Om Birla no-confidence motion : संसद में बढ़ी रार: स्पीकर ओम बिरला की कुर्सी पर संकट? सपा ने खोल दिए अपने पत्ते

खबर सार :-
Om Birla no-confidence motion : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासत गरमा गई है। जानिए सपा सांसद रामगोपाल यादव ने इस पर क्या बड़ा बयान दिया और कांग्रेस की क्या है रणनीति।

Om Birla no-confidence motion : संसद में बढ़ी रार: स्पीकर ओम बिरला की कुर्सी पर संकट? सपा ने खोल दिए अपने पत्ते
खबर विस्तार : -

Om Birla no-confidence motion : संसद का बजट सत्र इन दिनों चर्चाओं से ज्यादा हंगामे और तकरार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही इस खींचतान के बीच अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कुर्सी को लेकर विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की गंभीर योजना बना रहे हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश की राजनीति में रसूख रखने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया है कि अगर ऐसा कोई प्रस्ताव आता है, तो उनकी पार्टी का स्टैंड क्या होगा।

Om Birla no-confidence motion : सपा का रुख: रामगोपाल यादव ने किया बड़ा एलान

मंगलवार को पत्रकारों से मुखातिब होते हुए रामगोपाल यादव ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं, तो समाजवादी पार्टी पूरी तरह से इसका समर्थन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा इस लड़ाई में विपक्ष के साथ खड़ी है और सदन के भीतर प्रस्ताव के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करेगी। दूसरी ओर, कांग्रेस इस कदम को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का कहना है कि संविधान में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान तो है, लेकिन यह हमारे लिए अंतिम विकल्प (Last Resort) की तरह है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश यही है कि ऐसी स्थिति पैदा न हो, लेकिन अगर मजबूरी में ऐसा करना पड़ा, तो पार्टी पीछे नहीं हटेगी और मीडिया को इसकी जानकारी सबसे पहले दी जाएगी। प्रमोद तिवारी ने साथ ही बीजेपी सांसदों द्वारा स्पीकर को लिखे गए पत्र पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि आज गांव-गली के बच्चे भी इस बात पर हंस रहे हैं कि सरकार विपक्ष की महिला सांसदों से घबरा रही है।

Om Birla no-confidence motion : स्पीकर के व्यवहार पर उठ रहे हैं सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी ओम बिरला की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की 'चेयर' (अध्यक्ष) का व्यवहार विपक्ष के प्रति 'सौतेला' रहा है। राजपूत का कहना है कि विपक्षी सांसदों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा, जो लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सदन का मुखिया ही निष्पक्ष नहीं रहेगा, तो संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से कैसे चल पाएगी? सदन में इस समय सबसे बड़ा विवाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की अनुमति को लेकर है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक उनके नेता को सदन में बोलने का हक नहीं मिलता, तब तक वे कार्यवाही नहीं चलने देंगे। इसी गतिरोध के चलते अब विपक्षी दल अविश्वास प्रस्ताव जैसे कड़े कदम पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल, सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विपक्षी दल वास्तव में यह प्रस्ताव सदन के पटल पर रखते हैं या सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत से कोई बीच का रास्ता निकलता है।

 

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