लोकसभा में राहुल के बयान पर हंगामा, आठ विपक्षी सांसद निलंबित, कार्यवाही रोकी गई

खबर सार :-
पूर्वी लद्दाख का मुद्दा उठाने के चलते आज यानी मंगलवार को भी लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष का कहना है कि स्पीकर के मना करने के बाद भी राहुल गांधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, तो वहीं विपक्ष के कई नेताओं ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है।

लोकसभा में राहुल के बयान पर हंगामा, आठ विपक्षी सांसद निलंबित, कार्यवाही रोकी गई
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: मंगलवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा (Lok Sabha) में हंगामा हुआ, ये हंगामा तब हुआ जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) का मुद्दा उठाया। बता दें कि कल यानी सोमवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे के एक कथित लेख का उल्लेख कर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की थी, जिस पर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ था और स्पीकर ओम बिड़ला (Speaker Om Birla) ने भी राहुल गांधी को नियम से अपनी बात रखने की सलाह दी थी। अब सत्ताधारी पार्टी ने तर्क दिया है कि स्पीकर के फैसले के बावजूद राहुल गांधी वही मुद्दा उठा रहे हैं। हालांकि, विपक्ष ने दावा किया कि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है।

आठ सांसदों को किया गया निलंबित

लोकसभा में सत्ताधारी पार्टी और कांग्रेस सांसदों के बीच हंगामे के कारण, कार्यवाही पहले दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में, इसे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच, जब दोपहर 3 बजे कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ऐसे सांसदों को अनुशासनहीन व्यवहार के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया, और सांसद डीन कुरियाकोस, किरण रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िग, मणिकम टैगौर, गुरजीत औजला, हिबी इडे, वेंकेट रमन और प्रशांत पडोले को सत्र की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया।

लोकसभा की कार्यवाही सुबह दो बार स्थगित की गई। दोपहर 2 बजे फिर से शुरू होने के बाद, पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने राहुल गांधी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपना बयान देने के लिए कहा। उन्होंने गांधी से यह भी अनुरोध किया कि वे अपनी बात उसी विषय तक सीमित रखें।

अप्रकाशित किताब को आधार बनाकर उठाया था मुद्दा

राहुल गांधी ने एक मैगज़ीन के एक लेख को वेरिफाई करके अपना बयान शुरू किया, और उन्होंने उसकी एक कॉपी भी जमा की। यह लेख पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे (Former army chief Manoj Mukund Naravane) की एक अप्रकाशित किताब पर आधारित था। इसके बाद उन्होंने सदन में इससे जुड़ा एक मुद्दा उठाने की कोशिश की।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वे विपक्ष के नेता को सुनने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्पीकर पहले ही उस मुद्दे पर फैसला दे चुके हैं जिसका अभी जिक्र किया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि जब किसी मामले पर पहले ही फैसला दिया जा चुका है, और उसी मुद्दे का जिक्र कल भी किया गया था, तो इसे अप्रत्यक्ष रूप से फिर से नहीं उठाया जा सकता। उसी मुद्दे का जिक्र दोबारा नहीं किया जा सकता।

दूसरी ओर, राहुल गांधी ने कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं और उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस बीच राहुल गांधी व प्रियंका गांधी निलंबित सांसदों के साथ सदन के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया वहीं समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी इस विरोध में उनका साथ दिया। विपक्षी सांसदों का कहना है कि सरकार में बैठक लोग राहुल गांधी के तर्कों से डर रहे हैं। 

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