Pariksha Pe Charcha 2026: पढ़ाई और पैशन में बनाए संतुलन...PM मोदी ने 'एग्जाम वॉरियर्स' को दिए खास टिप्स

खबर सार :-
Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 में, PM मोदी ने स्टूडेंट्स को पढ़ाई, आदतों और अनुशासन के ज़रिए आत्मविश्वास और ज़िम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। पीएम मोदी ने छात्रों से संवाद कर परीक्षा की तैयारी, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने के टिप्स दिए।

Pariksha Pe Charcha 2026: पढ़ाई और पैशन में बनाए संतुलन...PM मोदी ने 'एग्जाम वॉरियर्स' को दिए खास टिप्स
खबर विस्तार : -

Pariksha Pe Charcha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "परीक्षा पे चर्चा" के 9वें एडिशन के दूसरे एपिसोड में सोमवार को देश भर के छात्रों से सीधे बातचीत की।  इस दौरान पीएम मोदी ने बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को परीक्षा के तनाव से निपटने, आत्मविश्वास बनाए रखने और पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि उत्सव की तरह लेने की सीख दी। PM मोदी ने कहा कि वह स्टूडेंट्स की एनर्जी और जिज्ञासा से बहुत प्रभावित हुए।

"परीक्षा पे चर्चा" के दूसरे एपिसोड की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार का प्रोग्राम कुछ अलग और खास है। कई स्टूडेंट्स ने उन्हें सुझाव भेजे थे कि देश के अलग-अलग हिस्सों में एग्जाम पर चर्चा होनी चाहिए। इसलिए, इस बार मैंने देश के अलग-अलग हिस्सों के स्टूडेंट्स से चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा- "मैं कई सालों से 'परीक्षा पे चर्चा' के ज़रिए क्लास 10 से 12 तक के स्टूडेंट्स से बातचीत कर रहा हूं। मैं उनसे सीखने के लिए बात करता हूं। जब भी मैं लोगों से मिलता हूं, तो वे स्टार्टअप्स के बारे में बात करते हैं।"

Pariksha Pe Charcha 2026: स्टार्टअप्स के बारे में छात्रों से की बात 

तमिलनाडु के छात्रों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह भी उनसे कुछ सीखना चाहते हैं। उन्होंने छात्रों को अपने विचार खुलकर शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि एक अच्छी बातचीत हो सके। पीएम ने कहा कि एक छोटा सा प्रयास भी स्टार्टअप हो सकता है, और कोई भी कभी भी अपने आइडिया पर काम करना शुरू कर सकता है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे आज़ाद सोच रखें और खुद पर भरोसा रखें। पीएम मोदी ने कहा- केवल डिग्री ही सब कुछ नहीं होती। छात्रों को इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से जुड़ना चाहिए और यह समझना चाहिए कि वे कैसे काम करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वास्तविक अनुभव, सीखने की इच्छा और समस्या को समझने की क्षमता स्टार्टअप के लिए ज्यादा अहम होती है।

पढ़ाई और पैशन में बनाए संतुलन

एक स्टूडेंट के पढ़ाई और उनके पैशन के बारे में सवाल का जवाब देते हुए PM मोदी ने कहा, "पढ़ाई और अपने पैशन को अलग-अलग न समझें। जैसे, अगर आपको आर्ट में दिलचस्पी है और आप साइंस का कोई टॉपिक पढ़ रहे हैं, तो आप उससे जुड़ी कोई तस्वीर बनाना शुरू कर सकते हैं। इस तरह, आप दोनों की प्रैक्टिस कर पाएंगे।"

विकसित भारत 2047 पर पीएम मोदी का संदेश

युवा स्टूडेंट 'डेवलप्ड इंडिया' में कैसे योगदान दे सकते हैं? PM मोदी ने एक और स्टूडेंट के सवाल की तारीफ़ की। उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि स्कूल के छात्र एक विकसित भारत के बारे में सोच रहे हैं। 2047 तक 'विकसित भारत' पाने के लिए, अगर हम एक विकसित देश बनना चाहते हैं, तो हमें सिर्फ़ इसके बारे में बात नहीं करनी होगी, बल्कि विकसित देशों की आदतें भी अपनानी होंगी।" सफ़ाई बनाए रखने और नियमों का पालन करने जैसे उदाहरण देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अगर मैं ऐसा करता हूँ, तो इसका मतलब है कि मैं योगदान दे रहा हूं।"

डिसिप्लिन और मोटिवेशन दोनों जरूरी

छात्रों को टिप्स देते हुए PM मोदी ने कहा, "डिसिप्लिन और मोटिवेशन दोनों ही ज़िंदगी में ज़रूरी हैं। अगर डिसिप्लिन नहीं है, तो कितनी भी इंस्पिरेशन काम नहीं आएगी। ज़िंदगी में डिसिप्लिन बहुत ज़रूरी है। यह इंस्पिरेशन के लिए सोने पे सुहागा है। अगर डिसिप्लिन नहीं है, तो कितनी भी इंस्पिरेशन बोझ नहीं बनती और फ्रस्ट्रेशन पैदा करती है।"

Pariksha Pe Charcha 2026: हर साल छात्रों के साथ करते हैं 'परीक्षा पे चर्चा'

गौरतलब है कि 2018 से, प्रधानमंत्री मोदी हर साल बोर्ड एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' (PPC) करते आ रहे हैं। इस पहल का मकसद स्टूडेंट्स में एग्जाम का स्ट्रेस कम करना और होलिस्टिक एजुकेशन को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस प्रोग्राम को चलाता है। 2025 के प्रोग्राम में 50 मिलियन से ज़्यादा स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स ने हिस्सा लिया। 2026 एडिशन में 45 मिलियन से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन हुए। और 22.6 मिलियन पार्टिसिपेंट्स रिलेटेड एक्टिविटीज़ में शामिल हुए, जिससे कुल पार्टिसिपेशन 67.6 मिलियन से ज़्यादा लोगों तक पहुंच गया। 'परीक्षा पे चर्चा 2026' का पहला एपिसोड 6 फरवरी को रिलीज हुआ था।

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