ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, ईवीएम से ज्यादा सीईसी पर हमला

खबर सार :-

समूचा विपक्ष इन दिनों लामबंद है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर विपक्ष के शब्दबाण,  निशाने पर गृहमंत्री भी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, विपक्ष इन दिनों मुख्य चुनाव आयोग को घेर रहा है। भाजपा को जिताने वाली मशीन ईवीएम को नहीं, ज्ञानेश कुमार को बता रहा है। पिछले दिनों बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि ज्ञानेश कुमार ने भाजपा को जिताने के लिए लाखों लोगों को मताधिकार से वंचित कर दिया।  

संजय राउत ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला

गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भारत के चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। यद्यपि संजय राउत पहले नेता नहीं हैं, जो ऐसे शब्द इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले बिहार के एक नेता अपने विवादित बयान पर आज भी दम भरते रहे। उन्होंने अपने आप को फूलनदेवी का वंशज बताया। कहा कि वह हथियार भी उठाना जानते हैं। अब संजय राउत ने आरोप लगाया कि वे केंद्र सरकार के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। चुनाव आयोग को माफिया संगठन की तरह चला रहे हैं।

दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाएगा विपक्ष

राउत ने कहा कि विपक्ष संसद के दोनों सदनों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाएगा। राउत ने मांग की कि उन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कई शब्दों का इस्तेमाल किया, जिनको वह खुद के लिए शायद ही पसंद करें। वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म 6 में हाल ही में किए गए बदलावों पर  सवाल उठाए। राउत ने सवाल उठाया क्या, आपके यानी चुनाव आयुक्त के पूर्वज कौन थे। उन्होंने कहा कि सीईसी ने संवैधानिक पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया हैं।

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चुनाव आयोग को लोकतंत्र का कत्लखाना बताया

ऐसे ही सवाल भाजपा की ओर से उद्धव ठाकरे की शिवसेना से उस दौरान किया था, जब चुनाव भाजपा के साथ लड़ा और सरकार कांग्रेस के साथ बनाई थी। भाजपा कहती रही कि उद्धव ने जनता के साथ विश्वासघात किया। राउत उसी पार्टी के नेता हैं। ज्ञानेश कुमार एक संवैधानिक पद पर हैं। उनको माफिया कहना, छोटा शकील कहना या फिर राजनीतिक शार्पशूटर कहने के पीछे का कारण भी सभी जानते हैं।

महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सभी पार्टियों के सांसदों से हस्ताक्षर अभियान चलाने के लिए कहा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञानेश कुमार का बॉस कहा गया है। चुनाव आयोग को लोकतंत्र का कत्लखाना बताया गया है। संजय राउत ने कई बार अमितशाह को बॉस बताया। उन्होंने कहा कि बॉस के इशारे पर सब हो रहा है। उन्होंने कहा कि बॉस के इशारे पर छोटा शकील काम कर रहा है।

उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव एकजुट

राउत ने कहा कि महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में बीजेपी और उसके सहयोगियों की हालिया चुनावी जीत ज्ञानेश कुमार द्वारा रची गई वोटर धोखाधड़ी से हासिल हुई थी। विपक्ष की लामबंदी चुनाव हारने के बाद बढ़ी है। उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नाराजगी जताई है। बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी भी यह मांग कर चुके हैं। कभी राजनीतिक डाकू, कभी सरगना, कभी मास्टर माइंड आदि शब्द खूब उछाले जा रहे हैं।

सहयोगी चुनाव आयुक्त के आरोप बने मुद्दा

अब चर्चा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्षी दलों का इंडी गठबंधन नए सिरे से प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इसके लिए कांग्रेस की पहल पर विपक्षी दलों ने संशोधित नोटिस लाने पर सहमति बनाई है। विपक्ष ने इससे पहले 24 अप्रैल को राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नोटिस दिया था।

पिछले दिन ममता बनर्जी यह बात कह चुकी हैं। राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दोनों सहयोगी चुनाव आयुक्त ने आरोप लगाए हैं कि कई बार उनसे बिना पूछे या सहमति के ही फैसले लिए गए हैं। इसी को विपक्ष भुनाना चाह रहा है। 

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