Pulwama Attack 7th Anniversary: पुलवामा आतंकी हमले को सात साल हो गए हैं। यह भारत के इतिहास का एक दुखद अध्याय था जब देश ने आतंकी हमले में 40 बहादुर CRPF जवानों को खो दिया था। पूरा देश उन बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दे रहा है। 14 फरवरी को शहीद हुए वीरों को याद करने और उनके बलिदान का सम्मान करने के लिए 'ब्लैक डे' के रूप में मनाया जाता है। हर साल देश शहीदों को श्रद्धांजलि देता है।
पुलवामा हमले की बरसी पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के प्रति उनकी वफादारी, दृढ़ संकल्प और सेवा हमेशा हमारी सामूहिक चेतना में अमिट रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "2019 में आज के दिन पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर नायकों को याद कर रहा हूं। देश के प्रति उनकी वफादारी, दृढ़ संकल्प और सेवा हमेशा हमारी सामूहिक चेतना में अमिट रहेगी। हर भारतीय उनके अटूट साहस से ताकत लेता है।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पुलवामा हमले में शहीद हुए बहादुर सैनिकों को याद किया। उन्होंने लिखा, "हमारे अमर सैनिकों का बलिदान भारतीय वीरता के अजेय संकल्प का उद्घोष है, जो हमें आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हमेशा प्रेरित करता है।" खड़गे ने दी बधाई कई विपक्षी नेताओं ने भी पुलवामा हमले में शहीद हुए बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा, "हम पुलवामा में अपनी जान कुर्बान करने वाले भारत माता के वीर शहीदों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।" खड़गे ने 'X' पोस्ट में लिखा, "बहादुर सैनिकों का अदम्य साहस और अटूट समर्पण हमेशा हमारी यादों में रहेगा। उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा अमर रहेगा। हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे।"
पुलवामा हमले की बरसी को लेकर जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी। हमले की सातवीं बरसी से पहले, जम्मू-कश्मीर पुलिस शुक्रवार से श्रीनगर और दूसरी जगहों के व्यस्त इलाकों में सरप्राइज चेकिंग कर रही है। सुरक्ष बल चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है।
यह जानलेवा आतंकवादी हमला 14 फरवरी, 2019 को हुआ था, जब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर 2,500 से ज़्यादा CRPF जवानों को ले जा रहे एक काफिले पर हमला हुआ था। विस्फोटकों से लदी एक अल्ट्रा-मॉडिफाइड गाड़ी CRPF जवानों को ले जा रही बस से टकरा गई थी। इस धमाके में 40 जवान शहीद हो गए और 35 से ज़्यादा घायल हो गए। पाकिस्तानी आतंकवादी ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की ज़िम्मेदारी ली थी। इस हमले के बाद, 26 फरवरी, 2019 को इंडियन एयर फ़ोर्स ने बालाकोट के पास एयरस्ट्राइक की, जिसमें उन जगहों को टारगेट किया गया जिन पर टेररिस्ट ट्रेनिंग सेंटर होने का शक था।
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