Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। इसके साथ ही, वह देश की पहली वित्त मंत्री बन गई हैं जिन्होंने लगातार ९वां आम बजट पेश किया। अपने बजट भाषण के दौरान, वित्त मंत्री ने देश के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों और नीतिगत पहलों पर प्रकाश डाला। जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
बजट 2026 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कपडे,दवाओं, कैंसर के इलाज, विदेश यात्रा, पर्सनल इंपोर्ट और कई अन्य चीजों पर टैक्स कम किया है, जिससे आम आदमी को काफी फायदा होगा। हालांकि, कोयला, शराब, तम्बकू और शेयर बाजार की सट्टेबाजी पर टैक्स बढ़ा दिया गया है, जिससे इन चीजों की कीमतें पहले से ज़्यादा हो जाएंगी।
दरअसल बजट 2026 में 17 कैंसर की दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष खाद्य पदार्थों को इंपोर्ट ड्यूटी से छूट दी गई है। जबकि पर्सनल इंपोर्ट पर टैरिफ 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है, और विदेश यात्रा टूर पैकेज पर TCS 5 और 20% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन, जूते, विदेश में पढ़ाई, सौर ऊर्जा से संबंधित चीजें, बैटरी, बायोफ्यूल-मिश्रित CNG,विमान के पुर्जे, चमड़े का निर्यात और बीड़ी भी सस्ती हो जाएंगी।
एक ओर जहां कुछ चीजें सस्ती होंगी, वहीं दूसरी तरफ कुछ सेक्टर में कस्टम ड्यूटी भी बढ़ाई गई है। इससे इन सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं। जिसमें शराब, स्क्रैप मटीरियल और कुछ खनिज और अयस्क। इन चीज़ों पर टैक्स बढ़ने से इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर कंज्यूमर्स और इंडस्ट्रीज़ पर पड़ेगा। बजट 2026 में सरकार ने शराब पर TCS दर एक प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दी है।
इसके अलावा, डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग कम करने के लिए, सरकार ने बजट 2026 में फ्यूचर्स पर STT को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। ऑप्शंस पर STT को अब बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। साथ ही सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले लाभ को कैपिटल गेन माना जाएगा। इससे बायबैक से होने वाली आय पर ज़्यादा टैक्स लगेगा। इन पर टैक्स बढ़ने से इनके दाम ऊपर जा सकते हैं, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं और उद्योगों पर पड़ेगा।
गौरतलब है कि केंद्रीय बजट 2026 एक ऐसा बजट है जो तुरंत राहत देने के बजाय भविष्य को साफ़ करने की कोशिश करता है। यह तुरंत कम राहत देता है और ज़्यादातर एक रोडमैप पेश करता है – एक ऐसा रोडमैप जिसमें सरकार का मानना है कि भारत की ग्रोथ स्टोरी मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और ह्यूमन कैपिटल से आगे बढ़ेगी।
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