Rahul Gandhi Trade Deal Statement : संसद के बजट सत्र के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब एक नए शिखर पर पहुंच गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर दिए गए बयान ने सियासी गलियारों में भूकंप ला दिया है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते में देश के हितों का सौदा किया गया है। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
बुधवार को सदन में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति और व्यापारिक फैसलों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने भारत-यूएस अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों को जानते हुए भी भारत के हितों को खतरे में डाला है। राहुल ने कहा, "दुनिया एक बड़े भू-राजनीतिक तूफान से गुजर रही है। ऊर्जा और वित्तीय प्रणालियों का हथियारीकरण किया जा रहा है। इसके बावजूद सरकार ने ऐसी डील की जिससे भारत पर नकारात्मक असर पड़ेगा।" उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए यहाँ तक कह दिया कि क्या सरकार को भारत के हितों का सौदा करने में शर्म नहीं आती?
राहुल गांधी के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के व्यवहार की निंदा करते हुए उन्हें 'झूठ फैलाने वाला' नेता करार दिया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी सदन में गंभीर आरोप लगाकर तुरंत बाहर चले जाते हैं, जो संसदीय नियमों के खिलाफ है। केंद्रीय मंत्रियों ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के हरदीप सिंह पुरी जैसे मंत्रियों पर व्यक्तिगत आरोप लगाना विशेषाधिकार का उल्लंघन है। बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी अपने दावों को प्रमाणित (Authenticate) नहीं कर सकते क्योंकि वे पूरी तरह निराधार हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा, "राहुल गांधी जहरीले झूठ बोलने और फिर विदेश भाग जाने की राजनीति करते हैं। सदन में कांग्रेस का व्यवहार सड़क किनारे जैसा हो गया है, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।"
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी अपने नेता के समर्थन में मजबूती से खड़ी नजर आ रही है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि जब राहुल ने डेटा को प्रमाणित करने की बात कही, तो उन्हें रोक दिया गया। मसूद ने कहा, "आज राहुल गांधी ने सरकार के छिपे हुए राज सबके सामने रख दिए हैं, इसीलिए सत्ता पक्ष में खलबली मची है। सरकार के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि इस ट्रेड डील में देश को किस तरह नुकसान पहुँचाया गया।"
बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले को सिर्फ सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि नियम कायदों के जरिए भी लड़ेगी। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि राहुल गांधी के खिलाफ सदन में गलत जानकारी देने और मंत्रियों पर बिना आधार के आरोप लगाने के लिए स्पीकर को नोटिस दिया जाएगा। बीजेपी नेताओं का कहना है कि वित्त मंत्री के जवाब के समय राहुल का सदन में न होना उनकी गैर-जिम्मेदाराना राजनीति को दर्शाता है। संसद में जारी यह गतिरोध केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आगामी चुनावों और देश की आर्थिक नीतियों पर छिड़ी एक बड़ी जंग का हिस्सा है। जहाँ विपक्ष 'देश बेचने' का नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहा है, वहीं सरकार इसे 'विकास में बाधा' और 'झूठ की राजनीति' बता रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राहुल गांधी अपने दावों के समर्थन में ठोस दस्तावेज पेश कर पाते हैं या नहीं।
अन्य प्रमुख खबरें
Zojila Pass Avalanche: भीषण हिमस्खलन हादसे में अब तक सात की मौत, रेस्क्यू जारी, मुआवजे की घोषणा
Odisha: नयागढ़ में भीषण बस हादसा: पांच की मौत, 40 से अधिक घायल
Noida Airport : पीएम मोदी शनिवार को जेवर एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
अयोध्या में भव्य और दिव्य नजारा...रामनवमी पर हुआ रामलला का सूर्य तिलक, PM मोदी ने भी किए लाइव दर्शन
मिडिल ईस्ट संकटः कल मुख्यमंत्रियों के साथ हाई लेवल मिटिंग करेंगे PM मोदी, इन मुद्दों पर होगी चर्चा
Happy Ram Navami 2026: रामनवमी पर पीएम मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं, शेयर किया खास वीडियो
Andhra Bus Fire Accident: आंध्र प्रदेश में भीषण सड़क हादसा, बस-लॉरी की टक्कर में 14 लोग जिंदा जले
पीएम मोदी का 31 मार्च को गुजरात दौरा, कई शहरी विकास परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन और शिलान्यास
Delhi Bus Accident: दिल्ली के करोल बाग में यात्रियों से भरी डबल डेकर बस पलटी, मची चीख पुकार
नीतीश कुमार चौथी बार चुने गए JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्यसभा जाने के बाद भी रहेगी पार्टी पर नजर