Kangra Earthquake: हिमाचल प्रदेश (himachal pradesh) में इन दिन हर तरफ कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। भारी बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन ने राज्य में पहले ही तबाही मचा रखी है। वहीं अब भूकंप के झटकों से एक बार हिमाचल प्रदेश की धरती हिल गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने भूकंप की पुष्टि करते हुए बताया कि शिमला-कांगड़ा समेत कई इलाकों में सुबह करीब 9.30 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए और धरती 3 बार हिली। हालांकि जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन झटकों के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.9 मापी गई। इसका केंद्र कांगड़ा के पास 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
बता दें कि कांगड़ा जिला भूकंप के लिहाज से हिमाचल का सबसे संवेदनशील इलाका है। इस जिले में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र कांगड़ा के पास 10 किलोमीटर की गहराई पर था। कई लोगों ने इस झटके को महसूस किया। गौरतलब है कि कांगड़ा जिला जोन 5 में आता है जो भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। ज़िला कांगड़ा वर्ष 1905 में रिक्टर पैमाने पर 7.8 तीव्रता का एक बड़ा भूकंप झेल चुका है। पिछले कुछ वर्षों से कांगड़ा ज़िले में लगातार भूकंप आते रहे हैं।
बता दें कि आज असम के नौगांव में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। 17 अगस्त को राजस्थान के चुरू में 3.1 तीव्रता और सिक्किम में 2.8 तीव्रता का भूकंप आया था। जब धरती के नीचे स्थित 7 टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो उनसे निकलने वाली तरंगों का कंपन धरती को हिला देता है, जिसे भूकंप कहते हैं। भूकंप ऊपर के उन इलाकों में तबाही मचाते हैं जहाँ प्लेटें टकराती हैं। भूकंप की दृष्टि से पूरे देश को 5 ज़ोन में बांटा गया है और पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश ज़ोन 5 में आता है, जहाँ भूकंप बड़ी तबाही मचा सकते हैं।
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