सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, राहुल गांधी बिगड़े दिल शहजादे, गृह मंत्री बिंदुवार जवाब देने को तैयार, सदन से भाग रही कांग्रेस
खबर सार :-
नई दिल्ली: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर खूब तंज कसे। उन्होंने कहा कि “होंगे राजे-राजकुमार, ये बिगड़े दिल शहजादे” जब जब सदन में एचएम और पीएम बोले, यह तब तब सदन छोड़कर भागे। त्रिवेदी ने राहुल गांधी को बिगड़ा हुआ शहजादा बताया।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान दावा किया और राहुल गांधी को चुनौती दी है कि गृह मंत्री सदन में आकर बिंदुवार जवाब देने को तैयार हैं। आप सदन छोड़कर न भागो। दरअसल, सदन में राहुल गांधी ने गृहमंत्री पर आरोप लगाए थे। राज्य सभा में भी अमित शाह का जवाब मांगा जा रहा था। अब अमितषाह संसद में जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष की ओर से राहुल गांधी खुद नहीं पहुंच रहे हैं। इसीलिए मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सांसद ने दावा किया और राहुल गांधी को चुनौती दी है कि गृह मंत्री सदन में आकर बिंदुवार जवाब देने को तैयार हैं। राहुल के लिए कहा गया कि आप सदन छोड़कर न भागो।
राहुल गांधी के कान पूरी तरह से बंद
भाजपा सांसद का यह तंज राहुल गांधी के उस दावे पर किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह सदन में उनके सामने खड़े नहीं हो सकते। सुधांशु ने कहा कि जिनका इतिहास ही सदन छोड़ने का है, वह दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं। सदन में गृहमंत्री का जवाब सुनने के लिए राहुल को बैठना चाहिए। रांची में छात्रों के आंदोलन का जिक्र भी उन्होंने किया और कहा कि रांची में अनुशासित, मर्यादित छात्र जो पूर्णतः गैर राजनीतिक, सामान्य, समुचित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ जो व्यवहार हो रहा है वह अनुचित है। बता दें कि दिल्ली में छात्रों ने पुलिस के साथ मारपीट की थी। कांग्रेस ने छात्रों का पक्ष लेकर सदन नहीं चलने दिया। अब जहां छात्र पिटे हैं, वहां के मामले में राहुल गांधी चुप हैं। यही बात आज भाजपा सांसद ने कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कान पूरी तरह से बंद हैं।
रांची के छात्रों की गूंज उन्हें सुनाई नहीं दे रही
रांची के छात्रों की गूंज उन्हें सुनाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान सदन से भागते हैं और सत्र के बाद विदेश भागते हैं। विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब खड़गे जैसे सीनियर नेताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद संभाला फिर भी सदन चलने नहीं दिया जा रहा। इससे पहले अधीर रंजन चौधरी, अरुण जेटली, अटल जी के समय की याद दिलाते कहा कि सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह विपक्ष में थे, तब भी ऐसा नजारा नहीे देखा गया था। यह स्वाभाविक है कि इस बार भी वे सत्र के बाद विदेश भागेंगे। उन्होंने कहा कि भागने से पहलेे इतनी हिम्मत जुटाइए, इतना साहस जुटाइए और गृह मंत्री का वक्तव्य सुनकर जाइए। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद का मानसून सत्र अपने आखिरी दौर में है।
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देश के सर्वोच्च सदन को बंधक बना लिया!
इस सत्र के दौरान सदन में खूब हंगामा हो रहा है। ऐसा लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती है। सांसद के अनुसार, संविधान निर्माताओं ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि कोई व्यक्ति, जो अहंकार और मनमानी के कारण देश के सर्वोच्च सदन को बंधक बना लेगा। यह कठोर टिप्पणी विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए थी। उनके अनुसार किसी बिगड़े हुए राजकुमार की तरह राहुल का व्यवहार है और उन्होंने देश के सर्वोच्च सदन को बंधक बना लिया। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसका उदाहरण भी दिया और बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में हमने देखा है कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी चर्चा चाहते ही नहीं हैं।
एक ही सत्र में सरकार से कई मांग
सांसद ने कहा कि विपक्ष ने अपने व्यवहार से लगातार यह दिखाया है कि वे सदन में कोई सार्थक चर्चा नहीं होने देना चाहते। वह लोग रोज अपनी मांगें बदलते हैं। पहले नीट परीक्षा से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग। उसके बाद कड़े कानून की मांग की। इसके बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद छात्रों से जुड़े केस वापिस करने की मांग की। फिर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि गृह मंत्री से सदन में जवाब चाह रहे थे।
सरकार ने मानी उनकी सभी मांग
पहले विपक्ष कड़े कानूनों की मांग कर रहा था। जैसा कि छात्रों ने चाहा था और उसे भी स्वीकार कर लिया गया। कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी और एक नया बिल भी पेश किया गया। इसके बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। सरकार ने उसे भी मान लिया गया। छात्रों से जुड़े केस वापिस लिए जाने की मांग भी मान ली। बाद में अड़ रहे कि गृह मंत्री सदन में आएं और बयान दें। उस मांग को भी मान लिया गया। भाजपा कह रही है कि अब जब गृह मंत्री सदन में आकर जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो वे संसद को काम क्यों नहीं करने दे रहे हैं।
पहले भी विपक्ष ने ऐसा ही किया
जब किसी विधेयक पर अंतिम जवाब दिया जाता है तो कांग्रेस पार्टी के लोग बाहर चले जाते हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी का जवाब नहीं सुना। मणिपुर पर पीएम मोदी का जवाब नहीं सुना। भाजपा सांसद का कहना है कि अब मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं, गृह मंत्री सदन में आकर बिंदुवार जवाब देने को तैयार हैं, आप सदन से भागिए मत।
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