नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा और रोजगार के बीच मजबूत कड़ी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए पढ़ाई, स्किल और नौकरी को एक-दूसरे से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत बजट में ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ नाम से एक हाई-पावर स्थायी समिति के गठन की घोषणा की गई है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करना होगा। सरकार चाहती है कि छात्र पढ़ाई पूरी करते ही नौकरी या स्वरोजगार के योग्य बनें। इसी दिशा में यह नई समिति शिक्षा व्यवस्था को रोजगार की जरूरतों के अनुरूप ढालने पर काम करेगी।
बजट 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश का प्रावधान किया गया है। इसके तहत:
देश के अलग-अलग हिस्सों में रोजगार उन्मुख नए शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। इसके साथ ही आधुनिक सुविधाओं से लैस यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जहां पढ़ाई, रिसर्च और इनोवेशन को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।
महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए देशभर में छात्राओं के लिए नए हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि सुरक्षित और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बजट में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव माना गया है। सरकार आधुनिक रिसर्च सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ देश में नया टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगी। इससे न सिर्फ वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की भागीदारी भी मजबूत होगी।
नई हाई-पावर समिति का एक बड़ा फोकस सेवा क्षेत्र पर होगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को वैश्विक सेवा क्षेत्र का लीडर बनाया जाए।
भारत की वैश्विक सेवा कारोबार में हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है
शिक्षा, स्किल और तकनीक को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा
सेवा क्षेत्र में रोजगार और निर्यात की नई संभावनाओं की पहचान की जाएगी
एआई और नई तकनीकों का असर भी होगा आकलित
यह समिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरती तकनीकों के रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव का गहन अध्ययन करेगी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए शिक्षा और स्किल ट्रेनिंग में जरूरी बदलावों की सिफारिश की जाएगी, ताकि युवाओं को समय के अनुसार स्किल्स मिल सकें।
2047 के विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में सरकार का संदेश साफ है कि अगर भारत को 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर बनाना है, तो शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता को एक मजबूत श्रृंखला में पिरोना होगा। नई हाई-पावर समिति इसी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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