महिला नेताओं ने बजाए ढोल, भाजपा में महिलाओं का जोर

खबर सार :-

भाजपा की महिला नेताओं ने आज जमकर ढोल बजाए। खुशियां मनाई। कहा, 33 फीसदी के करीब संख्या उनकी हो रही है।
BJP में बढ़ी महिला नेताओं की जिम्मेदारी, अब आरक्षण की जरूरत पूरी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी अपनी टीम का विस्तार कर रही है। आज राज्यों के कई पदाधिकारियों की घोषणा इन्ही विस्तार के कारण किया गया है। पार्टी में जब से नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है, लगातार शीघ्रता के साथ फैसले किए जा रहे हैं। 

खुशी में झूमती नजर आईं भाजपा की नेत्री

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की सूची भी इसी कड़ी में जारी की है। पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि नई संगठनात्मक टीम ही तमाम लक्ष्यों को पूरा करेगी। इसमें 21 महिला नेताओं को जिम्मेदारी मिली है। इस नई टीम में अब महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत हो गई है। पार्टी की ओर से यह संदेश दिया गया है कि वह महिलाओं की भागीदारी के प्रति वचनबद्ध है। 

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संगठन की मांग भी पार्टी ने कर दी पूरी

इसमें महिला आरक्षण की मांग पर और बहस पर पार्टी को चुप नहीं रहना पड़ेगा। भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल में महिला नेताओं को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह पदाधिकारी अब अपने संगठन को मजबूत करेंगी। पार्टी का लक्ष्य दूरगामी है। लोकसभा चुनाव और राज्यों के विधानसभा चुनावों में किसी प्रकार की संगठनात्मक बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रभारियों और सह-प्रभारियों की भूमिका संगठन विस्तार, चुनावी तैयारियों, राजनीतिक पहुंच बढ़ाने और राज्य इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करने में अहम मानी जाती है। भाजपा लगातार राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देती रही है। 

महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेंगी महिलाएं

पार्टी महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताती रही है। जिन 21 महिलाओं को स्थान दिया गया है, उनमें राज्य नेतृत्व के साथ समन्वय, संगठन की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह महिलाएं राज्य संगठन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेंगी। महिला नेताओं को पार्टी के महिला मोर्चा जैसे विशेष प्रकोष्ठों से बाहर निकाला जा रहा है।

उनको बड़े पदों पर लाकर बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही हैं। आने वाले समय में आगामी चुनावों और विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों को अभी से देखा जा रहा है। 2027 में राज्यों में कई स्थाना पर चुनाव होने हैं। इनको देखते हुए यह संगठनात्मक पुनर्गठन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा में भी लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देती रही। 

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