार्टी की साख पर बट्टा लगाते रहे हैं। उन्होंने तीखे लहजे में याद दिलाया कि कैसे सद्दाम हुसैन के साथ तेल सौदे के विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि नटवर सिंह को अपना पद छोड़ना पड़ा था। इतना ही नहीं, भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के उस दौर को भी उन्होंने नहीं बख्शा, जब कांग्रेस नेताओं पर पैसे जुटाने के गंभीर आरोप लगे थे। त्रिवेदी ने सवालिया निशान खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर क्या वजह है कि हॉवित्जर और अगस्ता वेस्टलैंड से लेकर हिंडनबर्ग तक के मामलों में कांग्रेस हमेशा अपने देश की बजाय विदेशी संस्थाओं और ताकतों के पक्ष में बैटिंग करती नजर आती है?

BJP Slams Rahul Gandhi's Budget Speech : सेना और गोपनीयता- मानेकशॉ-इंदिरा का उदाहरण

सबसे गंभीर प्रहार पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) को लेकर किया गया। त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस सेना के नियमों और गोपनीयता का उल्लंघन करने वाले विवादों को क्यों हवा दे रही है। उन्होंने एक ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा, "1971 के युद्ध के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और जनरल सैम मानेकशॉ के बीच क्या बातचीत हुई, वह आज भी गोपनीय है। यह होता है नेतृत्व का अनुशासन।" राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गलवान पर बोलना चाहते थे, लेकिन रटा-रटाया पाठ पढ़ने के कारण बार-बार डोकलाम की बात करते रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि डोकलाम की घटना के समय न तो जनरल नरवणे सेना प्रमुख थे और न ही राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री।

BJP Slams Rahul Gandhi's Budget Speech : संसदीय परंपराओं को कमजोर कर रही है कांग्रेस

त्रिवेदी ने अंत में निष्कर्ष देते हुए कहा कि राहुल गांधी की ओर से तथ्यों की जांच किए बिना दिए गए बयान न केवल सेना के मनोबल को प्रभावित करते हैं, बल्कि संसदीय परंपराओं को भी कमजोर करते हैं। सदन के अध्यक्ष द्वारा कई बार टोके जाने के बावजूद इस तरह का व्यवहार यह दिखाता है कि कांग्रेस लंबे समय से चली आ रही लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अनदेखी करने पर उतारू है।
 

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