Seva Teerth PMO Inauguration : विरासत के साये से बाहर निकलता नया भारत- 'सेवा तीर्थ' बना देश की सत्ता का नया केंद्र

खबर सार :-
Seva Teerth PMO Inauguration : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली में नए PMO परिसर 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन करेंगे। ब्रिटिश कालीन साउथ ब्लॉक से हटकर अब देश की सत्ता का केंद्र 'कर्तव्य पथ' होगा। अत्याधुनिक सुविधाओं और पर्यावरण अनुकूल तकनीक से लैस यह परिसर 'आत्मनिर्भर भारत' की नई प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रतीक है।

Seva Teerth PMO Inauguration : विरासत के साये से बाहर निकलता नया भारत- 'सेवा तीर्थ' बना देश की सत्ता का नया केंद्र
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : भारत के राजनीतिक इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। दशकों से रायसीना हिल्स और ब्रिटिश काल की वास्तुकला के प्रतीक 'साउथ ब्लॉक' से चलने वाली देश की सरकार अब एक नए और आधुनिक ठिकाने पर स्थानांतरित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर करीब 1:30 बजे कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नए परिसर 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन (Seva Teerth PMO Inauguration) करेंगे। यह केवल एक इमारत का उद्घाटन नहीं है, बल्कि औपनिवेशिक मानसिकता की बेड़ियों को तोड़कर 'आत्मनिर्भर भारत' की नई प्रशासनिक कार्यप्रणाली का शंखनाद है। 'सेवा तीर्थ' के साथ-साथ प्रधानमंत्री 'कर्तव्य भवन-1' और 'कर्तव्य भवन-2' का भी लोकार्पण करेंगे, जहाँ देश के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालय एक ही छत के नीचे काम करेंगे।

Seva Teerth PMO Inauguration : साउथ ब्लॉक की यादें और 'सेवा तीर्थ' का संकल्प

1911 में जब अंग्रेजों ने कलकत्ता से दिल्ली राजधानी स्थानांतरित की थी, तब लुटियंस दिल्ली की इन इमारतों को ब्रिटिश हुकूमत की धमक दिखाने के लिए बनाया गया था। साउथ ब्लॉक की मोटी दीवारें और ऊंचे गुंबद कभी सत्ता के गलियारों में आम आदमी की पहुंच से दूर माने जाते थे। लेकिन आज, प्रधानमंत्री मोदी जिस 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन करने जा रहे हैं, उसका नाम ही अपने आप में एक संदेश है, 'सत्ता नहीं, सेवा'। शाम करीब 6 बजे प्रधानमंत्री इस नवनिर्मित परिसर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जहाँ वे राष्ट्र को शासन के इस नए विज़न के बारे में विस्तार से बताएंगे।

Seva Teerth PMO Inauguration : प्रशासनिक ढांचा- एक छत के नीचे पूरी सरकार

'सेवा तीर्थ' सिर्फ प्रधानमंत्री का दफ्तर भर नहीं है। यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और कैबिनेट निर्णयों का तंत्रिका केंद्र (Nerve Centre) होगा। इस परिसर में निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यालय स्थित होंगे:

1. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
2. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS)
3. कैबिनेट सचिवालय

वहीं, 'कर्तव्य भवन-1 और 2' में देश के 12 से अधिक हाई-प्रोफाइल मंत्रालयों को जगह दी गई है। इसमें वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, विधि एवं न्याय, और कृषि जैसे मंत्रालय शामिल हैं। अब तक ये मंत्रालय अलग-अलग इमारतों में बिखरे हुए थे, जिससे अंतर-विभागीय समन्वय में देरी होती थी। अब 'डिजिटली इंटीग्रेटेड ऑफिस' के माध्यम से फाइलें दौड़ेंगी नहीं, बल्कि क्लिक पर उपलब्ध होंगी।

Seva Teerth PMO Inauguration : तकनीक और सुरक्षा का बेजोड़ संगम

एक पत्रकार के नजरिए से देखें तो 'सेवा तीर्थ' की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 'फ्यूचर-रेडी' तकनीक है। साउथ ब्लॉक जैसी पुरानी इमारतों में आधुनिक केबलिंग, हाई-स्पीड इंटरनेट और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों को फिट करना एक बड़ी चुनौती थी। 'सेवा तीर्थ' को इन सभी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही डिजाइन किया गया है। 

  • स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल: सुरक्षा के इतने पुख्ता इंतजाम हैं कि बिना डिजिटल अनुमति के परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
  • निगरानी नेटवर्क: पूरे परिसर में एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है।
  • सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन: आगंतुकों और आम जनता के लिए एक सुव्यवस्थित इंटरफेस जोन बनाया गया है, ताकि शासन में पारदर्शिता और सुगमता बनी रहे।

Seva Teerth PMO Inauguration : पर्यावरण का प्रहरी- 4-स्टार GRIHA मानक

आज के दौर में जब दुनिया जलवायु परिवर्तन से जूझ रही है, भारत सरकार ने एक मिसाल पेश की है। 'सेवा तीर्थ' और 'कर्तव्य भवन' को 4-स्टार GRIHA (Green Rating for Integrated Habitat Assessment) मानकों के अनुरूप बनाया गया है।

इसकी विशेषताओं पर नजर डालें तो:-

 नवीकरणीय ऊर्जा: परिसर की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होगा।
 जल संरक्षण: वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण की आधुनिक व्यवस्था है।
 वेस्ट मैनेजमेंट: जीरो-वेस्ट डिस्चार्ज की नीति पर काम करते हुए कचरे के निस्तारण के लिए इन-हाउस प्लांट लगाए गए हैं।
 हाई-परफॉरमेंस बिल्डिंग एनवेलप: इस तकनीक के कारण इमारत के भीतर का तापमान प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रहेगा, जिससे एयर कंडीशनिंग पर निर्भरता कम होगी।

Seva Teerth PMO Inauguration : क्यों जरूरी था यह बदलाव?

आलोचक अक्सर सवाल उठाते हैं कि पुरानी इमारतों से काम क्यों नहीं चल सकता था? इसका सीधा जवाब है, बदलता समय और बढ़ती जरूरतें। साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें 100 साल से भी अधिक पुरानी हो चुकी हैं। वहां न तो पर्याप्त जगह थी और न ही आधुनिक अग्नि सुरक्षा मानक। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "पुरानी इमारतों में सीलन, बिजली के तारों का मकड़जाल और जगह की कमी के कारण कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित होती थी। 'सेवा तीर्थ' में कर्मचारियों के कल्याण (Employee Well-being) का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे काम के माहौल में सकारात्मक बदलाव आएगा।"

Seva Teerth PMO Inauguration :  'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस'

'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन प्रधानमंत्री के उस विजन का हिस्सा है जिसे वे 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' कहते हैं। जब प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री एक ही परिसर में होंगे, तो नीतिगत फैसलों में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। यह 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ-साथ 'ईज ऑफ लिविंग' की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। आज जब शाम को कर्तव्य पथ की लाइटें जलेंगी, तो 'सेवा तीर्थ' की चमक केवल पत्थरों की चमक नहीं होगी, बल्कि वह एक नए, आधुनिक और सशक्त भारत के आत्मविश्वास की चमक होगी। यह इमारत आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाएगी कि भारत अब अपनी नियति खुद लिख रहा है।

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