जबलपुर में धनतेरस की रात झुग्गी बस्ती में लगी आग, 50 से ज्यादा आशियाने जले

खबर सार :-

जबलपुर, मध्य प्रदेश के जबलपुर में लेमा गार्डन की झुग्गी बस्ती में शुक्रवार-शनिवार की रात करीब 3 बजे भड़की आग से कोहराम मच गया। यहां रात में अचानक आग भड़कने के कारण बस्ती में 50 से ज्यादा घर जल गए।
धू-धूकर जलीं धनतेरस पर दीवाली की खुशियां, जबलपुर की झुग्गियों में देरारात फैली आग

खबर विस्तार : -

जबलपुर, मध्य प्रदेश के जबलपुर में लेमा गार्डन की झुग्गी बस्ती में जिस समय आग लगी थी, चारों ओर चीख पुकार के कारण दूर की कई बस्तियों के लोग मौके पर पहुंच गए। आग लगने की भयावहता को देखते हुए करीब 10 से 12 दमकल की गाड़ियां मौके पर बुलाई गई। दिवाली के मौके पर धनतेरस के दिन लोगों के घर उजड़ जाने से पास पड़ोस के गांव तक में मायूसी छाई हुई है। 

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घर में रखा अनाज भी जलकर राख हो गया

धनतेरस के दिन लोग पूजा पाठ करके सो गए थे। दिवाली की खुशियां मनाने के लिए रात में देर से सोए और जल्दी उठने की तमन्ना थी। यहां के गांधी नगर मैदान की झुग्गी वाले भी इसी खुशियों में मशगूल थे। इन्हें क्या मालूम था की बस्ती में भीषण अग्नि कांड से उनके घरों में दिवाली मनाने वाली वस्तुएं तो दूर पेट भरने के लिए रखा अनाज भी जल जाएगा। अग्निकांड का समय निश्चित तो नहीं बताया गया, लेकिन लोग सो रहे थे। 

आग देख भागते रहे मासूम बच्चे

आधी रात के बाद आग लगने की जानकारी मिली। इस अग्निकांड में करीब 50 से ज्यादा परिवारों के लोग प्रभावित हुए हैं। बताया जाता है कि इस बस्ती में करीब 350 झुग्गियां हैं। इसमें सैकड़ांे की संख्या में लोग रहते हैैं। रात में अधिकांश लोग गहरी नींद में ही सो रहे थे, तभी आग की लपटें तेज हुईं और कुछ लकडियां जलने की आवाज भी हो रही थी। इसी बीच जब कुछ लोगों की नींद खुलती गई, वह बाहर की ओर भागने लगे। चारों तरफ लपटे फैल चुकी थी। बच्चों और परिवारों के लोगों को भी नंगे पांव इधर से उधर भागते हुए देखा गया है।

 कई परिवारों के सपने तो ऐसे चकनाचूर हुए कि घर में रखा एक भी समान सबूत नहीं बचा है। झोपड़ियां की झोपड़ियां राख में तब्दील हो गई हैं। समझदार लोगों ने आग बुझाने के प्रबंध तो किये, लेकिन आग की भयावहता इतनी ज्यादा हो चुकी थी कि इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड को दी गई। जहां से एहतियातन तौर पर कई गाड़ियां मौके पर भेजी र्गइं। फायर ब्रिगेड ने फोन पर ही आगे की स्थिति को भंाप लिया था, इसीलिए करीब 10 से 12 गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।

बिजली विभाग वालों ने भी आपूर्ति ठप कर दी। बताया जा रहा है कि दमकल की ओर से ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने कुछ जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया है की टीम ने काफी प्रयास के बाद आग पर कबू पाया, लेकिन लोगों का सामान बचाने में ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी हैै। दमकल विभाग के कंट्रोल रूम पर जो सूचना दी गई है, उसके अनुसार नगर निगम भी मौके पर पहुंच चुका था। कई वाहनों से पानी को ढोेने का सिलसिला घंटां चलता रहा। आग बुझाने के अभियान में सरकारी प्राइवेट यहां तक की पास पड़ोस की बस्ती वाले भी लगे रहे। 

रात करीब तीन बजे भड़की आग

लगातार कई घंटें तक आसपास की झुग्गियों में फैल रही आग को बुझाने के उपाय किए गए। पूर्व पार्षद ताहिर अली ने बताया कि उन्हें रात करीब 3ः00 बजे आग लगने की जानकारी मिली। आग का कारण फिलहाल सार्ट सर्किट माना जा रहा है। पूूर्व पार्षद ने बताया कि बस्ती में पहले भी कई बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। सीएसपी अखिलेश गौर ने बताया कि पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संभाला। शुरुआती दौर में 30 से 35 झुग्गियों में आग लगने की जानकारी दी गई थी। इस अग्निकांड ने दिवाली की पूरी खुशियां धराशाई कर दी, जिन परिवारों में अभी तो तैयारी हो ही रही थी, वहां भी कुछ बचा नहीं है। लोगों की सालों की मेहनत राख हो चुकी है। 

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