मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को दी धमकी, बोले- एक खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार देता
खबर सार :-
Mukesh Sahani-CEC Gyanesh Kumar: मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर उन्हें एक खून करने की छूट मिल जाए, तो वे ज्ञानेश कुमार को गोली मार देंगे। सहनी के इस विवादित बयान के बाद हंगामा मच गया है।
खबर विस्तार : -
Mukesh Sahani-CEC Gyanesh Kumar: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर एक विवादित बयान दिया है। सहनी ने कहा कि अगर एक खून माफ होता, तो वह ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। पटना में मीडिया से बात करते हुए, सहनी ने पहले बिहार और केंद्र सरकार दोनों पर निशाना साधा; इसके बाद, ज्ञानेश कुमार पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए उन्होंने उन्हें गोली मारने की बात कही।
मुकेश सहनी का CEC पर विवादित बयान
दरअसल पटना में VIP प्रमुख मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) ने मीडिया से बात करते हुए बिहार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुकेश सहनी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भड़के हुए थे। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहा है और भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।
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मुकेश सहनी ने कहा, "यह चुनाव आयोग असल में भाजपा का आयोग बन गया है। मैं ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) से कहना चाहता हूं- समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता थोड़ी शर्म करो; तुम देश के संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हो। अगर मुझको एक खून माफ होता, तो मैं सबसे पहले ज्ञानेश को गोली मार देता। लेकिन क्या किया जा सकता है? वे भविष्य में बच नहीं पाएंगे। 2029 में राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनेगी, और जेल जाने वाले पहले व्यक्ति वही होंगे। उनका साथ देने वाले भी जेल जाएंगे। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।"
पीएम मोदी पर भी साधा निशाना
PM Modi पर निशाना साधते हुए कहा, जिनके हाथ में देश की बागडोर है, वे ही यह सब करवा रहे हैं। लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान को कुचला जा रहा है। देश की 1.4 अरब जनता को अंधेरे में रखा जा रहा है। चुनाव किसी राजनेता के लिए नहीं होते; वे देश की जनता के लिए होते हैं। अगर कोई नेता अपना काम ठीक से नहीं करता है, तो जनता के पास उसे पद से हटाने की शक्ति होती है।" वहीं जब लात मारकर कुर्ती से उतारने का समय आता है तो ऐसे-ऐसे चुनाव आयोग को कॉम्प्रोमाइज करके और बहुमत अपने पक्ष में करा लिया जाता है।
सेना को खड़ा करके पश्चिम बंगाल में बनाई सरकार
मुकेश सहनी ने कहा, "बंगाल में ताकत का इस्तेमाल करके और 27 लाख वोट हटाकर सरकार बनाई गई। बिहार चुनावों में, लोगों के खातों में 10,000 जमा करके नतीजों को अपने पक्ष में किया गया। चुनाव आयोग असल में बीजेपी का आयोग बन गया है। मैं ज्ञानेश कुमार से कहना चाहता हूं कि समय बदलता रहता है; हर दिन एक जैसा नहीं होता। देश के संविधान के साथ जिस तरह से छेड़छाड़ की जा रही है, उस पर उन्हें कुछ शर्म आनी चाहिए।"
CEC ज्ञानेश कुमार पर लगे ये गंभीर आरोप
अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई राज्यों में आपत्तियां जताई थीं। इन आपत्तियों में मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने, फॉर्म 6 में बदलाव और मतदाता सूची डेटा के रखरखाव और प्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराईं। इनमें ऐसे मामले भी शामिल हैं जिनमें फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे। ज्ञानेश कुमार ने इन आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया।
सहनी का ये विवादित बयान चुनाव आयोग पर लगे इन गंभीर आरोपों के बाद आया। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि सभी फैसले जिनमें SIR से जुड़े फैसले भी शामिल हैं तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने आगे कहा कि विचार-विमर्श के दौरान व्यक्त की गई व्यक्तिगत राय या टिप्पणियों को आयोग के अलग फैसले नहीं माना जाता है।
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