India-US trade deal से खुलेगा रोजगार का पिटारा, फॉरेक्स में भी लगाएंगे बड़ी छलांग : NSE CEO

खबर सार :-
भारत-अमेरिका ट्रेड डील भारत की आर्थिक दिशा को नई रफ्तार देने वाली साबित हो सकती है। इससे न केवल निर्यात और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि विदेशी मुद्रा भंडार और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। वैश्विक बदलावों के बीच यह समझौता भारत को एक मजबूत, भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करता है।

India-US trade deal से खुलेगा रोजगार का पिटारा, फॉरेक्स में भी लगाएंगे बड़ी छलांग : NSE CEO
खबर विस्तार : -

India US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम मील का पत्थर बताते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सीईओ और एमडी आशीष कुमार चौहान ने कहा है कि इस समझौते से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह डील भारत के लिए रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

India US Trade Deal: तत्काल प्रभाव से लागू

NSE के सीईओ आशीष कुमार चौहान ने बताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर लंबे समय से उम्मीद की जा रही थी और अब यह तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है। उन्होंने इसकी तुलना भारत-यूरोपीय संघ ट्रेड डील ((India-EU trade deal) से करते हुए कहा कि जहां भारत-ईयू समझौता अगले छह महीनों में लागू होगा, वहीं अमेरिका के साथ यह डील तुरंत लागू की गई है, जो इसे और अधिक प्रभावी बनाती है।

भारत की ताकत: मानव संसाधन और तकनीक

एनएसई सीईओ ने कहा कि भारत आज दुनिया का ऐसा देश बन चुका है, जिसके पास विशाल मानव संसाधन, उच्च तकनीक की समझ और नई प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने की क्षमता है। यही वजह है कि विकसित देश भारत के साथ व्यापारिक साझेदारी के लिए उत्सुक हैं। इस डील से भारत का निर्यात बढ़ेगा, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों में तेजी आएगी।

रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती से श्रम-प्रधान सेक्टर को फायदा

चौहान ने बताया कि अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। खास तौर पर चमड़ा उद्योग, कपड़ा सेक्टर और समुद्री उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी होगी। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

India US Trade Deal: अगले 10 साल भारत के लिए ‘गोल्डन एज’

एनएसई प्रमुख ने भरोसा जताया कि आने वाले 10 वर्ष भारत के लिए स्वर्ण काल साबित होंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के बीच भारत एक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। यह स्थिति निवेश, उत्पादन और निर्यात तीनों क्षेत्रों में भारत को लाभ पहुंचाएगी।

निवेशकों में दिख रहा है जबरदस्त उत्साह

चौहान ने कहा कि पोर्टफोलियो निवेशक इस ट्रेड डील को लेकर बेहद सकारात्मक हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि इससे कंपनियों के मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही उन्होंने बताया कि घरेलू निवेशकों का भरोसा भी लगातार बढ़ रहा है और हर महीने नए निवेशक बाजार से जुड़ रहे हैं।

India US Trade Deal: चीन से दूरी, भारत की ओर बढ़ता भरोसा

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 30-35 वर्षों तक अमेरिका और यूरोप के कई देश चीन का समर्थन करते रहे, लेकिन अब वे उसे प्रतिद्वंद्वी मानने लगे हैं। ऐसे में भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के देशों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। इन देशों के साथ व्यापार बढ़ाकर भारत चीन को प्रभावी प्रतिस्पर्धा दे सकता है।

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