यूपी कांग्रेस में पदभार ग्रहण समारोह के दौरान बवाल, समर्थकों में भिड़ंत

खबर सार :-

कांग्रेस पार्टी संगठित होकर एनडीए को सत्ता से बाहर करने का सपना देख रही है। इसके लिए पहले उसे इंडिया गठबंधन को संकठित करना पड़ेगा। लेकिन सवाल यह है कि जब अपनी पार्टी में ही घमासान चल रहा है तो वह गठबंधन कैसे संभाल पाएंगे। भाजपा सही कह रही है कि कंग्रेस समीक्षा नहीे कर सकती है?
लखनऊ के कांग्रेस मुख्यालय में घमासान, गुटबाजी के कारण चले लात-घूंसे

खबर विस्तार : -

लखनऊ, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी लखनऊ मुख्यालय पर रविवार को जबरदस्त घमासान देखने को मिला। यहां पर कांग्रेस पार्टी के अपने ही लोगों में जमकर मारपीट हुई। वैसे तो यहां कांग्रेस कई गुटों में बटी हुई है, लेकिन मामूली कहासुनी के बाद विवाद इस तरह से बढ़ जाएगा, इस तरह सोचा नहीं गया होगा। कहासुनी के बाद गाली गलौज तक विवाद पहुंच गया। हंगामा शुरू हो होने पर अफरातफरी के बीच कई बड़े नेता वहां पहुंचे थे। उन्होंने मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक यहां बहुत कुछ हो चुका था।

कांग्रेस की हालत लोगों के सामने आ चुकी है। कांग्रेस  मुख्यालय में जो देखा गया, उससे उनको अंदाजा लगा लेना चाहिए कि वह खुद कितने संगठित हैं। यहां पर कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण का समारोह था, जबकि नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा भी यहां पर मौजूद रहीं। जानकारी तो यह भी है कि केंद्र की राजनीति में सक्रिय नेता भी यहां पर मौजूद रहे। घटना के बाद मुख्यालय में करीब आधा घंटा तक कोई काम नहीं हुआ। एक दूसरे को मनाने और समझने की कोशिशंे चलती रहीे। 

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विवाद बढ़ते ही हाथों में आ गए जूता-चप्पल

जानकारी के अनुसार कांग्रेस मुख्यालय में अजय राय जैसे ही अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, वहां पर ममता चौधरी के कार्यकर्ताओं ने कहासुनी शुरू कर दी। गर्मागर्मी की बातचीत में हंगामा बढ़ता गया और मारपीट तक बात पहुंच गई। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच अजय राय कार्यालय से बाहर चले गए। उन्होंने समर्थकों से संबंधित महिला नेता को बाहर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमारी मांग पूरी होने के बाद हम कार्यालय के अंदर आएंगे। इस मामले ने तूल पकड़ लिया और काफी देर तक कोई काम नहीं हुए।

पदभार ग्रहण समारोह का जो उत्सव मनाना था, वह हंगामें के बीच चला गया। विवाद इतना बढ़ा की धक्का मुक्की, गाली-गलौज और जूता, चप्पल हाथों में आ गए। महिला कार्यकर्ताओं ने कहा उनके साथ अभद्रता हुई है। यद्यपि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। सोशल मीडिया पर उनके कार्यकर्ताओं ने पोस्ट किए हैं। वीडियो बनाए गए हैं और वह अब वायरल हो रहे हैं। विवाद के बाद प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष ने राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद को पूरी बातें बताईं। काफी देर तक उन्होंने अजय राय को समझाया और कार्यालय ले गए। बहरहाल, कांग्रेस में इन दिनों नियंत्रण की स्थिति नहीं है। 

महिला नेत्री से हुई थी कहासुनी की शुरुआत

महिला नेता ममता चौधरी और अजय राय के बीच बातचीत के दौरान स्थिति काफी देर बात संभल सकी। अजय राय काफी देर बाद बाहर ही रहे। पदभार ग्रहण करने के दौरान मौजूद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई और इसी दौरान बहस शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अपने साथ बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया।

जब मामला बहुत बढ़ गया तो राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने हस्तक्षेप किया। इसी दौरान नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने लोगों को समझा कर सुलह करने की कोशिश की। प्रमोद तिवारी के आश्वासन देने के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पार्टी कार्यालय पहुंचे। समारोह के दौरान आपसी मतभेदों के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ था। इसके वीडियो बनाए गए और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उसे सोशल मीडिया पर डाला। 

कांग्रेस की अंदरूनी कलह बाहर निकलकर पहली बार इस तरह से आई है। मुख्यालय में कहासुनी तो हुई है, लेकिन मारपीट इस स्तर तक कभी नहीं पहुंची। उच्च पदों पर बैठे हुए लोगों को यह समझना चाहिए की पार्टी में क्या चल रहा ह?ै पदाधिकारियों की गतिविधियां समझने की जरूरत है। आने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ऐसे विषयों को मुद्दा बना सकती है। वहीं, अध्यक्ष जैसे पदों पर बैठे हुए लोग इस तरह की हरकत करें तो कार्यकर्ताओं पर उसका बुरा असर पड़ेगा।

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