PM Modi Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार 6 फरवरी को परीक्षा पे चर्चा 2026 (PPC) के 9वें एडिशन में देश भर के छात्रों से सीधे बातचीत की। इस वार्षिक कार्यक्रम मकसद छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त रखना और सीखने के प्रति सकारात्मक रवैया विकसित करना है। इस साल की परीक्षा पे चर्चा खास तौर पर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और पढ़ाई पर बेहतर फोकस पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान छात्रों को सफलता का गुरु मंत्र दिया साथ ही यह संदेश भी दिया कि वे परीक्षाओं को बोझ नहीं, बल्कि एक अवसर और सीखने के उत्सव के रूप में देखें।
'परीक्षा पे चर्चा' (PPC) कार्यक्रम के दौरान छात्रा ने पूछा कि परीक्षा के समय परिवार और शिक्षक सभी चिंता करते हैं। लेकिन समस्या तब आती है जब शिक्षक पढ़ाई का अलग पैटर्न समझाते हैं और अभिभावक अलग तरीके से पढ़ने के लिए कहते हैं, जबकि छात्रों का खुद का एक अलग पैटर्न होता है। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि यह पैटर्न जीवनभर चलता है। उन्होंने छात्रों को अपनी-अपनी स्टाइल के हिसाब से पढ़ाई करने की सलाह दी। पीएम ने छात्रों से कहा कि वे सबकी सलाह सुनें, लेकिन अपने तरीकों में तभी बदलाव करें जब उन्हें लगे कि यह जरूरी है।
PM Modi ने एक उदहारण देते हुए कहा, "मैं प्रधानमंत्री बन गया हूं। फिर भी लोग मुझे अलग-अलग तरीकों से काम करने के लिए कहते हैं। लेकिन हर किसी का काम करने का अपना तरीका होता है।" बच्चों को उन्हीं के अंदाज़ में जवाब देते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "जब परिवार के लोग एक साथ खाना खाने बैठते हैं, तो हर किसी का खाने का तरीका अलग होता है। कोई सब्ज़ी से शुरू करता है, कोई दाल से और कोई सब कुछ मिलाकर खाता है। जब वे अपने तरीके से खाते हैं तो उन्हें खाने में मजा आता है।"
छात्रों को पढ़ाई का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा, "कुछ लोग सुबह बेहतर पढ़ाई करते हैं, कुछ रात में। अपने तरीके पर भरोसा करें। लेकिन सलाह भी लें और उसे अपनी ज़िंदगी में तभी शामिल करें जब आपको लगे कि यह फायदेमंद है। यह अपने अनुभव के आधार पर करें, सिर्फ़ इसलिए नहीं कि कोई आपसे ऐसा करने को कह रहा है।"
PM Modi ने छात्रों से कहा कि परीक्षाएं जीवन का अंत नहीं हैं। उन्होंने समझाया कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नंबर लाना नहीं है, बल्कि सीखने की आदत विकसित करना है। PM मोदी ने कहा कि तनाव तभी होता है जब शिक्षा को बोझ समझा जाता है। अगर पढ़ाई को खुद को समझने और बेहतर बनाने का जरिया माना जाए, तो परीक्षाएं अपने आप आसान लगने लगती हैं। छात्रों को नंबरों की दौड़ में खुद को सीमित करने के बजाय सीखने की प्रक्रिया का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने छात्रों से डर के बजाय जिज्ञासा से पढ़ाई करने की अपील की।
इंटरनेट सस्ता पर अपना किमती समय बर्बाद न करें
PM मोदी ने छात्रों को इंटरनेट के इस्तेमाल पर भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए समय बर्बाद नहीं करना चाहिए क्योंकि इंटरनेट सस्ता और आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने यह भी साफ किया कि जुए जैसी चीज़ों के खिलाफ कानून बनाए गए हैं और ऐसे गलत रास्तों से दूर रहना ज़रूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि गेमिंग में स्किल्स डेवलप करने की क्षमता है। सही तरह के गेम्स चुनकर बच्चे अपनी स्पीड, फैसले लेने की क्षमता और टेक्निकल समझ को बेहतर बना सकते हैं।
जब छात्रों ने PM से यह सवाल पूछा कि AI का इस्तेमाल कैसे करें, तो PM ने जवाब दिया कि आपको भी AI का इस्तेमाल करना आना चाहिए। उदाहरण के लिए, आप AI से पूछ सकते हैं, "मेरी उम्र इतनी है और मुझे इस विषय में दिलचस्पी है, तो मेरी रुचियों के अनुसार दस बेहतरीन बायोग्राफी बताएं।"
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